09/02/2023
साल भर पहले कही ये नज़्म आप सबके सामने रख रही हूं, ताकि आप भी अपने प्यार की शिद्दत महसूस कर सकें
प्यार की पहली वो बरसात लिये जाती हूँ
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'अय मेरे दिल' यही सौगात लिये जाती हूँ,
गुज़रे लम्हात की हर बात लिये जाती हूँ।
बोलती आँखे वो तेवर वो तबस्सुम वो अदा,
तेरी यादों की मैं बारात लिये जाती हूँ।
प्यार की पहली वो बरसात लिये जाती हूँ
चार सू वो ही नज़र में वही चेहरा उसका,
यक बयक आँख मिली रंग खिला था उसका।
इक नज़र में ही मेरे दिल ने सुकूँ वो पाया,
अनसुने अनकहे जज़्बात लिये जाती हूँ ।
प्यार की पहली वो बरसात लिये जाती हूँ
रुत बसंती है हवा कर रही सरग़ोशी है
पीले फूलों से सजे खेत हैं मदहोशी है।
हसरतें ओढ़ चुनर लाल सँवरती सी कहीं,
खिलते फूलों से ख़यालात लिये जाती हूँ।
प्यार की पहली वो बरसात लिये जाती हूँ
हर क़दम जैसे कि रुक जाती हैं सासें मेरी,
देखना चाहें उसे ही ये निगाहें मेरी।
इक कशिश खींचती जाती है उसी ओर मुझे,
साथ अपने वही लम्हात लिये जाती हूँ।
प्यार की पहली वो बरसात लिये जाती हूँ
बेख़ुदी मेरी ये उसकी ही तरफ़ बढ़ती है,
मंद पुरवाई उसे क्या ये ख़बर करती है ?
एक लमहे में ख़ुशी ग़म से लिपटती है फिर,
शाम के ढलते सवालात लिये जाती हूँ।
प्यार की पहली वो बरसात लिये जाती हूँ
अजनबी था जो मुझे आज वो हमसाया है,
मेरी दुनिया भी वही जुस्तजू सरमाया है।
एक सपना है हसीं या कि हक़ीक़त कोई,
मुख़्तसर सी वो मुलाक़ात लिये जाती हूँ ।
प्यार की पहली वो बरसात लिये जाती हूँ
दिल परेशाँ है बहुत होश उड़ा जाता है,
एक वीरान सा मंज़र भी उभर आता है ।
साथ मेरे जो यहाँ दूर तलक कोई नहीं,
दिल के टूटे हुए जज़्बात लिये जाती हूँ।
प्यार की पहली वो बरसात लिये जाती हूँ ....
संगीता श्रीवास्तव 'सुमन'
Sangeeta Srivastava