21/10/2022
#आज़ाद_हिंद_फौज की स्थापना दिवस पर ीदों को शत शत नमन ।।।
🇮🇳 जय भारत जय किसान 🇮🇳
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में 21 अक्टूबर 1943 को ' #आजाद_हिंद_सरकार' का गठन हुआ था. आज 'Azad Hind Sarkar' की 79वीं वर्षगांठ है. सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose) ने आजाद हिंद फौज के कमांडर की हैसियत से भारत की अस्थायी सरकार बनायी, जिसे जर्मनी, जापान, फिलीपीन्स, कोरिया, चीन, इटली, मान्चुको और आयरलैंड ने मान्यता दी थी. सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose) का मानना था कि अंग्रेजों के मजबूत शासन को केवल सशस्त्र विद्रोह के जरिए ही चुनौती दी जा सकती है. 1921 में #प्रशासनिक_सेवा की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर देश की आजादी की लड़ाई में उतरे सुभाष चंद्र बोस को उनके उग्र विचारों के कारण देश के युवा वर्ग का व्यापक समर्थन मिला और उन्होंने आजाद हिंद फौज (Azad Hind Fauj) में भर्ती होने वाले नौजवानों को ‘‘ #तुम_मुझे_खून_दो, #मैं_तुम्हें_आजादी_दूंगा'' का ओजपूर्ण नारा दिया. आजाद हिंद सरकार ने देश से बाहर अंग्रेज हुकूमत के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और आजादी की लड़ाई में एक तरह से परोक्ष रूप से अहम भूमिका निंभाई थी. इसका नेतृत्व सुभाष चंद्र बोस (Subhash Chandra Bose) कर रहे थे. जर्मनी से एक 'यू बॉट' से दक्षिण एशिया आए, फिर वहां से जापान गये. जापान से वें सिंगापुर आये जहां आजा़द हिन्द की आस्थाई सरकार की नींव रखी गयी. साल 1943 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में प्रातीय आजाद हिंद सरकार (Azad Hind Government) की स्थापना की थी. उस समय 11 देशों की सरकारों ने आजाद हिंद सरकार को मान्यता दी थी. उस सरकार ने कई देशों में अपने दूतावास भी खोले थे. इसके अलावा आजाद हिंद फौज (Azad Hind) ने बर्मा की सीमा पर अंग्रेजों के खिलाफ जोरदार लड़ाई लड़ी थी।
🙏जय जवान जय किसान🙏