21/06/2026
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर महाविद्यालय में आयोजित याेग कार्यक्रम का आयोजन
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21/06/2026
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर महाविद्यालय में आयोजित याेग कार्यक्रम का आयोजन
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर महाविद्यालय में आयोजित याेग कार्यक्रम का आयोजन
15/05/2026
आज दिनांक 15 मई, 2026 को आदित्य प्रकाश जालान टीचर्स ट्रेनिंग काॅलेज, कुदलुम, नगड़ी, राँची में प्राचार्य डाॅ. रामकेश पाण्डेय के मार्गदर्शन में प्रशिक्षुओं की शैक्षिक गुणवत्ता एवं बौद्धिक संवर्द्धन हेतु आयोजित अतिथि व्याख्यानमाला के द्वितीय दिवस का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डाॅ. शशि सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, शिक्षाशास्त्र विभाग, केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड उपस्थित थीं। उन्होंने महाविद्यालय के बी.एड. प्रशिक्षुओं को “सूक्ष्म शिक्षण” विषय पर विस्तृत, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी व्याख्यान प्रदान किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने प्रभावी अध्यापन कौशल, शिक्षण विधियों, कक्षा प्रबंधन तथा व्यवहारिक शिक्षण तकनीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। स्वागत भाषण श्री कमलेंद्र त्रिपाठी द्वारा दिया गया। अतिथि परिचय एवं सम्मान श्रीमती निकिता मेहता एवं डाॅ. सरिता ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्री ओम प्रकाश तिवारी ने प्रस्तुत किया, जबकि शांति मंत्र का वाचन रमावती कुमारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण शैक्षिक उत्साह एवं प्रेरणा से ओत-प्रोत रहा।
14/05/2026
आदित्य प्रकाश जालान टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में अतिथि व्याख्यान का आयोजन
आज दिनांक 14 मई 2026 को प्राचार्य डॉ. रामकेश पाण्डेय की अध्यक्षता में आदित्य प्रकाश जालान टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में एक प्रभावी एवं ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. विमल किशोर उपस्थित रहे। वे केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड के शिक्षा विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने महाविद्यालय के बी.एड. प्रशिक्षुओं को “सूक्ष्म शिक्षण” विषय पर विस्तृत एवं प्रेरणादायी व्याख्यान प्रदान किया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षण कौशल, कक्षा प्रबंधन तथा प्रभावी अध्यापन की विभिन्न तकनीकों पर प्रकाश डाला, जिससे प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक शिक्षण प्रक्रिया को समझने में विशेष लाभ प्राप्त हुआ। अतिथि परिचय एवं सम्मान का कार्य हिमांशु शेखर द्वारा संपन्न किया गया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वागीश दुबे ने प्रस्तुत किया, जबकि शांति मंत्र का वाचन कमलेंद्र त्रिपाठी द्वारा किया गया। इस अवसर पर शुभा शर्मा, ओम प्रकाश तिवारी, नीकिता मेहता, डॉ. अजीत सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
08/07/2025
Rashtriya Acharya Prashikshan Karyashala 2025
07/07/2025
पाँच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन
आज दिनांक 07 जुलाई 2025 को आदित्य प्रकाश जालान टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, कुदलुम, नगड़ी, राँची में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान एवं आदित्य प्रकाश जालान टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में पाँच दिवसीय राष्ट्रीय आचार्य प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन प्राचार्य डॉ. रामकेश पाण्डेय एवं सम्मानित अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर किया गया। यह कार्यशाला दिनांक 07 से 11 जुलाई 2025 तक महाविद्यालय परिसर में आयोजित रहेगी। इस कार्यशाला में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान एवं विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिष्ठित शिक्षाविद्ों द्वारा मार्गदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य एवं मुख्य विषय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में भारतीय जीवन मूल्यों के संवर्द्धन एवं शिक्षण प्रशिक्षण की नवीन दृष्टियों का प्रतिपादन, पंचपदी शिक्षण पद्धति पर आधारित पाठ्ययोजना का प्रशिक्षण एवं क्रियान्वयन, तैत्तिरीय उपनिषद् में वर्णित पंचकोषात्मक विकास की अवधारणाओं का प्रशिक्षण, प्रशिक्षण संस्थानों के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों जैसे एनसीटीई-आईटीईपी, नैक के बारे में विशिष्ट व्याख्यानों द्वारा प्रशिक्षित करना है। इस पाँच दिवसीय कार्यशाला में कुल चौदह सत्र विभिन्न विषय विशेषज्ञों एवं विद्वतजनों के निर्देशन में संपन्न होंगे। कार्यशाला में आदित्य प्रकाश जालान टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, राँची, पूरनमल बाजोरिया टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, भागलपुर एवं भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर के प्राचार्य एवं सभी असिस्टेंट प्रोफेसर सम्मिलित हो रहे हैं। कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए प्राचार्य डॉ. रामकेश पाण्डेय ने कहा कि विद्या भारती के अंतर्गत चलने वाले सभी विद्यालय एवं महाविद्यालय भारतीय मुल्यों एवं तत्वों पर कार्य कर रहे हैं। विद्या भारती समाज के उत्थान के लिए पंचपदी एवं पंचकोषात्मक मंत्रों के द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को आत्मसात कर रहा है। मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा है। नालंदा, तक्षशिला जैसे संस्थानों की आज पुनः आवश्यकता है। मुख्य अतिथि प्रो. क्षिति भूषण दास, मा. कुलपति, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय ने प्रशिक्षण वर्ग की आवश्यकता को बताते हुए कहा कि नएपन के लिए प्रशिक्षण की आवश्यकता है। ज्ञान, संवर्द्धन एवं नवीन ज्ञान प्राप्त करना इसका उद्देश्य होता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के महत्व को विस्तार से बताते हुए कहा कि अब तक जितना भी सुधार कार्य हुआ है उसमें सबसे बड़ा सुधार राष्ट्रीय शिक्षा नीति है। इसमें सर्वांगीण विकास के साथ-साथ आउटकम बेस्ड एजुकेशन पर फोकस किया गया है। एनसीटीई-आईटीईपी, नैक के साथ-साथ पंचपदी एवं पंचकोषात्मक जैसे सभी विषयों पर उन्होंने अपने विचार रखे। मुख्य वक्ता मा. प्रकाश चंद्र जी, मा. उपाध्यक्ष, विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान ने अपने संबोधन में कहा कि यूजीसी के द्वारा 28 पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं एवं पाठ्यक्रमों का निर्माण भारतीय ज्ञान परंपरा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान देश के अन्य संस्थानों के साथ मिलकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर कार्य कर रहा है। प्रो. रणजीत कुमार वर्मा, मा. क्षेत्रीय अध्यक्ष, विद्या भारती, उत्तर-पूर्व क्षेत्र ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि गोष्ठी का उद्देश्य विचारों का आदान-प्रदान है। पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर ज्ञान का सृजन एवं प्रसार करना है। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मा. रामअवतार नारसरिया, क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती, उत्तर-पूर्व क्षेत्र ने कहा कि यह कार्यशाला शिक्षक प्रशिक्षकों के लिए है। हमारे जीवन में पाँच का बहुत महत्व है, पंचकोश की चर्चा इस कार्यशाला में होगी एवं यह शिक्षण, विद्यार्थी एवं शिक्षक के विकास का साधन बनेगा। मंच संचालन डॉ. राजेश कुमार वर्मा, प्राचार्य, पूरनमल बाजोरिया टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, भागलपुर ने किया।