13/03/2026
आज दिनांक 13 – 03 – 2026 परमपूज्य श्री श्री शंकर भारती महास्वामीजी, पीठाधिपति, येडतोरे योगानंदेश्वर सरस्वती मठ, कृष्णराज नगर, कर्नाटक का आज कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय के परम पूज्य गोलवलकर गुरुजी गुरुकुलम् में शुभागमन हुआ। शास्त्रविद्यागुरुकुल प्राध्यापक डॉ अमित भार्गव डॉ निशान्त मिश्र एवं गुरुकुल के वेद के छात्रों के द्वारा पूर्णकुम्भ के द्वारा पूज्य स्वामी जी आगमन श्रीविश्वेश्वरतीर्थ शास्त्रार्थशाला में हुआ ।
शास्त्रविद्यागुरुकुल संचालक , रामटेक परिसर के संचालक प्रो. हरेकृष्ण अगस्ती ने स्वामीजी की विश्वविद्यालय की ओर से पूजा की। उन्हें पुष्पांजलि और फल अर्पित कर उनके आशीर्वाद प्राप्त किए। अधिष्ठाता प्रो. कविता होले, प्रो, ललिता जोशी प्रो. कलापिनी अगस्ती, संचालक प्रो. प्रसाद गोखले, शास्त्रविद्यागुरुकुल प्राध्यापक - डॉ राघवेन्द्र भट्ट , डॉ आशिष जे., डॉ. श्वेता शर्मा, डॉ सचिन द्विवेदी , प्रो. पराग जोशी, डॉ. जयवंत चौधरी, डॉ हॄषीकेश साहु डॉ अश्विनी शुक्ला अन्य सभी प्राध्यापक और सभी गुरुकुल विद्यार्थियों ने भी उनके आशीर्वाद प्राप्त किए।
आदरणीय स्वामीजी ने कहा कि प्राचीन शास्त्र परम्परा के द्वारा संस्कृत शास्त्रों में निहित विज्ञान का अध्ययन करके विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना चाहिए। गुरुकुल शिक्षा के द्वारा संस्कृत शास्त्र और विज्ञान दोनों को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए। ऐसी शोधपरक दृष्टि का निर्माण करना हमारा कार्य है और हमने इसे विभिन्न उपक्रमों के माध्यम से प्रारंभ भी किया है। भविष्य में गुरुकुल परम्परा के माध्यम से यह सब संभव है।
इस कार्यक्रम का संयोजन विश्वविद्यालय नियोजन एवं विकास मंडल के संचालक प्रो. प्रसाद गोखले के समन्वयन में शास्त्रविद्यागुरुकुलम् के सभी प्राध्यापकों के द्वारा किया गया ।