13/10/2025
छत्तीसगढ़ की अमृत लता – गिलोय (Guduchi)
आज जब हम तरह-तरह की गोलियाँ और सीरप पी रहे हैं, तब हमें अपने गाँव के पुराने नुस्खों को याद करना चाहिए।
🌱 “प्रकृति ने जो वरदान दिया है, उसका असली स्वाद और फायदा हमें अपने जंगलों से ही मिलता है।”छत्तीसगढ़ की मिट्टी, जंगल और लोग – सब में एक अपनापन है और इसी धरती की गोद में उगती है एक ऐसी लता या बेल जो हर बीमारी को हराने की ताकत रखती है – गिलोय, जिसे हमारे गाँवों में अमृत लता या गुड़ूची भी कहा जाता है।
🌿 क्या है गिलोय?
गिलोय एक बेल होती है जो पेड़ों पर लिपट कर बढ़ती है – अक्सर नीम या आम के पेड़ों पर इसे देखा जाता है। इसकी डंडी हल्की हरी, रस से भरी और भीतर से बहुत ठंडी मानी जाती है।
हमारे बुजुर्ग कहते हैं ।गिलोय घर के पास उग जाए, तो अस्पताल की जरूरत कम पड़ती है।
💪 गिलोय के फायदे जानकर आप हैरान हो जाएंगे, पुराने समय में जब दवाइयां नहीं होती थी तब गांव के लोग इसका रस निकालकर इसे टाइफाइड डेंगू और वायरल जैसे बुखार जल्दी उतारने के लिए काढा के रूप में उपयोग किया करते थे।
🤧 सर्दी–खाँसी में रामबाण: गिलोय को तुलसी और अदरक के साथ उबालकर पीने से।
🔰इम्युन बूस्टर - हफ्ते में एक या दो बार थोड़ा-सा गिलोय का रस या उसका पाउडर लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है।
❤️ ब्लड और शुगर कंट्रोल में उपयोगी:
बुजुर्ग लोग इसे “खून साफ करने वाली बेल” कहते हैं।
डायबिटीज के मरीज इसे खाली पेट लेते हैं जिससे शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।
🌿 त्वचा और पेट के रोगों में कारगर:
गिलोय का रस या पेस्ट चेहरे पर लगाने से त्वचा साफ होती है, और पेट के रोग जैसे गैस, कब्ज में भी राहत मिलती है।
गिलोय लेने के देसी तरीके (हमारे गाँवों के अनुसार)
🌿 इसकी डंडी और पत्तियों को आप पानी में काली मिर्च और तुलसी मिला कर उबाल कर पीना सबसे बढ़िया माना है या फिर आप इसकी पत्तियों को पीसकर उसका रस छान कर आधा कप पी सकते हैं। यदि आप शहर में रहते और गिलोय उपलब्ध नहीं होता तो, आप किसी फार्मेसी शॉप से हिमालया या अन्य आयुर्वेदिक कंपनियों के आने वाले गिलोय(गुडुची) के टैबलेट ले सकते हैं।
छत्तीसगढ़ के गाँवों में लोग इसे सिर्फ दावा नहीं अमृत मानते हैं।
हमारे दादा-दादी कहा करते थे –“जंगल में गिलोय मिले, तो समझो भगवान ने खुद दवा दी।”
❤️ Pitara Chhattisgarh की बात:
गिलोय जैसी जड़ी-बूटी हमें बताती है कि असली सेहत प्रकृति के करीब रहने में है। पोस्ट किए गए तस्वीर को देखकर बताएं कि आपके गाँव में गिलोय को क्या नाम से बुलाया जाता है? क्या आपने कभी इसका रस या काढ़ा पिया है? अपने अनुभव कमेंट में जरूर बताइए — अगली बार आपके बताए नुस्खे को “Pitara Chhattisgarh” में जगह दी जाएगी 🙌