24/01/2026
श्रीराम ने सागर को सुखाने के लिए ब्रह्मास्त्र का किया संधान
सागर से कोई प्रतिक्रिया मिलने में क्रोधित श्रीराम कहते है कि संसार ने उनकी कृपा देखी है, उनका कोप नहीं देखा है। वह लक्ष्मण से अपना धनुष और सर्पों के समान भयंकर बाण माँगते है। यह सुन लक्ष्मण कहता है कि यदि यह कार्य उसी क्षण कर लेते तो हमारे तीन दिन व्यर्थ न जाते है। श्रीराम कहते है कि अब एक क्षण व्यर्थ नहीं जाने देंगे। जैसे मूर्खों के सामने विनय दिखाना, मोह में फंसे को ममता का ज्ञान देना, उसर धरती पर बीज बोना विफल होता है, उसी प्रकार सागर जैसे अहंकारी पर मेरी पूजा का मोल नहीं पड़ा। मैंने समस्त समुद्र को सुखा देने की शक्ति रखते हुए भी वरुण देवता का मान रखते हुए सेना सहित पार जाने के लिए समुद्र की सच्चे हृदय से पूजा की थी, लेकिन इसने मेरा उपहास किया। अतः अब मैं ब्रह्मास्त्र से इस सागर को सुखा दूँगा। यह कह श्रीराम अपने धनुष पर ब्रह्मास्त्र का संधान कर लेते है।
रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी। इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित 'रामायण' और तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' पर आधारित है। इस धारावाहिक को रिकॉर्ड 82 प्रतिशत दर्शकों ने देखा था, जो किसी भी भारतीय टेलीविजन श्रृंखला के लिए एक कीर्तिमान है।