Department of Hindi, Central University of Jharkhand

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हिन्दी विभाग, झारखंड केन्द्रीय विश्वविद्यालय

Photos from Department of Hindi, Central University of Jharkhand's post 16/05/2024

अखरावट कार्यक्रम शृंखला में आयोजित काव्यगोष्ठी

15 मई 2024 : हिंदी विभाग, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय
हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.रत्नेश विष्वक्सेन सर के सान्निध्य में और संयोजक डॉ उपेंद्र सत्यार्थी सर के कुशल निर्देशन में काव्यगोष्ठी का सफल आयोजन हुआ।
काव्यगोष्ठी में विभाग के विद्यार्थियों की भागीदारी तो थी ही विभागेत्तर विद्यार्थियों ने भी स्वरचित कविताओं से श्रोताओं को मुग्ध किया। कविताओं के भीतर से स्वस्थ बौद्धिकता और नागरिकता बोध की अनुगूंज प्रस्फुटित हुई। तमाम विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने अपनी विशिष्ट काव्य प्रतिभा का परिचय दिया।अंत में डॉ जगदीश सौरभ सर ने बहुप्रतीक्षित प्रस्तुति की।मंच संचालन की जिम्मेदारी रूमा कुमारी(शोधार्थी) ने बखूबी संभाली एवं सिंटू (एम.ए) ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

Photos from Department of Hindi, Central University of Jharkhand's post 05/09/2023

आज दिनांक 05-09-2023 को अखरावट, हिन्दी विभाग, झारखण्ड केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षक दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुवात आचार्यों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करके की गयी। इस अवसर पर विभाग के शोधार्थियों ने आचार्यों के साथ बिताए पलों और उनसे मिली सीखों को अपने अनुजों के साथ साझा किया। तत्पश्चात स्नातक और परास्नातक के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा उत्सव में चार चाँद लगाया। विभाग के सहज वातावरण के सन्दर्भ में हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. रत्नेश विष्वक्सेन ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि परिवर्तन सृष्टि का नियम है, पर आनंद सृष्टि का स्वभाव है। विभाग के सहायक आचार्य डॉ. उपेंद्र कुमार ने अपने सम्बोधन के दौरान एक अच्छे शिक्षक की विशेषताओं और खामियों के बारे में बताया। विभाग के सहायक आचार्य डॉ. रवि रंजन कुमार ने शिक्षक-विद्यार्थी सम्बन्ध पर चर्चा करते हुए अपने जीवनानुभवों को हमारे समक्ष रखा। कार्यक्रम को सफल बनाने में परास्नातक के विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन भुवनेश प्रधान तथा धन्यवाद ज्ञापन सिंटू कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ. जगदीश सौरभ, कुछ अतिथिगण एवं अन्य शोधार्थी तथा विद्यार्थी मौजूद रहें।

Photos from Department of Hindi, Central University of Jharkhand's post 29/07/2023

दिनांक ‌28 जुलाई 2023 को झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में 'अखरावट' तथा 'हिंदी साहित्य सभा' के संयुक्त तत्त्वावधान में नामवर सिंह की जयंती तथा प्रेमचंद जयंती माह के अवसर पर विनोबा भावे विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मिथिलेश कुमार सिंह द्वारा 'प्रेमचंद को पढ़ते हुए' विषय पर एकल व्याख्यान दिया गया। व्याख्यान के दौरान नामवर सिंह के बारे प्रो.मिथिलेश ने कहा,"नामवर सिंह पढ़ने से ज्यादा गुनना तथा असहमति की स्वीकृति सिखाते हैं।" प्रेमचंद पर व्याख्यान देते हुए उन्होंने कहा,"प्रेमचंद का 'रेंज' बड़ा व्यापक है, कहीं-कहीं तो वे सामान्य जनता और बालकों को भी समझ आ जाते हैं, कहीं-कहीं वे बड़े विद्वानों की समझ से भी परे हो जाते हैं।" प्रेमचंद की लेखनी की महानता की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा,"क्रांति करवा देना बड़ी बात नहीं, बल्कि क्रांति की स्थितियों का निर्माण एक कथाकार को महान बनाता है और प्रेमचंद इसमें माहिर थे‌।"
कार्यक्रम में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.रत्नेश विष्वक्सेन, सहायक प्राध्यापक डॉ. जगदीश सौरभ, सहायक प्राध्यापक डॉ.रवि रंजन तथा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से आए छात्र-छात्राएँ तथा शोधार्थी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन स्नातकोत्तर छात्र भुवनेश कुमार प्रधान तथा धन्यवाद ज्ञापन शोधार्थी राहुल कुमार ने किया।

Photos from Department of Hindi, Central University of Jharkhand's post 30/06/2023

आज दिनांक 30 जून 2023 को झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में 'अखरावट' तथा हिंदी साहित्य सभा के संयुक्त तत्त्वावधान में महाकवि बाबा नागार्जुन एवं ओमप्रकाश वाल्मीकि की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत नागार्जुन के साक्षात्कार का दूरदर्शन द्वारा निर्मित चलचित्र के प्रदर्शन के साथ हुआ। तत्पश्चात विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों द्वारा बाबा नागार्जुन की कविताओं का पाठ कर उन्हें काव्यांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर हिंदी विभाग के अध्यक्ष तथा विश्वविद्यालय के छात्र अधिष्ठाता प्रो. रत्नेश विश्वकसेन ने नागार्जुन पर वक्तव्य देते हुए कहा कि "नागार्जुन जीवन भर यात्री रहे, यात्रा ने उनके अंदर असमानता का भाव कम कर दिया। वह प्रवास के दौरान स्मृति के सहारे अपने गांव को याद करते हैं और ऐसे विषयों पर लिखा जो अमूमन हिंदी साहित्य के मुख्य धारा के साहित्यकाआरों द्वारा छोड़ दिया जाता है।" यात्रा के संदर्भ में कहते हुए उन्होंने कहा कि "यात्रा सिर्फ बाहरी भूगोल से ही नहीं बल्कि हमें हमारे भीतरी भूगोल से भी परिचित करवाता है।" भाषा के संदर्भ रत्नेश जी ने कहा की "भाषा को खतरा है बाजार और व्यापार से, इसलिए हमें सावधान रहने की आवश्यकता है।" अखरावट के संयोजक डॉ. उपेंद्र कुमार'सत्यार्थी' ने नागार्जुन के विषय में कहा कि "नागार्जुन जनकवि हैं और जनसरोकार से संबंधित उनकी कविताओं में राजनीतिक विचार प्रमुखता से अभिव्यक्त होता है।" सहायक प्राध्यापक डॉ.जगदीश सौरभ ने नागार्जुन की 'घिन तो नहीं आती' कविता का पाठ किया।
तत्पश्चात शोधार्थी दीपक कुमार ने नागार्जुन की 'उनको प्रणाम' तथा 'मंत्र कविता' का बड़े रोचक तरीके से पाठ किया। चंदन कुमार ने नागार्जुन के 'क्या लाल,क्या लाल' तथा ओमप्रकाश वाल्मीकि जी की कविता 'ठाकुर का कुआं' का पाठ किया। स्नातक की छात्रा प्रियंका महतो ने नागार्जुन की 'बहुत दिनों के बाद' तथा सूरज कुमार पांडे ने 'बार-बार हारा है' का कविता का पाठ किया। शोधार्थी सूरज रंजन ने वाल्मीकि जी की 'कविता और फसल' तथा नागार्जुन जी के 'सौदा' कविता का पाठ किया। स्नातकोत्तर छात्र भुवनेश कुमार प्रधान नागार्जुन की 'शासन की बंदूक' कविता का सशक्त पाठ किया।
कार्यक्रम में हिंदी विभाग के सभी शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन स्नातक की छात्रा अतुल प्रिया तथा धन्यवाद ज्ञापन स्नातक छात्र रौशन कुमार ने किया।

29/06/2023

विभागाध्यक्ष महोदय के साथ स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थी।

Photos from Department of Hindi, Central University of Jharkhand's post 26/05/2023

आज दिनांक 26/05/2023 को अखरावट, हिन्दी विभाग, झारखण्ड केंद्रीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में शोधार्थी सौरभ कुमार के द्वारा हरिशंकर परसाई की कुछ चुनिंदा व्यंग्य रचनाओं का पाठ किया गया। इस दौरान शोधार्थी सौरभ ने हरिशंकर परसाई द्वारा रचित प्रसिद्ध व्यंग्य 'निट्ठलेपन का दर्शन, प्रेमी के साथ एक सफ़र, वाक आउट! स्लीप आउट! ईट आउट! और रिसर्च का चक्कर' के महत्वपूर्ण अंशों का सशक्त पाठ किया। परास्नातक छात्र सिंटू कुमार ने अपनी हास्य कविताओं के द्वारा श्रोताओं को ख़ूब हँसाया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए चंदन कुमार ने एक लोकगीत द्वारा सभा में समां बाँध दिया। हमारे प्राध्यापक डॉ. जगदीश सौरभ ने अपने मजेदार लतीफों से पूरी सभा को गुदगुदाया। अखरावट के संयोजक डॉ. उपेंद्र कुमार 'सत्यार्थी' द्वारा आशा करण अटल की मीडिया से संबंधित एक व्यंग्य रचना का पाठ कर कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस अवसर पर हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रत्नेश विष्वक्सेन,डॉ. उपेंद्र कुमार 'सत्यार्थी', डॉ. रवि रंजन, डॉ. जगदीश सौरभ, विभाग के शोधार्थी व अन्य सभी विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन रुद्र प्रताप और धन्यवाद ज्ञापन प्रिया शर्मा ने किया।

Photos from Department of Hindi, Central University of Jharkhand's post 19/05/2023

सुमित्रानंदन पंत जयंती

आज दिनांक 19 मई 2023 को झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में साहित्यिक मंच 'अखरावट' के अंतर्गत छायावाद के स्तंभ कवि सुमित्रानंदन पंत की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत पंत जी की एक साक्षात्कार पर आधारित चलचित्र के प्रदर्शन के साथ हुआ । तत्पश्चात परास्नातक के विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों द्वारा पंत जी की कविताओं का पाठ कर उन्हें काव्यांजलि अर्पित की गई।
शोधार्थी दीपक कुमार ने पंत जी की कविता 'दमकल' का पाठ किया,भुवनेश ने 'मौन निमंत्रण' कविता का पाठ किया। कार्यक्रम को आगे बढाते हुए परास्नातक के छात्रों द्वारा बहुत सुंदर रूप से 'जय जन भारत जन मन अभिमत' को गाया गया, चंदन कुमार द्वारा पंत जी की दो कविताओं 'बापू' और 'प्रथम रश्मि' का पाठ किया गया तत्पश्चात शोधार्थी सूरज रंजन ने पंत जी की 'ग्राम श्री' और 'ग्राम कवि' कविता का सशक्त ढंग से पाठ किया। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रत्नेश विष्वक्सेन ने अपने व्याख्यान में कहा कि छायावाद आधुनिक काव्य का स्वर्ण काल है। रीतिकाल ने अधर देखा तो छायावाद ने उस अधर की मुस्कान देखी। डॉ. उपेंद्र कुमार 'सत्यार्थी' ने अपने व्याख्यान में सुमित्रानंदन पंत पर विभिन्न आलोचकों की दृष्टि पर चर्चा की तथा पंत जी पर विलियम वर्ड्सवर्थ की रचना 'लिरिकल बैलेडस' के प्रभाव पर भी चर्चा की। उन्होंने सलाह दी कि छायावाद की आत्मा को समझने के लिए पंत जी की पुस्तक 'पल्लव' की भूमिका को अवश्य पढ़ना चाहिए। डॉ रवि रंजन जी ने सुमित्रानंदन पंत और छायावाद पर अपने विचारों को साझा करते हुए कहा कि स्वार्थपरक माहौल में प्रेम को स्थापित करना ही छायावाद को प्रासंगिक बनाता है। कार्यक्रम में मंच संचालन परास्नातक छात्रा नेलन तथा धन्यवाद ज्ञापन परास्नातक छात्र सिंटू कुमार ने किया।

Photos from Department of Hindi, Central University of Jharkhand's post 03/05/2023

आज विभाग में एम.ए अंतिम सत्र(2021- 2023) के विद्यार्थियों का विदाई समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित हुआ साथ हीं विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. उपेंद्र कुमार सत्यार्थी सर को राजभाषा हिंदी अधिकारी (प्रभारी) के पद पर नियुक्त किया गया इस खुशी में उन्हें विभाग द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया एवं संपूर्ण विभाग ने उन्हें बधाई दी उसकी कुछ तस्वीरें-

Photos from Department of Hindi, Central University of Jharkhand's post 19/04/2023

“जुनून को आग सफलता को सम्मान समारोह”।
हमारे हिंदी विभाग के द्वारा राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा( यूजीसी-नेट/जेआरएफ) में उत्तीर्ण सभी मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह की कुछ तस्वीरें-

Photos from Department of Hindi, Central University of Jharkhand's post 17/04/2023

शिलाची को पीएचडी की मौखिकी सफलतापूर्वक प्रस्तुत करने और डॉक्टर की उपाधि प्राप्त करने की हार्दिक शुभकामनाएं। हम सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।
विभागाध्यक्ष रत्नेश सर को इस विभाग में पहली पीएचडी सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु बधाई।
विभाग के लिए यह क्षण बेहद गौरव और गर्व का विषय है।
प्रोफेसर सत्यकाम सर की विनम्रता, सहजता और सरलता के हम सब कायल हो गए। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने विभाग को आगे बढ़ाने हेतु कई सुझाव दिए और IGNOU से जुड़ने का प्रस्ताव भी दिया।
सभी शोधार्थियों की मेहनत, लगन और प्रतिबद्धता काबिले तारीफ़ है। एक बड़ा, महत्वपूर्ण और कठिन काम कैसे बहुत प्रवाहमयी तरीके से हँसते-हँसाते सम्पन्न हो गया, यह दिखने में भले आसान लगे, लेकिन इतना आसान होता नहीं, यदि विभाग को एक परिवार की तरह न समझा जाए। सभी शोधार्थियों का मैं अपनी तरफ से आभार प्रकट करता हूं।

स्नातक एवं परास्नातक वर्ग के विद्यार्थियों को भी उनकी उपस्थिति,सक्रियता और सहयोग के लिए हार्दिक आभार।

Photos from Department of Hindi, Central University of Jharkhand's post 22/07/2022

आज दिनांक 22/ 07/ 2022 को विभाग में रांची महिला महाविद्यालय की वरिष्ठ सहायक प्राध्यापिका डॉ. किरण तिवारी जी का आगमन हुआ। इस अवसर पर विभाग में प्रेमचंद पर परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें विभाग के समस्त शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे।

Photos from Department of Hindi, Central University of Jharkhand's post 22/07/2022

अखरावट की श्रृंखला में दिनांक 21/7/22 को प्रेमचंद की कहानी 'खुचड़' के नाट्य रूपांतरण का पाठ किया गया। कहानी का नाट्य रूपांतरण विभाग की शोधार्थी ज्योति कुमारी ने किया। सूत्रधार की भूमिका में शोधार्थी प्रीति एवं पात्रों की भूमिका विभाग के एम.ए. तृतीय सत्र के छात्र राजन, कंचन और अंजलि ने निभाई। कार्यक्रम के अंत में एम. ए. के छात्र सुंदर ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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