Ranchi University

Ranchi University Official Facebook account of Ranchi University,Ranchi. Empowering Education| Est. 1960 | 20+ PG depts, colleges | Excellence in innovation, research, & impact.

Ranchi University, located in Ranchi, Jharkhand, is a prominent institution dedicated to providing quality education and fostering academic excellence. Offering diverse undergraduate, postgraduate, and research programs, it focuses on holistic development and innovation.

Admission Open
26/08/2026

Admission Open

गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर विशेष आयोजन । राँची विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग द्वारा आज दिनांक 25 अगस्त 202...
25/08/2026

गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर विशेष आयोजन ।

राँची विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग द्वारा आज दिनांक 25 अगस्त 2026 को “साम्प्रदायिक परिवेश में गोस्वामी तुलसीदास की महत्ता” विषय पर गोस्वामी तुलसीदास जयंती का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम विश्वविद्यालय हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. हीरा नंदन प्रसाद की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) सरोज शर्मा रहीं।

कार्यक्रम का उद्देश्य गोस्वामी तुलसीदास के साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक योगदान को स्मरण करते हुए उनकी रचनाओं में निहित मानवीय मूल्यों एवं भारतीय ज्ञान परंपरा की समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित करना था।

अपने स्वागत वक्तव्य में डॉ. हीरा नंदन प्रसाद ने तुलसीदास को भारतीय संस्कृति, लोकमंगल और मानवीय मूल्यों के अप्रतिम संवाहक के रूप में रेखांकित किया। विषय प्रवेश डॉ. नियति कल्प ने किया।

मुख्य अतिथि माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) सरोज शर्मा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में तुलसी साहित्य की प्रासंगिकता तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व को नए संदर्भों में समझने की दृष्टि प्रदान की। उन्होंने कहा कि तुलसी का साहित्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आदर्श जीवन, कर्तव्य-बोध, सामाजिक समरसता, नैतिकता, करुणा और मानवीय संबंधों की व्यापक दृष्टि प्रस्तुत करता है।

कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित हुआ। दूसरे सत्र में शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा राम-स्तुति की प्रस्तुति से वातावरण को भावपूर्ण बनाया। मंच संचालन डॉ. सुनीता कुमारी ने एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कुमुद कला मेहता ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।



Hemant Soren
Santosh Gangwar

InMedia
24/08/2026

InMedia

InMedia
24/08/2026

InMedia

InMedia
22/08/2026

InMedia

भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान, अभियंत्रण एवं प्रौद्योगिकी के बीच गहरा संबंध : प्रो. सरोज शर्मारांची विश्वविद्याल...
21/08/2026

भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान, अभियंत्रण एवं प्रौद्योगिकी के बीच गहरा संबंध : प्रो. सरोज शर्मा

रांची विश्वविद्यालय में श्रोडिंगर समीकरण को समर्पित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ

रांची, 21 अगस्त 2026: रांची विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय भौतिकी विभाग एवं झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद् (JCSTI), झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में 21 एवं 22 अगस्त 2026 को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ आर्यभट्ट सभागार में रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में हुआ। सम्मेलन का आयोजन महान भौतिक विज्ञानी ई. श्रोडिंगर द्वारा प्रतिपादित प्रसिद्ध श्रोडिंगर समीकरण को समर्पित है।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान, अभियंत्रण और प्रौद्योगिकी अलग-अलग क्षेत्र नहीं, बल्कि परस्पर जुड़े हुए और एक-दूसरे के पूरक रहे हैं। उन्होंने आर्यभट्ट एवं भास्कराचार्य की खगोलीय उपलब्धियों तथा शून्य एवं दशमलव प्रणाली जैसी भारत की महान वैज्ञानिक विरासत का उल्लेख करते हुए युवा शोधकर्ताओं से भारतीय वैज्ञानिक परंपरा का गहन अध्ययन करने और उसे आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ते हुए नए शोध आयाम विकसित करने का आह्वान किया।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि एवं की-नोट स्पीकर प्रो. जी.पी. दास, एमेरिटस प्रोफेसर, RISE, कोलकाता ने कहा कि 21वीं सदी में Quantum Mechanics एवं Material Science का संगम एक नई “Quantum Leap” का आधार बन रहा है। उन्होंने Quantum Materials, Superconductors, Quantum Computing एवं Nanotechnology की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए इनके माध्यम से सतत विकास की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया।

JCSTI के कार्यपालक निदेशक डॉ. राज शेखर प्रसाद तथा संयुक्त निदेशक प्रो. रणजीत कुमार सिंह ने शोध, नवाचार, सम्मेलन एवं सेमिनारों को प्रोत्साहित करने के लिए झारखंड सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की। विज्ञान संकाय की डीन डॉ. वंदना कुमारी ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।

इस अवसर पर रांची विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एन.आर. रॉय एवं BIT Mesra के डॉ. कुंतल मुखर्जी द्वारा रचित पुस्तक “Introduction to Quantum Computing” का लोकार्पण किया गया।

राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न संस्थानों से आए लगभग 45 शोधकर्ताओं एवं विशेषज्ञों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। सम्मेलन के दौरान Quantum Science, Material Science, Energy, Nanotechnology एवं Sustainable Technology जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श, तकनीकी सत्र एवं पैनल चर्चा आयोजित की गई।

उद्घाटन सत्र में सम्मेलन के जनरल चेयर एवं भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया तथा कन्वेनर डॉ. राज कुमार सिंह ने सम्मेलन की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन राहुल कुमार सिंह एवं रुकैया समन ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राज कुमार सिंह ने किया।

यह राष्ट्रीय सम्मेलन क्वांटम विज्ञान, आधुनिक भौतिकी, उन्नत सामग्री एवं भविष्य की प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में शोध एवं अकादमिक संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में रांची विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण पहल है। सम्मेलन देशभर के शोधकर्ताओं, विशेषज्ञों एवं युवा वैज्ञानिकों को एक साझा मंच प्रदान कर ज्ञान-विनिमय, नवाचार और नए शोध सहयोग की संभावनाओं को सुदृढ़ कर रहा है।

रांची विश्वविद्यालय — ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक उत्कृष्टता के लिए निरंतर प्रतिबद्ध।



Santosh Gangwar Hemant Soren Ministry of Education University Grants Commission

डिजिटल शिक्षण की नई तकनीकों के साथ संपन्न हुआ CIET–NCERT एवं रांची विश्वविद्यालय का तीन दिवसीय Faculty Development Progr...
21/08/2026

डिजिटल शिक्षण की नई तकनीकों के साथ संपन्न हुआ CIET–NCERT एवं रांची विश्वविद्यालय का तीन दिवसीय Faculty Development Programme (FDP)

रांची, 21 अगस्त 2026: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (NCERT), नई दिल्ली एवं रांची विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय Faculty Development Programme (FDP) शिक्षण में ICT, Artificial Intelligence (AI), डिजिटल संसाधनों एवं आधुनिक शिक्षण तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर केंद्रित व्यापक प्रशिक्षण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

तीन दिनों तक चले इस FDP का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल युग की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराते हुए शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, संवादात्मक, नवाचारपूर्ण एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक दक्षताओं से सशक्त करना रहा।

समापन अवसर पर रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में शिक्षकों को तकनीक के रचनात्मक एवं प्रभावी उपयोग के माध्यम से शिक्षण को अधिक प्रभावी, संवादात्मक एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यक्रम के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल को कक्षा-कक्ष में प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया।

CIET–NCERT के प्रो. शिरीष पाल सिंह ने कहा कि ICT अब शिक्षा का केवल सहायक माध्यम नहीं, बल्कि आधुनिक शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। उन्होंने Artificial Intelligence (AI) एवं डिजिटल तकनीकों को pedagogical innovation के रूप में अपनाने पर बल दिया, ताकि शिक्षा को अधिक समावेशी, प्रभावी एवं भविष्योपयोगी बनाया जा सके।

तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान MOOCs, Technology-Integrated Assessment, Copyright एवं Licensing, AI-based Smart Design Modules, डिजिटल शिक्षण सामग्री तथा Online, Offline एवं Hybrid Teaching सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी की और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी एवं रचनात्मक उपयोग की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।

समापन सत्र में कुलसचिव डॉ. राजकुमार शर्मा, DSW डॉ. सुदेश कुमार साहु, CIET–NCERT के प्रो. शिरीष पाल सिंह, NIEPA के प्रो. अमित गौतम तथा PRO एवं विश्वविद्यालय रसायनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. स्मृति सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

DSW डॉ. सुदेश कुमार साहु ने स्वागत भाषण दिया। कुलसचिव डॉ. आर.के. शर्मा ने तीन दिवसीय FDP की उपलब्धियों एवं इसके महत्व पर प्रकाश डाला। CIET–NCERT के प्रो. शिरीष पाल सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. ओमप्रकाश ने किया। राष्ट्रगान के साथ तीन दिवसीय Faculty Development Programme का सफल एवं गरिमापूर्ण समापन हुआ।

यह FDP रांची विश्वविद्यालय में डिजिटल एवं तकनीक-सक्षम शिक्षा को बढ़ावा देने तथा शिक्षकों को भविष्य की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।

रांची विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण, नवाचारपूर्ण एवं तकनीक-सक्षम शिक्षा के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।


National Council of Educational Research and Training - NCERT
Santosh Gangwar Hemant Soren Ministry of Education University Grants Commission

रांची विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल ने अनुदीप फाउंडेशन के सहयोग से मेगा जॉब फेयर का किया सफल आयोजनरांची, 21 अगस्त 2026:...
21/08/2026

रांची विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल ने अनुदीप फाउंडेशन के सहयोग से मेगा जॉब फेयर का किया सफल आयोजन

रांची, 21 अगस्त 2026: रांची विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल द्वारा अनुदीप फाउंडेशन के सहयोग से रांची विश्वविद्यालय परिसर में मेगा जॉब फेयर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। रोजगार एवं करियर के अवसरों से युवाओं को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण पहल में 300 से अधिक कुशल एवं प्रशिक्षित युवाओं तथा 17 प्रमुख उद्योग एवं नियोक्ता संस्थानों ने भाग लिया।

मेगा जॉब फेयर ने विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के व्यापक अवसरों से सीधे जुड़ने का प्रभावी मंच प्रदान किया। भर्ती प्रक्रिया में 300 से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें से 33 अभ्यर्थियों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, 105 अभ्यर्थियों का अंतिम रूप से चयन किया गया, जबकि 132 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया।

कार्यक्रम में रांची विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. सरोज शर्मा, डी.एस.डब्ल्यू. प्रो. सुदेश कुमार साहू, कुलसचिव डॉ. राज कुमार शर्मा, सी.वी.एस. की निदेशक डॉ. स्मृति सिंह तथा वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. एम. सी. मेहता की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने बदलते रोजगार परिदृश्य की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने में उद्योगों से जुड़े ऐसे आयोजनों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने निरंतर कौशल विकास, प्रभावी करियर मार्गदर्शन तथा शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच सतत एवं सार्थक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्लेसमेंट सेल के प्रभारी डॉ. सुमित कुमार डे के स्वागत संबोधन से हुआ। प्लेसमेंट समन्वयक श्री जितेंद्र शर्मा ने मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए रोजगारोन्मुखी अवसरों, उद्योग की आवश्यकताओं तथा विद्यार्थियों की करियर तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।

मेगा जॉब फेयर में Ayuda, Outer Orbit, Interact.AI, Kalyani, Bajaj Capital, Nimbus, Quess Corp, Deccan iServices, Teleperformance, Concentrix, Shaip.AI सहित अन्य प्रमुख संस्थानों एवं नियोक्ता संगठनों ने भाग लिया।

इस पहल का उद्देश्य उद्योगों की आवश्यकताओं और कुशल मानव संसाधन के बीच की दूरी को कम करना तथा अभ्यर्थियों और नियोक्ताओं के बीच प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना था।

अनुदीप फाउंडेशन की ओर से क्षेत्रीय प्रमुख श्री संजीव कुमार एवं क्लस्टर प्रमुख श्री धर्मबीर प्रसाद ने अपनी टीम के साथ जॉब फेयर के समन्वय तथा कुशल अभ्यर्थियों और विभिन्न नियोक्ता संस्थानों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मेगा जॉब फेयर का सफल आयोजन रांची विश्वविद्यालय की उद्योग-जगत और अकादमिक क्षेत्र के बीच सहयोग को निरंतर सुदृढ़ करने तथा रोजगारोन्मुख कौशल विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

शिक्षा, कौशल और रोजगार को एक साझा मंच पर लाने वाली यह पहल विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता, करियर-तत्परता और आत्मविश्वास को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

रांची विश्वविद्यालय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहतर करियर अवसर, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।



Santosh Gangwar
Hemant Soren

21/08/2026

रांची विश्वविद्यालय की शोध एवं नवाचार में उल्लेखनीय उपलब्धि

झारखंड सरकार की शोध परियोजनाओं में रांची विश्वविद्यालय का शानदार प्रदर्शन

रांची विश्वविद्यालय ने शोध, नवाचार और अंतर्विषयी अनुसंधान के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद् (JCSTI), उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार द्वारा 19 अगस्त 2026 को जारी स्वीकृत्यादेश के अंतर्गत राज्य के विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों की कुल 45 शोध परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है।

इनमें रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध 4 शोध परियोजनाओं को कुल ₹26.45 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। तकनीकी एवं इंजीनियरिंग संस्थानों को छोड़कर राज्य के सामान्य विश्वविद्यालयों में स्वीकृत परियोजनाओं की राशि के आधार पर रांची विश्वविद्यालय का स्थान सर्वाधिक है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में विकसित हो रही शोध एवं नवाचार की सशक्त संस्कृति का प्रमाण है।

रांची विश्वविद्यालय से संबद्ध स्वीकृत शोध परियोजनाएं

1. डॉ. स्मृति सिंह
विश्वविद्यालय रसायन शास्त्र विभाग, रांची विश्वविद्यालय — सह-अन्वेषक
मुख्य अन्वेषक: श्री शिवनंदन राम, रसायन शास्त्र, मारवाड़ी कॉलेज, रांची
विषय: झारखंड में खनन प्रभावित जल से भारी धातु निष्कासन हेतु इंजीनियर्ड नैनोकंपोजिट/सामग्री का विकास।

2. डॉ. नीरज
विश्वविद्यालय रसायन शास्त्र विभाग, रांची विश्वविद्यालय — सह-अन्वेषक
मुख्य अन्वेषक: डॉ. तितास कुमार मुखोपाध्याय, रसायन शास्त्र, एनआईटी जमशेदपुर
विषय: मुख कैंसर के प्रोटीन लक्ष्यों का इन-सिलिको अध्ययन एवं झारखंड में सुरक्षित लक्षित कीमोथेरेपी हेतु न्यून-आयामी नैनोकैरियर की डिजाइन रणनीति।

3. डॉ. आनंद कुमार ठाकुर
जंतु विज्ञान विभाग, रांची विश्वविद्यालय — मुख्य अन्वेषक
विषय: झारखंड के रांची पठार के कृषि-पारिस्थितिकी तंत्र में मकरंद-भक्षी निशाचर परागणकर्ता कीटों की विविधता, पारिस्थितिक नेटवर्क, कार्यात्मक भूमिका एवं आंत्र माइक्रोबायोटा पर अध्ययन।

4. डॉ. रोहित श्रीवास्तव
जंतु विज्ञान विभाग, रांची विश्वविद्यालय — सह-अन्वेषक
मुख्य अन्वेषक: डॉ. रविंदर पाल सिंह, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग, NIAMT, रांची
विषय: ऑर्थोपेडिक अनुप्रयोगों हेतु एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग द्वारा ग्राफीन आधारित बायोरिसॉर्बेबल कंपोजिट स्कैफोल्ड का निर्माण एवं प्रायोगिक अध्ययन।

🎓 कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने दी बधाई

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने सभी परियोजना-अन्वेषकों एवं शोध टीमों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा प्रतिस्पर्धी शोध परियोजनाओं के लिए सफलतापूर्वक प्रस्ताव प्रस्तुत करना विश्वविद्यालय में विकसित हो रही शोध एवं नवाचार की सशक्त संस्कृति का परिचायक है।

कुलपति ने शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि एक शुरुआत है और रांची विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी शोध परियोजनाओं के लिए निरंतर प्रयास करते हुए शोध की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि परियोजना अप्रैजल समिति (PAC) की 04 एवं 05 जून 2026 को संपन्न बैठकों की अनुशंसा के आलोक में उक्त सभी परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है।

यह उपलब्धि रांची विश्वविद्यालय के लिए केवल वित्तीय स्वीकृति नहीं, बल्कि शोध की गुणवत्ता, शिक्षकों की प्रतिभा, नवाचार और समाजोपयोगी अनुसंधान के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता की महत्वपूर्ण पहचान है।

रांची विश्वविद्यालय — ज्ञान, शोध, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध। 🎓🔬


   National Council of Educational Research and Training - NCERT
21/08/2026



National Council of Educational Research and Training - NCERT

Address

Ranchi University, Shahid Chowk
Ranchi
834001

Opening Hours

Monday 10am - 5pm
Tuesday 10am - 5pm
Wednesday 10am - 5pm
Thursday 10am - 5pm
Friday 10am - 5pm
Saturday 10am - 5pm

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Ranchi University posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The School

Send a message to Ranchi University:

Shortcuts

Share