24/12/2025
एक सच्चाई आप के लिए शायद आप ने कभी ध्यान दिया या नहीं मुझे पता नहीं की इस संसार रूपी जीवन को जीने के लिए हमारे पास कितना समय बचा है। शायद 60 वर्ष 70 वर्ष 80, 90 या फिर 100 वर्ष इस बात का आंकड़ा लगाना हमारे बस में नहीं है। हमारे बस में तो बस यह है कि हम अपने जीवन को किस अंदाज में किस पर विश्वास करते हुए जी रहें हैं। क्यों कि इस शरीर के नष्ट होने के बाद उसे फिर से पुनर्जीवित करने और उसका न्याय करने का अधिकार केवल और केवल प्रभु यीशु मसीह के पास है दूसरे किसी के पास नहीं इस बात से मैं तो 100% सहमत हूं। जिसका साक्ष्य मुझे बाइबल के इन वचनों के द्वारा मिलती है 👇🏻
"जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्वर्गदूत उसे स्वप्न में दिखाई देकर कहने लगा; हे यूसुफ दाऊद की सन्तान, तू अपनी पत्नी मरियम को अपने यहां ले आने से मत डर; क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है। वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उनके पापों से उद्धार करेगा।" (मत्ती 1:20-21)
"क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र ( प्रभु यीशु मसीह) दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नष्ट न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। परमेश्वर ने अपने पुत्र ( प्रभु यीशु मसीह) को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दण्ड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए। जो उस पर विश्वास करता है, उस पर दण्ड की आज्ञा नहीं होती, परन्तु जो उस पर विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहर चुका; इसलिये कि उसने परमेश्वर के एकलौते पुत्र ( प्रभु यीशु मसीह) के नाम पर विश्वास नहीं किया।" (यूहन्ना 3:16-18)
"पूर्व युग में परमेश्वर ने बापदादों से थोड़ा थोड़ा करके और भांति-भांति से भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कर । इन अन्तिम दिनों में हम से पुत्र ( प्रभु यीशु मसीह) के द्वारा बातें की, जिसे उसने सारी वस्तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उसने सारी सृष्टि की रचना की है। वह उसकी महिमा का प्रकाश, और उसके तत्व की छाप है, और सब वस्तुओं को अपनी सामर्थ के वचन से संभालता है: वह पापों को धोकर ऊंचे स्थानों पर महामहिमन के दाहिने जा बैठा।" (इब्रानियों 1:1-3)
"और पिता (परमेश्वर ) किसी का न्याय भी नहीं करता, परन्तु न्याय करने का सब काम पुत्र (प्रभु यीशु मसीह) को सौंप दिया है। इसलिये कि सब लोग जैसे पिता (परमेश्वर) का आदर करते हैं वैसे ही पुत्र (प्रभु यीशु मसीह) का भी आदर करें: जो पुत्र (प्रभु यीशु मसीह) का आदर नहीं करता, वह पिता (परमेश्वर) का जिस ने उसे भेजा है, आदर नहीं करता। मैं तुम से सच सच कहता हूं, जो मेरा वचन सुनकर मेरे भेजने वाले की प्रतीति करता है, अनन्त जीवन उसका है, और उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती परन्तु वह मृत्यु से पार होकर जीवन में प्रवेश कर चुका है। मैं तुम से सच सच कहता हूं, वह समय आता है, और अब है, जिस में मृतक परमेश्वर के पुत्र (प्रभु यीशु मसीह) का शब्द सुनेंगे, और जो सुनेंगे वे जीएंगे। क्योंकि जिस रीति से पिता (परमेश्वर) अपने आप में जीवन रखता है, उसी रीति से उस ने पुत्र (प्रभु यीशु मसीह) को भी यह अधिकार दिया है कि अपने आप में जीवन रखे। वरन उसे न्याय करने का भी अधिकार दिया है, इसलिये कि वह मनुष्य का पुत्र है। इस से अचम्भा मत करो, क्योंकि वह समय आता है, कि जितने कब्रों में हैं, उसका शब्द सुनकर निकलेंगे। जिन्होंने भलाई की है वे जीवन के पुनरुत्थान के लिये जी उठेंगे और जिन्होंने बुराई की है वे दंड के पुनरुत्थान के लिये जी उठेंगे। (यूहन्ना 5:22-29)
"तो तुम सब और सारे इस्त्राएली लोग जान लें कि यीशु मसीह नासरी के नाम से जिसे तुम ने क्रूस पर चढ़ाया, और परमेश्वर ने मरे हुओं में से जिलाया, यह मनुष्य तुम्हारे सामने भला चंगा खड़ा है। यह वही पत्थर है जिसे तुम राजमिस्त्रियों ने तुच्छ जाना और वह कोने के सिरे का पत्थर हो गया। और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें॥" (प्रेरितों के काम 4:10-12)
"और तुम्हें जो क्लेश पाते हो, हमारे साथ चैन दे; उस समय जब कि प्रभु यीशु अपने सामर्थी दूतों के साथ, धधकती हुई आग में स्वर्ग से प्रगट होगा। और जो परमेश्वर को नहीं पहचानते, और हमारे प्रभु यीशु के सुसमाचार को नहीं मानते उन से पलटा लेगा। वे प्रभु के सामने से, और उसकी शक्ति के तेज से दूर होकर अनन्त विनाश का दण्ड पाएंगे। यह उस दिन होगा, जब वह अपने पवित्र लोगों में महिमा पाने, और सब विश्वास करने वालों में आश्चर्य का कारण होने को आएगा; क्योंकि तुम ने हमारी गवाही पर विश्वास किया। (2 थिस्सलुनीकियों 1:7-10)
"मुझे तो निश्चय है, कि मेरा छुड़ाने वाला जीवित है, और वह अन्त में पृथ्वी पर खड़ा होगा। और अपनी खाल के इस प्रकार नाश हो जाने के बाद भी, मैं शरीर में हो कर ईश्वर का दर्शन पाऊंगा।" (अय्यूब 19: 25-26)
"देखे, मैं तुम से भेद की बात कहता हूं: कि हम सब तो नहीं सोएंगे, परन्तु सब बदल जाएंगे। और यह क्षण भर में, पलक मारते ही पिछली तुरही फूंकते ही होगा: क्योंकि तुरही फूंकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा में उठाए जांएगे, और हम बदल जाएंगे। क्योंकि अवश्य है, कि यह नाशमान देह अविनाश को पहिन ले, और यह मरनहार देह अमरता को पहिन ले। मुझे तो निश्चय है, कि मेरा छुड़ाने वाला जीवित है, और वह अन्त में पृथ्वी पर खड़ा होगा। और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तब वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया। हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्त करता है।" (1 कुरिन्थियों 15:51-57)
यही वह सत्य है जो मुझे 100% विश्वास दिलाती है यदि आप ने अपने जीवन में अपने विश्वास को आज तक नहीं जांचा है तो आज ही जांचना शुरू कर दें कि आप के विश्वास में कितनी सच्चाई है। जो आप को मुझ जैसा 100% विश्वास दिला सके । अन्यथा आप के अपने आत्मिक जीवन की जिम्मेदारी आप की है। मैंने जो बात 100% सत्य है आप तक पहुंचा दी है।
धन्यवाद........ प्रभु यीशु मसीह की जय