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Prabhakara Education Raipur
Call : 7470519111
Prabhakar'a Education
Your comfort zone is a place where you keep yourself in a self-illusion and nothing can grow there but your potentiality can grow only when you can think a
25/03/2020
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20/02/2020
अगर लगातार प्रयास किया जाये तो सफलता अवश्य ही प्राप्त होती हैं।
यह हमारे इन छात्रों ने सिद्ध किया है ।
प्रभाकरा एडुकेशन आप दोनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है
और आपकी उपलब्धि के लिए आप दोनों को बधाई देता है।
1. Chandrakant pal select in ssc phase 7
2. Girish kumar bariha select in assistant teacher science
Prabhakara education bhatagaon raipur
Call 7470519111
22/12/2019
90 day's Fast track crash course for
Starts from 1st week of January 2020
Venue : Prabhakara Education R.K.Tower near bhatagaon over bridge Ring Road no -1 raipur
Call :- 7470519111
10/11/2019
CGPSC notification will be coming from 26/11/2019
New batch for CGPSC starts from monday 11/11/2019
Morning 6-8
Evening 6-8
Prabhakara education bhatagaon chowk raipur
Call 7470519111
05/11/2019
New batch for
Starts from 10nov 2019
Morning batch
6-7am gs- history
7-8am csat-maths
8-9am gs- general science
Evening batch
5-6pm csat-maths
6-7pm gs- general science
7-8pm gs- history
Venue: PRABHAKARA EDUCATION near bhatagaon overbrige, Ring Road no-1, Raipur,C.G.
For more information
Contact:7470519111
30/10/2019
New batch for
Starts from 1nov 2019
Morning batch
6-7am gs- history
7-8am csat-maths
8-9am gs- general science
Evening batch
5-6pm csat-maths
6-7pm gs- general science
7-8pm gs- history
Venue: PRABHAKARA EDUCATION near bhatagaon overbrige, Ring Road no-1, Raipur,C.G.
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09/10/2019
बस्तर दशहरा कुछ महत्वपूर्ण रस्मे-
शुरुवात- क्वार अमावस्या
★ बारसी उतारनी- रथ बनाने के लिए लकड़ी का चयन और 2 मंजिला रथ बनाया जाता है जो 8 चक्के का होता है
★ काछिन गादी- 13 वर्ष की पनका/ महार जाती की बालिका को देवी का स्वरूप बनाकर आज्ञा ली जाती है।
★ जोगी बिठाई- बुरी नज़र से बचाने के लिए एक जोगी को बैठाया जाता है-
★ मावली परघाव- दंतेवाड़ा से लाकर देवी का जदलपुर महल में स्वागत/ पूजा
★ भीतरी रैनी/ बाहरी रैनी- रथ को चुराकर कुम्हाडकोट के जंगलों में छिपाया जाता है- राजा आदिवासियों को माना के उनके साथ भोजन कर इसके वापस लाते है।( विजय दशमी के तिथि पर होता है)- रथ परिचालन माड़िया - परजा/ धुरवा जनजाति के द्वारा
★ मुरिया दरबार- आज़ादी से पहले मुरिया विद्रोह हुवा था- तब से ये परंपरा बनी है कि राजा जनता दरबार लगाता है।
30/09/2019
जोगी बिठाई........!
बस्तर दशहरा में काछिनगादी के बाद सबसे महत्वपूर्ण रस्म है जोगी बिठाई। आश्विन शुक्ल प्रथमा से दशहरा में नवरात्र कार्यक्रम प्रारंभ होता है। नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना की जाती है। जगदलपुर के दंतेश्वरी मंदिर में हवन पूजा पाठ पुरे नौ दिनों तक चलते रहते है।
नवरात्र के पहले दिन ही सिरासार भवन में जोगी बिठाई का कार्यक्रम होता हैं। इस कार्यक्रम मे आमाबाल गांव का व्यक्ति विधि विधान से जोगी के रूप में बिठाया जाता है। सिरासार भवन में एक आदमी अंदर समाने लायक. गडढा खोदा जाता है ।
मावली देवी के पूजा अर्चना के बाद जोगी को उसमें बैठाया जाता है। यह परंपरा छः सौ साल पुरानी है। पीढ़ियो से आमाबाल एवं पराली गांव के ग्रामीण जोगी बनते है। जोगी नौ दिनों तक वहीं गढडे में रहता है जिसके लिये दुग्ध एवं फलों की व्यवस्था रहती है। चारों तरफ कपड़ा लगाया जाता है ताकि उसे बुरी नजर से बचाया जा सके।
जोगी बिठाई के बारे में लाला जगदलपुरी जी अपनी पुस्तक बस्तर संस्कृति इतिहास में लिखते है कि कभी दशहरे के अवसर पर एक ग्रामीण दशहरा निर्विघ्न संपन्न हो , इसलिये वह अपने ढंग से योग साधना में बैठ जाया करता था।
वह नौ दिन तक योगासन में बैठा रहता है। इसी से जोगी बिठाई का प्रथा चल पड़ी। जोगी बिठाते समय मांगूर मछली काटने का रिवाज है। पहले बकरा भी काटा जाता था। जोगी बिठाई कार्यक्रम की मान्यता है कि जोगी के तप से देवी प्रसन्न होती है और दशहरा निर्विघ्न संपन्न होता है।
28/09/2019
काछिनगादी परंपरा से बस्तर दशहरे की शुरूआत......!
बस्तर का दशहरा अपने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं रस्मों के कारण देश विदेश में प्रसिद्ध है। बस्तर दशहरा भारत का ऐसा दशहरा है जिसमें रावण दहन ना करके रथ खींचने की परंपरा का निर्वहन किया जाता है। यह दशहरा विश्व का सबसे लंबा चलने वाला दशहरा है। कुल 75 दिन तक दशहरा के विभिन्न रस्मों -परंपराओं का आयोजन किया जाता है।
पाटजात्रा नामक रस्म से बस्तर दशहरा की शुरूआत हो जाती है। पाटजात्रा के बाद डेरी गड़ाई एक प्रमुख रस्म है जिसमें काष्ठ रथों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाता है। डेरी गड़ाई के बाद सबसे महत्वपूर्ण रस्म है काछिन गादी रस्म। प्रत्येक वर्ष नवरात्रि से पूर्व आश्विन मास की अमावस्या के दिन काछिनगादी की रस्म निभाई जाती है। काछिनगादी रस्म के निर्वहन के बाद ही दस दिवसीय दशहरा की औपचारिक शुरूआत हो जाती है।
काछिनगादी का अर्थ है काछिन देवी को गद्दी देना। काछिन देवी की गद्दी कांटेदार होती है। कांटेदार झुले की गद्दी पर काछिनदेवी विराजित होती है। काछिनदेवी का रण देवी भी कहते है। काछिनदेवी बस्तर अंचल के मिरगानों (हरिजन)की देवी है। बस्तर दशहरा की शुरूआज 1408 ई में बस्तर के काकतीय चालुक्य राजा पुरूषोत्तम देव के शासन काल में हुई थी वहीं बस्तर दशहरा में काछिनगादी की रस्म महाराज दलपत देव 1721 से 1775 ई के समय प्रारंभ मानी जाती है।
बस्तर संस्कृति और इतिहास में लाला जगदलपुरी जी कहते है कि जगदलपुर मे पहले जगतु माहरा का कबीला रहता था जिसके कारण यह जगतुगुड़ा कहलाता था। जगतू माहरा ने हिंसक जानवरों से रक्षा के लिये बस्तर महाराज दलपतदेव से मदद मांगी। दलपतदेव को जगतुगुड़ा भा गया उसके बाद दलपत देव ने जगतुगुड़ा में बस्तर की राजधानी स्थानांतरित की। जगतु माहरा और दलपतदेव के नाम पर यह राजधानी जगदलपुर कहलाई। दलपतदेव ने जगतु माहरा की ईष्ट देवी काछिनदेवी की पूजा अर्चना कर दशहरा प्रारंभ करने की अनुमति मांगने की परंपरा प्रारंभ की तब से अब तक प्रतिवर्ष बस्तर महाराजा के द्वारा दशहरा से पहले आश्विन अमावस्या को काछिन देवी की अनुमति से ही दशहरा प्रारंभ करने की प्रथा चली आ रही है।
जगदलपुर में पथरागुड़ा जाने वाले मार्ग में काछिनदेवी का मंदिर बना हुआ है। लाला जगदलपुरी जी के अनुसार इस कार्यक्रम में राजा सायं को बड़े धुमधाम के साथ काछिनदेवी के मंदिर आते है। मिरगान जाति की कुंवारी कन्या में काछिनदेवी सवार होती है। कार्यक्रम के तहत सिरहा काछिन देवी का आव्हान करता है तब उस कुंवारी कन्या पर काछिनदेवी सवार होकर आती है। काछिन देवी चढ़ जाने के बाद सिरहा उस कन्या को कांटेदार झुले में लिटाकर झुलाता है। फिर देवी की पूजा अर्चना की जाती है। काछिनदेवी से स्वीकृति मिलने पर ही बस्तर दशहरा का धुमधाम के साथ आरंभ हो जाता है। काछिन देवी कांटो से जीतने का संदेश देती है वहीं बस्तर दशहरा में हरिजन समाज से जुड़ी रस्मों का निवर्हन इस बात का प्रमाण है कि बस्तर में अस्पृश्यता का कोई स्थान नहीं है।
14/07/2019
#मिशन_चंद्रयान_2
14/06/2019
#ग्रामीनबैंक notification is out
Online registration start from 18/06/2019 -04/07/2019
For download notification=>https://www.toprankers.com/exams/ibps-rrb-notification/
New batch for ibps rrb starts from tomorrow
Fee 6000
Venue -PRABHAKARA EDUCATION NEAR BHATA GAON OVER BRIDGE RING ROAD NO 1 RAIPUR
7470519111
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