19/06/2026
College is run by Maharajadhiraj Agrasen Sikshan Samiti of Chhattisgarhi Agrawal Samaj, Raipur.
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13/06/2026
दिनांक: 12/06/2026
*अग्रसेन महाविद्यालय और वीतराग रिसर्च फाउंडेशन की अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ ।*
*हाइब्रिड मोड पर देश-विदेश के शोधार्थियों ने प्रस्तुत किए रिसर्च पेपर।*
पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय में शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए अग्रसेन महाविद्यालय और वीतराग रिसर्च फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आज शुभारंभ हुआ। इस गरिमामयी आयोजन के पहले दिन देश और दुनिया भर के शिक्षाविदों, प्रोफेसरों और शोधार्थियों ने हाइब्रिड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) मोड के माध्यम से बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने महत्वपूर्ण शोध पत्र प्रस्तुत किए।
डॉ. अरुणा पलटा (मुख्य अतिथि एवं कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग) ने दोनों संस्थाओं के इस संयुक्त प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा, "वैश्विक परिदृश्य में शोध ही प्रगति का एकमात्र माध्यम है। आज के समय में हाइब्रिड मोड पर ऐसी अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन शिक्षाविदों को एक ऐसा मंच देता है जहाँ भौगोलिक सीमाएँ समाप्त हो जाती हैं। शोधार्थियों को समाजोपयोगी और व्यावहारिक रिसर्च पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।"
महाविद्यालय के निदेशक डॉ. व्ही के अग्रवाल ने सभी अतिथियों और शोधार्थियों का स्वागत करते हुए कहा, "हमारा उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि नवाचार को बढ़ावा देना है। यह अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस वैश्विक स्तर पर ज्ञान के आदान-प्रदान का एक बड़ा जरिया बनेगी।"डॉ. दिव्या शर्मा (चेयरपर्सन, वीतराग रिसर्च फाउंडेशन)
ने शोध के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वीतराग रिसर्च फाउंडेशन हमेशा से गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान का समर्थक रहा है। इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जो निष्कर्ष निकलेंगे, वे निश्चित रूप से भविष्य की शैक्षणिक नीतियों और समाज को एक नई दिशा देंगे।"
प्राचार्य, अग्रसेन महाविद्या के प्राचार्य डॉ. यूलेंद्र राजपूत ने
कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त करते हुए प्राचार्य डॉ. राजपूत ने कहा, "कॉन्फ्रेंस के पहले दिन शोधकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था। हाइब्रिड मोड होने के कारण सुदूर क्षेत्रों के प्रतिभागी भी इस ज्ञान सत्र से सीधे जुड़े। प्रथम वक्ता के रूप में प्रबंधन विभाग इकफाई से डॉ अर्ची दुबे ने विषय पर अपने विचार रखे। कॉन्फ्रेंस के पहले दिन तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। इसमें देश-विदेश के शोधार्थियों ने ग्लोबल पर्सपेक्टिव ऑन इमरजिंग रिसर्च पॉलिसी विषय पर अपने अपने शोध पत्र पढ़े। हाइब्रिड मोड में आयोजित होने के कारण डि
10/06/2026