24/01/2026
आदरणीय नागरिकों,
सम्मानित पूर्व विद्यार्थियों,
गुरुजनों एवं समाज के जागरूक साथियों,
कांकरोली का बालकृष्ण विद्यालय केवल ईंट-पत्थरों से बनी एक इमारत नहीं है।
यह वह स्थान है जहाँ पीढ़ियों ने अक्षर नहीं, संस्कार सीखे,
जहाँ बच्चों ने किताबों से पहले अपने सपनों को पहचानना सीखा,
और जहाँ से निकलकर अनगिनत विद्यार्थी समाज, प्रशासन और राष्ट्र की सेवा में आगे बढ़े।
आज वही ऐतिहासिक विद्यालय भवन—
जर्जर अवस्था में खड़ा, मौन होकर हमारी ओर देख रहा है।
दीवारें दरक रही हैं, छतें जवाब दे रही हैं,
और सबसे दुखद बात यह है कि
इस ओर देखने वाला कोई नहीं।
यह केवल एक भवन का प्रश्न नहीं है—
यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर,
हमारी स्मृतियों,
और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का प्रश्न है।
इसी पीड़ा और जिम्मेदारी को महसूस करते हुए
आज बालकृष्ण विद्यालय के कुछ जागरूक पूर्व विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की एक बैठक आयोजित हुई।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि—
➡️ दिनांक 27 जनवरी को प्रातः 11:00 बजे
➡️ जिला कलेक्ट्री पहुंचकर
➡️ जिला कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा जाएगा,
ताकि इस ऐतिहासिक विद्यालय भवन के संरक्षण और पुनर्निर्माण हेतु ठोस कदम उठाए जा सकें।
इसके साथ-साथ यह भी निर्णय लिया गया कि
आगामी समय में बालकृष्ण विद्यालय के सभी पूर्व विद्यार्थियों की एक भव्य एल्यूमिनी मीट आयोजित की जाएगी,
ताकि हम सब मिलकर अपने विद्यालय के लिए
एकजुट होकर आवाज़ उठा सकें।
आज समय आ गया है कि हम सब
अपने अतीत के प्रति कृतज्ञता
और अपने भविष्य के प्रति जिम्मेदारी निभाएं।
यदि आज हम नहीं बोले—
तो कल हमारी आने वाली पीढ़ियाँ पूछेंगी,
“जब तुम्हारा विद्यालय टूट रहा था, तब तुम कहाँ थे?”
📢 आह्वान है—
सभी पूर्व विद्यार्थी, शिक्षक, समाजसेवी एवं जागरूक नागरिक
27 जनवरी, प्रातः 11:00 बजे जिला कलेक्ट्री पहुँचें
और अपने विद्यालय के सम्मान, अस्तित्व और भविष्य के लिए
अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँ।
यह केवल एक ज्ञापन नहीं होगा—
यह हमारी भावनाओं, स्मृतियों और संकल्प की सामूहिक आवाज़ होगी।
आइए,
बालकृष्ण विद्यालय को
खंडहर नहीं—बनने से बचाएँ।
— बालकृष्ण विद्यालय के
जागरूक पूर्व विद्यार्थी एवं शिक्षकगण