07/07/2022
*स्कूली बच्चों ने वृक्षारोपण कर स्वच्छ पर्यावरण : स्वस्थ जीवन का दिया संदेश*
जब धरती पर रहेंगे वन, तभी मिलेगा हमें स्वच्छ जीवन... आज स्कूल के बच्चों द्वारा इसी संकल्प के साथ विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर 'वन महोत्सव' मनाया गया। कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वेक्षण के नगर ब्रांड एम्बेसडर डॉ. स्वयंभू शलभ बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। कार्यक्रम का आरंभ डॉ. शलभ ने उपस्थित शिक्षकों और छात्रों के बीच पौधरोपण कर किया। फिर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इस पृथ्वी पर यदि हमें जीना है तो पेड़ लगाने होंगे और वनों को बचाना होगा। समझना होगा कि ये वृक्ष हमारे जीवन का पर्याय हैं। बताया कि भारत में प्रतिवर्ष जुलाई माह के पहले सप्ताह को 'वन महोत्सव' के रूप में मनाया जाता है। पूरे एक सप्ताह तक चलने वाले इस महोत्सव का उद्देश्य लोगों को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक करना है, जैव विविधता के महत्व को बताना है।
छात्र छात्राओं ने विभिन्न पोस्टर, बैनर और तख्तियों पर लिखे संदेश के जरिये पर्यावरण की रक्षा करने और आने वाली पीढ़ियों को बचाने की अपील की।
वर्ग 10 के रजनीश, सत्यम, कुणाल, राहुल, पलक और सोनाली समूह ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हम वनों की उपयोगिता को भूलते जा रहे हैं। हम पर वनों जंगलों को खत्म कर कंक्रीट का जंगल बनाने की धुन सवार है जिससे लाखों पशु पक्षी विलुप्त होते जा रहे हैं। पेड़ों की छांव की जगह फैक्ट्रियों के कूड़े करकट ने ले ली है। आज हम स्वच्छ हवा में सांस लेने तक को तरस गए हैं।
वर्ग 9 के निहाल, आदित्य, कुणाल, सोनू, शिवानी और आराध्या समूह ने बताया कि पर्यावरणीय असंतुलन बढ़ने के कारण कभी हम प्रचंड गर्मी से तिलमिलाने लगते हैं तो कभी अंधाधुंध बारिश से, कहीं सूखा पड़ रहा है तो कहीं ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है। नदी, नाले सूखते जा रहे हैं। प्राकृतिक आपदाएं नए नए रूप में सामने आ रही हैं। अब भी नहीं चेते तो यह पृथ्वी मनुष्यों के रहने के लिए अनुकूल जगह नहीं रह जायेगी।