19/02/2025
ये नमूने एक ही प्रकार की मिट्टी के हैं और पिछले 20 वर्षों से मक्का-बीन्स की फसल चक्र में रहे हैं, लेकिन इनका उपचार एकदम अलग था!!!
बाईं ओर की भूमि को पिछले 20 वर्षों से जोता नहीं गया और न ही इसे ऐनहाइड्रस अमोनिया से उर्वरित किया गया। इसके अलावा, इस पर राई का आवरण फसल (कवर क्रॉप) उगाई गई।
दाईं ओर की भूमि को हर साल जोता गया और इसे शरद ऋतु में ऐनहाइड्रस अमोनिया से उर्वरित किया गया।
यह फोटो मिट्टी के नमूनों को पानी में डुबाने के लगभग 2 मिनट बाद ली गई थी।
जैसे ही जोती गई मिट्टी पानी में गई, यह लगभग "फट" गई। लगातार जुताई से मिट्टी की संरचना नष्ट हो गई, जिससे इसके अंदर मौजूद छोटे-छोटे छिद्र और जैविक "गोंद" जो मिट्टी को एक साथ जोड़ने में मदद करता है, समाप्त हो गए, और मिट्टी पूरी तरह बिखर गई।
इसके विपरीत, बिना जुताई वाली मिट्टी में न्यूनतम छेड़छाड़ हुई थी, जिससे उसमें उत्कृष्ट छिद्रयुक्तता (पोरोसिटी) और उच्च जैविक गतिविधि बनी रही। इसकी मजबूत संरचना पानी के झटके को सहन करने में सक्षम थी।
पांच मिनट से भी कम समय में जोती गई मिट्टी पूरी तरह घुल गई, जबकि बिना जोती गई मिट्टी लगभग वैसी ही बनी रही।
हम यह देखना चाहते थे कि यह कितनी देर तक टिकेगी, इसलिए हमने कई हफ्तों तक इसमें पानी डालना जारी रखा (वाष्पीकरण की भरपाई के लिए)।
छह हफ्ते बाद भी बिना जोती गई मिट्टी का 95% भाग ज्यों का त्यों बना रहा।
03/11/2023
जब किसान के कर्जा माफ़ होथे तब तो नै बोलाओ
जब खाता में धान बोनस आत्थे तब तो होंठ मे गुड़ लगा लथो
छ ग के खजाना चाहे धान से भरे, चाहे खाली हो के लोगन के घर भरे,
लोगन के चाहि के, लक्ष्मी ला हाथ जोड़ के, सम्मान से विनती करे
के
दाई सरस्वती औ राधा रानी ला तको बुला लेतेव्
लेकिन घरों घर दारू नहीं होना चाहिए
जय छत्तीसगढ़ महतारी!!!
सत्ता के लालच मे कभी विकास के बलि नै चगहना चाहि
✋✋जय हो धनेंद्र भैय्या!! हमर विकास करिय्या!!! ✋✋
20/05/2023
मोदी जी ने सबको रोजगार दे कर रखा है:
12 y/o आधार कार्ड को नया करने data op ko;
2000 ke bade note bank walo ko
Gst har mahine CA
20/05/2023
नोटों का मूल्य उसमे छिपे डिजाइन(उसकी गूढ़ रचना)होती है,1000 के नोट कि बारीकी और 2000 के नोट के बेसिक डिजाइन से उसकी कीमत कितनी है।
01/02/2023
मृत्यु के बाद क्या होता है #shortvideo #youtubeshortsviral #viralvideo
मृत्यु के बाद क्या होता है puranmythologyhindu mythologyHindu mythology factslord shivaHindu mythology short...
27/10/2022
A single genomic change may have given modern humans an advantage over more ancient contemporaries like Neanderthals by enabling increased neocortical neurogenesis, researchers report in Science.
Learn more in this Perspective: https://scim.ag/hi
27/10/2022
जब पता न हो कि व्याकुल मन में
प्रतीक्षा किसकी है तो
अक्सर वह प्रतीक्षा अपनी ही होती है
अपने स्वरूप में लौट आने की..
-अक्षत पांडेय
26/10/2022
Your Reaction, When your Friend tells you about his ‘Diwali Bonus’
26/10/2022
I am an ardent user of ORS
मुझे ग्रामीण जीवन शैली की आदत नहीं है ,जहां #भिनसारे #भोर होने से पहले ही खेतो का रुख कर लिया जाता है । प्रेशर आने तक खेत - खार का एक - आध चक्कर हो ही जाता है , लौट कर सिर्फ टपरे की चाय । उसके फौरन बाद तैयार हो कर कागज कलम जमा कर एक पैकेट ors ढकेल कर सीधे प्रैक्टिस को निकालना । फिर वही से टाइम निकाल कर दवा/खाद आदि के लिए बाजार जाना। लौटते वक्त कभी बैंक, कभी किसी दफ्तर, कोई और जगह सब चीज को अलाइनमेंट मिलाते हुए कब दोपहर से शाम हो जाती और कमर 34" से ३२" को हो जाती पता ही नहीं चलता ।
लेकिन खेत में काम करते/करवाते हुए #ओआरस का एक पैकेट जो सवेरे से पिए रहो और वापस से शाम को काम आता है; उससे कम से कम दिन भर की पानी/नमक कि कमी को पूरी करता एक सचमुच का जीवन वरदाई घोल मैं अक्सर पीता हूं। बाज़ार में रहो तो #कोल्डड्रिंक इसका अच्छा पर्याय हो सकता है निस्संदेह । लेकिन रोजमर्रा के लिए 4₹ पैकेट से बेहतरीन कोई ऑप्शन बाहरी परिवेश में नहीं दिखता।
वैसे तो मेरा पुराना experience फील्ड / साइट जॉब का भी रहा है जिसमें अमूमन हम लोगो को कई कई दिन फील्ड में सर्वे और एक्जीक्यूशन का काम देखना होता है , कभी कभी billing में तो और भेजा खप सा जाता है ऐसे में टाइम टाइम पे जीवन रक्षक घोल एक नितांत आवश्यकता बन जाती है
क्युकी #नमक दिमाग में न्यूरॉन्स (यादों का memory sector) जोड़ने में मदद करता है और शरीर में नमी(पसीने के रूप में चमड़ी में/ बॉडी temp) रेगुलेट करने में मदद करता है , और शक्कर ग्लूकोज की कमी पूरी करते हुए ब्लड प्रेशर को थामे रखता है और पेट की गर्मी #जठारग्नी को नींबू का सत्व ही थाम लेता है , बाकी ै_तो_जीवन_है
यही सलाह मै विगत 8 सालों से अपने हर साइट में देते आ रहा हूं कि गर्मियों में खाने में नमक बढ़ा ले । और जो भी कामगार की आंखे पीली दिखाई दे उसको नमक की आपूर्ति ज़रूर करवाए , (ताकि उसकी जल्द कोई दवा की जरूरत न पड़े) अक्सर ज़्यादा धूप में काम करने वालों की या तो एफिशिएंसी में कमी आती है या उनको दवा- दारू की आवश्यकता पड़ती है।
कारण:
#धूप में #पसीने से #नमक की #कमी होने से #सोचने_समझने की #दिक्कत होना जिससे #कार्यकुशलता #प्रभावित होती
नतीजा:
अब मेरी साइट में लोग गर्मियों में बीमार नहिच पड़ते , ना दवा का खर्च ना काम में छुट्टी का टेंशन , ना किसी आपदा/अल्हन का
इसलिए मै सभी को कहता हूं हर हफ्ते पखवाड़े एक गिलास ors पेल लियो जिससे सबका बॉडी इलेक्ट्रोलाइट बलैंस हो जाए, क्युकी आप किसी भी फील्ड से क्यों ना हो किसी ना किसी दिन एक्जर्षण या ज़्यादा दिमाग/पसीना वाला काम हो ही जाता है तो बॉडी में नमक बनी रहे इसलिए ।
वैसे भी
हफ्ते के हर दिन बराबर नहीं होते, नहीं मौसम कैसे बदलते
ऋतुएं कैसे आती जाती , इंसान क्यों रोज़ एक सा नहीं बर्ताव करता।
सब बलैंस का कमाल है
एक बार शत शत नमन साहब को जिन्होंने ki खोज की
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=10228803157441562&id=1167038080
RIP Dileep Mahalanabis 💐
06/10/2022
प्रेरणा देने वाले, सूचन देने वाले, (सच) बताने वाले, (रास्ता) दिखाने वाले, शिक्षा देने वाले, और बोध कराने वाले – ये सब गुरु समान हैं।
आप सभी को #विश्व_शिक्षक_दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।