14/06/2019
क्यूँकि लौंडे शेर होते हैं
यह आम के पेड़ में छुपे
कसीले बेर होते हैं
गलियों के शहंशाह
और ऑफ़िसों में ढेर होते हैं
यह भेड़िए की खाल में छुपे
संकोची भेड़ होते हैं
क्यूँकि लौंडे शेर होते हैं
Kushal Singh
Launde Sher Hote Hain
Launde Sher Hote Hain
What will happen when love attractions made the carrier ways slippery? What will happen in spite of fearfulness they spent night in Bhangarh Fort? What if unplanned Road trip turns into disaster? What if juvenility entangled with criminals?‘Launde Sher Hote Hain’ is the story of five boys who ar...
06/09/2018
https://www.facebook.com/330078457531149/posts/381335252405469/
गुजरा दौर – यूँ ही पहलू में बैठे रहो
गुजरा दौर September 6, 2018 ekaurpehlu अभिलेख मुझे आर्ट फ़िल्में अच्छी लगती हैं। उस दौर की आकर्षक अभिनेत्रियाँ, माथे पर बिन्दी और सा...
06/09/2018
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गुज़रा ज़माना – यूँ ही पहलू में बैठे रहो
गुज़रा ज़माना September 6, 2018 ekaurpehlu कविता बहुत याद आता है वो गुज़रा ज़माना। वो पतंगो के साथ बादलों के बीच, पंछियों सा उड़ जाना....
01/07/2018
इस सुहाने मौसम की आप सभी को बधाई । आप सभी आमंत्रित हैं इसके बारे में अपने शब्दों,रचनाओं को व्यक्त करने के लिए। तो आइये इस सावन को अपने विचारों से सुशोभित कीजिए।आप सभी का स्वागत है।
।।अल्हड़ बादल।।
सोचता हूँ अल्हड़ बादल बन,
गगन में मस्त उड़ जाऊँ।
किसी ड्रीम-लाइनर की तरह,
विदेश भ्रमण कर आऊँ।
साथ में अपने हमसफ़र को,
दुनिया की सैर कराऊँ।
कोई अगर रास्ता रोके,
तो उसे गरज गरज मैं डराऊँ।
थक अगर मैं जाऊँ तो ,
किसी पेड़ की नीचे सुस्ताऊँ।
सूरज की तेज़ तपिश को,
अपने छाती पे सह जाऊँ।
ख़ूब बरस सबके ऊपर,
बस अपने राग सुनाऊँ।
कभी बिन मौसम आकर,
तंग उन्हें कर जाऊँ।
दूर कहीं छिपकर मैं,
अपनी याद में सबको रुलाऊँ।
किसी किसान की आँखों से,
ख़ुशियाँ बन बह जाऊँ।
मृत पड़े पेड़ को किसी दिन ,
नवजीवन दे जाऊँ।
नव-युगलो की शामों को,
रुमानी कर जाऊँ।
कभी क्रोध में महाकाल सा,
प्रलय मैं ख़ूब मचाऊ।
सृष्टि सबकी जननी है,
यह उनको फिर बतलाऊँ।
रुक जाओ तुम ! संभाल भी जाओ!
मुंबई याद दिलाऊँ?
या सुनामी की लहरों सा ,
फिर ऊँचा उठ आऊँ।
मैं तो ठहरा अल्हड़ बादल,
तुमको क्या इंसाँ बनाऊँ।
चलो जाता हूँ किसी नए शहर में,
नया आशियाँ सजाऊँ।
नई राह पे चलते चलते,
नित करतब नाये दिखाऊँ।
सोचता हूँ अल्हड़ बादल बन,
गगन में मस्त उड़ जाऊँ।
किसी ड्रीम-लाइनर की तरह,
विदेश भ्रमण कर आऊँ।
-सम्भ्रांत
22/03/2018
TATA Steel is inviting for Summer Internship. Interested Students can visit TATA steel website and Apply.
28/07/2016
Hi BITians,
Plz do share our college activities Images and ur college friends group images, will select the best images and will post it on our page.
29/04/2016
Any volunteers to utilize this space for good?
13/01/2016
Hello our fellow BITians , If you want to share any pictures or any activity of our college or if you have any messages to be posted on our FB timeline and page , they can message us those input , will post the best one on our page. So hurry up ..