11/09/2017
सरकार ने फरमान जारी किया है कि 50 साल से ज्यादा के कर्मचारियों को कार्य कुशलता की समीक्षा के आधार पर जबरन रिटायर किया जाएगा। इसलिए आओ सब भारत वासी आज प्रण करें कि पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक ऐसे किसी नेता को वोट देकर नहीं चुनेंगे, जो 50 वर्ष से अधिक हो! ताकि देश की कार्य कुशलता प्रभावित न हो और मेरा भारत और महान बन सके और निम्नलिखित अनुसार यह कानून अनिवार्य रूप से सभी पर लागू हों 🙏👇
1- नेताओं को भी पचास साल की उम्र में रिटायर कर दिया जाय ?
2- क्यों नहीं नेताओं को भी पुरानी पेंशन से वंचित किया जाय ?
3- क्यों नहीं नेताओं को विधानसभा सदस्य बनने के लिए स्नातक व लोकसभा सदस्य बनने के लिए परास्नातक होना अनिवार्य किया जाय ?
4- क्यों नहीं कानून मंत्री बनने के लिए LAW की डिग्री अनिवार्य हो,
05-स्वास्थ्य मंत्री बनने के लिये MBBS की डिग्री अनिवार्य हो, 06-समाज कल्याण के लिए समाजशास्त्र की डिग्री अनिवार्य हो
07- मानव संसाधन के लिए M.Ed. की डिग्री अनिवार्य हो,
08-वित्त मंत्री को अर्थशास्त्री होना अनिवार्य हो इसी प्रकार सभी मंत्रीयों की योग्यता का मानक निर्धारित किया जाय ।
09-क्यों नहीं फ्री का डीजल, पेट्रोल, फोन की सुविधा, हवाई सुविधा, रेल सुविधा सहित तमाम सुविधाओं में जिसमें प्रतिवर्ष अरबों रूपये खर्च होता हैं उसमें कटौती की जाय ।
10-क्यों नहीं सभी नेताओं के खाते सार्वजनिक किये जाय ।
11-क्यों नहीं नेताओं की पुरानी पेंशन,मोटी तनख्वाह,सब्सिडी द्वारा भोजन बंद किया जाय जिसपर सरकार प्रतिवर्ष अरबों रूपये पानी की तरह खर्च करती हैं ।
12- क्यों नहीं नेताओं के पद से हटने के बाद फ्री मेडिकल सुविधा बंद किया जाय जिस पर देश का करोड़ों रूपये नुकसान होता हैं ।
13-क्या 50 साल का कर्मचारी बूढ़ा और 50 साल का नेता जवान होता हैं ? यह कौन सा मानक हैं ? नेताओं के पास क्या राहु व केतु वाला अमृत कलश हैं क्या ? जिससें यह पचास की उम्र में युवा नेता हो जाते हैं ?
देश को कितना गर्त में आप नेताजी लोग ले जायेंगे? जब स्वयं की तनख्वाह लाखों में करते हैं तो सभी पार्टियों के कोई भी नेता विरोध नहीं करता सभी मिलकर मेज थपथपा देते हैं । क्या देश पर आप की तनख्वाह की बेतहाशा वृद्धि से अरबों रूपये का भार नहीं पडता ? गजब की सोच हैं आप नेताओं की जब कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों को पचास वर्ष में हटाने पर विचार किया जा सकता तो यह उपरोक्त बिन्दुओं पर विचार क्यों नहीं किया जा सकता है!!
"जनहित में शेयर जरूर करें !"🙏🙏
[8:38 PM, 9/5/2017] Gambhir Mandavi: शिक्षक की कद्र ...
मशहूर पाकिस्तानी लेखक मरहूम अशफ़ाक़ अहमद लिखते है
रोम (इटली) में मेरा चालान हुआ बिज़ी होने की वजह से फीस वक़्त पर जमा नहीं करवा सका जिसकी वजह से कोर्ट जाना पड़ा ।
जज के सामने पेश हुआ तो उस ने वजह पूछी
मैंनें कहा प्रोफ़ेसर हूँ मसरूफ ऐसा रहा के वक़्त ही नहीं मिला ।
इस से पहले कि मैं बात पूरी करता, जज ने कहा -
A TEACHER IS IN THE COURT ....!
और सब लोग खड़े हो गए और मुझ से माफ़ी मांग कर चालान कैंसिल कर दिया ।
उस रोज़ मैं उस मुल्क की कामयाबी का राज़ जान गया !
सभी शिक्षकवृन्द को ससम्मान समर्पित🙏 ✅अति विशिष्ट व्यक्ति / VIPकौन है?
🙏 क्या आप को जानकारी है कि............
💥1)अमेरिका में सिर्फ दो तरह के लोगों को वी आई पी मानते हैं :
वैज्ञानिक और शिक्षक ।
💥2) फ्रांस के न्यायालय में सिर्फ शिक्षकों को ही कुर्सी पर बैठने का अधिकार है।
💥3) जापान में पुलिस सरकार से अनुमति लेने के बाद ही किसी शिक्षक को गिरफ्तार कर सकती है।
💥4) कोरिया में हर शिक्षक को वे सारे अधिकार प्राप्त हैं, जो भारत के मंत्री को प्राप्त हैं, सिर्फ अपना आई कार्ड दिखा कर ।
💥5) अमेरिकन तथा यूरोपीय देशों में प्राथमिक अध्यापक को सर्वाधिक वेतन मिलता है, क्योंकि कच्ची मिट्टी को वे ही पक्का करते हैं ।
🚷एक ऐसा समाज, जहाँ शिक्षकों का अपमान होता रहेगा, वहाँ सिर्फ चोर, डाकू, लुटेरे और भ्रष्टाचारी लोग ही पनपते है।
🇮🇳शिक्षक बचाओ, देश बचेगा🇮🇳
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