04/01/2025
देखते ही देखते बहुत कुछ बदल गया पर अब जो बदलने जा रहा है क्या ही कहा जा सकता है ?
अब शायद यह मैदान यही सोचता होगा।
मैं श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज का मैदान जो आज से कई वर्षों पहले इस कॉलेज से जुड़ा
सब मुझे इंटर कॉलेज भोगपुर s g r r के मैदान के नाम से जानते है
ना जाने कितने लोग बचपन में खेल कर बूढ़े हो गए
ना जाने कितने प्रधानाचार्य को बदलते मेने देखा
ना जाने कितने बच्चे यहां के कॉलेज में पढ़ लिख आगे निकल गए
ना जाने कितने अध्यापकों को मेने आते जाते ओर यहां से सेवानिवृत होते देखा ।
अभी 2 से 3 साल ही हुए कि यहां हर वर्ष की भांति शीतकालीन क्रिकेट का आयोजन न हुआ हो
नहीं तो हर साल कितने ग्रामीण यहां क्रिकेट देखने आया करते थे
बच्चों के मम्मी पापा जब पूछते तो बच्चे मेरे मैदान का नाम ले कर खेलने की बात करा करते थे
बरसात के मौसम में फुटबॉल खेला जाता था तो सर्दियों ओर हल्की गर्मियों में भी क्रिकेट खेला जाता था।
तो कभी कभी छोटे मोटे आयोजन मेरे मैदान ही हो जाते थे।
पर दौड़ते भागते समय ने खेल मेरे साथ ये कैसा खेला
मेरे साथी कॉलेज को भी मुझे जुदा कर दिया।
अब आने वाली पीढी मुझे न जान पाएगी
और जो पीढी चल रही वो भूल न पाएगी।
अल विदा।
मैदान श्री गरु राम राय इंटर कॉलेज भोगपुर!
PS: !