05/02/2019
[05/02, 5:22 pm] NARENDER GUGNANI: असली गरीब जरूरतमंद बच्चे तक पहुंचा रोटी बैंक।।। हरियाणा के दक्षिण रेंज के एडीशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस श्रीकांत जाधव जी द्वारा शुरू की गई रोटी बैंक की मुहिम उस गरीब के मुंह का निवाला बनी है जो सचमुच जरूरतमंद है जिस बच्चे के मां बाप सुबह दिहाड़ी मजदूरी करने के लिए जल्दी जल्दी निकल जाते हैं उनके घर में कई बार मां जल्दी में खाना भी नहीं बना पाती या रात को बाप ने शराब पीकर मार पिटाई की या मजदूर को मजदूरी का पैसा नहीं मिला उसके घर में आटा भी था या नहीं और भी कई इस किस्म की मजबूरियों के कारण कुछ बच्चे भूखे रह जाते हैं उनको एडीजीपी द्वारा शुरू की गई मुहिम जिसमें पुलिस महकमे के सरकारी क्वार्टरों में से पुलिस की जीप रोज सुबह होरन देती है पुलिस कर्मचारियों के परिवार की महिलाएं उस उस आवाज को सुनकर बहुत खुशी से अपने हाथों में कभी रोटी पर घी लगा हुआ किसी ने मक्खन लगाया हुआ किसी के हाथ में प्लेन परांठे किसी के हाथ में आलू के कहीं मक्की की रोटी कहीं बाजरे की अलग अलग तरह से लेकिन प्यार मिश्रित यह भोजन और पुलिस विभाग में बनी हुई रसोई में बनी गरम गरम सब्जी या दाल एक बड़े स्टील के ड्रम में डालकर पुलिस विभाग के 5 कर्मचारी जीप को लेकर सुबह 11:30 से 12:00 के बीच में एस एन झुग्गी झोपड़ी स्कूल कि दोनों शाखाओं में नंबर 1 मकान नंबर 1813 सेक्टर 4 के सामने वाले पार्क में तथा नंबर दो रेजांगला पार्क नजदीक बीएसएनल हुडा बाईपास पर कुल 100 से सवा सौ बच्चों को बड़े प्रेम से अत्यधिक प्रेम से खाना खिलाते हैं जो बच्चे घर से कटोरिया डिब्बा नहीं लाए उनको अपने पास से दोना तथा चम्मच भी देते हैं बच्चों के खाना शुरू करने के बाद लगभग 5 से 10 मिनट रुक कर बार बार पूछते हैं कि किसी को रोटी और सब्जी चाहिए तो ले लो बच्चे खाना खाकर तृप्त होकर पुलिस विभाग के परिवारों को दुआ करते हैं कि परमात्मा उनको खुशियां दे एवं ए डीजीपी साहब का भी शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने सितंबर 18 से जो मुहिम शुरू की है इसलिए वह धन्यवाद के पात्र है इसलिए कुछ बच्चे एक मोमेंटो बनवा कर अपनी अध्यापिका नीलम गुप्ता एवं स्कूल संचालक नरेंद्र गुरनानी के साथ दिल्ली रोड स्थित एडीजीपी कार्यालय में गए तभी पता लगा कि आदरणीय श्रीकांत जाधव जी किसी आवश्यक कार्य से शहर से बाहर जा रहे हैं बच्चे दिल्ली रोड के मुख्य मार्ग पर स्थित उनके कार्यालय के बाहर ही खड़े थे कि इतने में साहब की गाड़ी आ गई उन्होंने जैसे ही बच्चों को देखा गाड़ी रुकवा ई एवं बड़े प्यार से उनके साथ फोटो खिंचवा या और बच्चों को अपने गले लगाया और प्रेम से उनका मोमेंटो स्वीकार किया और उनको आश्वासन दिया कि मैं कुछ ही दिन में आकर आप सब बच्चों के साथ बैठकर बातें करूंगा और आप को अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के लिए जो भी मेरे से संभव होगा मैं आपकी मदद करूंगा स्कूल संचालक नरेंद्र गुगनानी ने उनका धन्यवाद किया एवं अभिनंदन किया उनकी इतनी सादगी की प्रशंसा की कि इतने बड़े अधिकारी होने के बावजूद भी उन्होंने गाड़ी रोककर बच्चों को प्यार किया उन्होंने कहा कि अगर सभी उच्च अधिकारी ऐसे ही इन बच्चों को प्रेम करें तो कोई ताकत विचलित नहीं सकती इन बच्चों को पढ़ लिख कर देश का अच्छा नागरिक बनने से