02/11/2025
टी.आर.एस. कॉलेज, रीवा में जनरल उपेंद्र द्विवेदी का प्रेरक उद्बोधन
युवा अभिप्रेरण कार्यक्रम भव्य रूप से सम्पन्न
रीवा। नैक द्वारा ‘ए’ ग्रेड से प्रत्यायित शासकीय ठाकुर रणमत सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रीवा में मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के संदर्भ में 01 नवंबर 2025 को आयोजित युवा अभिप्रेरण कार्यक्रम अत्यंत प्रेरणादायी एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ, जिसमें भारतीय सेना के थल सेनाध्यक्ष माननीय जनरल उपेंद्र द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथिगण के रूप में मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के न्यायमूर्ति श्री व्ही.के. सिंह, एवं जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र ताम्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी ने की।
दोपहर 02 बजे महाविद्यालय सभागार में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्राचार्य डॉ. अवस्थी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया, तत्पश्चात विद्यार्थियों ने देशभक्ति के नारों के साथ सेनाध्यक्ष का उत्साहपूर्ण अभिनंदन किया। रेड क्रॉस इकाई के छात्रों के द्वारा क्लिपिंग कर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि ने सर्वप्रथम अमर शहीद ठाकुर रणमत सिंह, माँ सरस्वती एवं शहीद पदमधर सिंह की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की एवं तत्पश्चात सभागार पहुँचे, जहाँ सरस्वती वंदना ने वातावरण को भक्ति, ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। इसके पश्चात विभिन्न संकायों की ओर से अतिथियों का सम्मान हुआ- जनभागीदारी समिति की ओर से श्री राजेन्द्र ताम्रकार, डॉ. संजय सिंह द्वारा न्यायमूर्ति श्री व्ही.के. सिंह, डॉ. अजयशंकर पाण्डेय द्वारा उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, डॉ. अच्युत पाण्डेय (विज्ञान संकाय), डॉ. शालिनी दुबे (कला संकाय), डॉ. मनीष शुक्ल (वाणिज्य संकाय) एवं डॉ. महानंद द्विवेदी (प्रशासनिक अधिकारी) द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया।
प्राचार्य डॉ. अवस्थी ने मुख्य अतिथि का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह से सम्मान कर अभिनन्दन पत्र का वाचन एवं भेंट किया। मेजर जनरल उपेन्द्र द्विवेदी द्वारा महाविद्यालय को के-9 वज्र -टी भारत में निर्मित 155 मिमी/52 - कैलिबर ट्रैक्ड स्व-चालित हॉवित्जर टैंक की प्रतिकृति भेंट की। उल्लेखनीय है कि थल सेना अध्यक्ष द्वारा प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी को ‘एवार्ड ऑफ कमेन्डेशन कार्ड’ भेंट किया गया।
न्यायमूर्ति श्री व्ही.के. सिंह ने कहा कि वे छात्र जीवन से ही टी.आर.एस. कॉलेज से प्रभावित रहे हैं। उन्होंने रीवा की सकारात्मक ऊर्जा, भाईचारे और समन्वय की सराहना करते हुए छात्रों को न्याय, नैतिकता और कर्तव्यनिष्ठा का पालन करने की प्रेरणा दी। उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने युवाओं में राष्ट्रभक्ति का भाव जगाते हुए कहा कि राष्ट्र सर्वोपरी है। युवाओं को कर्तव्यभाव से समाज एवं राष्ट्रनिर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह गौरव का क्षण है कि सैनिक स्कूल रीवा के दो पूर्व छात्र आज थल और जल सेना की कमान संभाल रहे हैं।
मुख्य अतिथि थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अत्यंत प्रेरक एवं ऊर्जावान उद्बोधन से छात्रों में नए संकल्प, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार किया। मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए उन्होंने बताया कि उनके पिता श्री कृष्ण द्विवेदी की शिक्षा इसी महाविद्यालय में हुई थी, अतः उनकी परवरिश में इस संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि रीवा की भूमि ने अनेक वीर सपूत राष्ट्र को दिए हैं, जिनमें कई वीर चक्र, शौर्य चक्र और अन्य सम्मान प्राप्त योद्धा शामिल हैं। वर्तमान में रीवा जिले के 350 अधिकारी और 500 अग्निवीर देश की सेवा में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है- यह युवा शक्ति तकनीकी व सामाजिक रूप से सजग है। उन्होंने छात्रों को आत्मविश्वास, साहस, मातृभूमि प्रेम, एकता-अखंडता, तथा “जहाँ हैं, वहीं से आरंभ करें” का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “एक और एक ग्यारह होते हैं; सामूहिक प्रयास से ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य समय से पहले प्राप्त किया जा सकता है। यदि आपके पास विचार है, तो उसे कार्यरूप दें, सफलता स्वयं आपके पास आएगी।”
कार्यक्रम का संचालन प्रो. अखिलेश शुक्ल ने अत्यंत कुशलता, संयम एवं प्रभावशीलता के साथ किया। कार्यक्रम के संयोजक एवं सूत्रधार डॉ. अमित तिवारी, विभागाध्यक्ष प्राणीशास्त्र, ने उत्कृष्ट समन्वय से आयोजन को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया। अंत में डॉ. शिप्रा द्विवेदी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया और राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। समारोह उपरांत एन.सी.सी. कैडेट्स एवं संकाय सदस्यों ने मुख्य अतिथि से भेंट कर मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस भव्य आयोजन ने टी.आर.एस. कॉलेज के गौरव, शैक्षणिक समृद्धि एवं युवाओं में राष्ट्रधर्म, आत्मविश्वास और चरित्रनिर्माण की भावना को और अधिक प्रखर बना दिया।