04/01/2020
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"6दिन (Jan 06 ,2020 से Jan 11, 2020) बहुत क्रिटिकल हैं"
आम तौर पर ये लाइन हम अस्पतालों में सुनते है या फिल्मों में , पर यहाँ बात हो रही है हमारे असल जिंदगी की , जी हाँ JEE MAINS की परीक्षा ,यह वही वक़्त है जब 2 साल से कोचिंग का टॉपर हो या महीने में 22 दिन प्रॉक्सी अटेंडेंस लगाने वाला स्टूडेंट सबके चेहरे पर तनाव दिखता है । लेकिन जब बात चुनौतियों की हो तो कोचिंग का जिक्र स्वभाविक है ! कोचिंग सिस्टम के छेनी से महीनों तक गढ़ा गया हर छात्र मानसिक तौर पर खुद को देश के अन्य शहरों के छात्रों से मजबूत पाता है । परीक्षा के पहले " स्ट्रेस मैनेजमेंट" के जो गुण कोचिंग ने हमें सिखाया है , माइनर-मेजर-कॉमन टेस्टों की चक्की में पीस कर साबुत बाहर आ चुका हर छात्र उसमें महारथ रखता है । कोचिंग होने के तमाम फायदों के बावजूद "एग्जाम तो एग्जाम है" वाली थ्योरी हम सब पर भी लागू होती है, इसलिए पूरे साल क्या किया न किया को भूल कर जरूरी है जीवन के इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए खुद को तैयार करना ।
तो सबसे पहले आइए तय करतें है कि क्या करना है हमें अभी से लेकर exam की सुबह तक ।।
1) शांत रहें, क्या होगा - कैसा होगा यह सोचने में वक़्त बर्बाद न करें ।
2) अब नए/untouched चैप्टर्स को करने की कोशिश न करें, जितना किया है उसे revise करें ।
3)अगर आपने अभी तक टेस्ट सेंटर विजिट नही किया है तो एग्जाम के दिन गूगल मैप के झंझट में पड़ने से बेहतर है कि एक बार अपना सेंटर विजिट कर लें ।
4) अगर अभी भी सुबह ही सोते हो ,क्योंकि कोचिंग कर रहे हो आप , तो बस दो दिन के लिए ये सोने का शेड्यूल रात में शिफ्ट कर दें , वरना मैथ्स के सवाल पेपर में लोरी का काम कर सकतें है ।
5) सेंटर पर मोबाइल न ले जाये तो बेहतर ,हम फोन ले तो जातें है , पर फोन को बाहर सबमिट करने की चिंता सताती रहती है तो फोन अपने रूम ,होटल रूम या किसी जानने वाले के पास रख दें ।
6)आपके पटना , भोपाल ,इंदौर या दिल्ली वाले भैया या दोस्त का फोन परीक्षा वाली सुबह आये और वो कहें कि "paper leak हो गया है " तो उस वक़्त इसे अफवाह मान के भूल जाएं और इसको फैलाने में मदद न करें ।
7)एग्जाम हॉल में जाने के बाद क्या करना है इसके लिए आपको कोचिंग ने बेहतर तैयार किया है , यकीन मानिए सबसे बेहतर , देश के किसी भी कोने से बेहतर ।
और उसके बाद सबसे अहम पहलू ,13 लाख छात्र, तकरीबन 50 हज़ार सीट तो सबका चयन संभव नहीं इस बात को परम सत्य मान लेने में ही जीवन का अर्थ है । परीक्षा के वो 3 घँटे अहम हैं लेकिन वह आपके जिंदगी के सबसे अहम 3 घँटे नहीं है , अभी जिंदगी बहुत बड़ी है ।
Yes ,JEE-MAINS is our dream, but not our LIFE.
अगर पेपर ठीक नहीं हुआ तो सम्भव है मन में बुरे खयाल आएंगे , तब ये सोचना की आप नही आप जैसे 12 लाख और हैं , अगर वो दुबारा हिम्मत कर सकतें है , अगर वो उठ खड़े हो फिर लड़ सकतें है तो आप क्यो नही !!
संघर्ष की कहानी है , इसके हीरो आप हैं ,हम हैं .....अपने , परिवार , शहर और राज्य के साथ-साथ जीवन का अभिन्न और कभी न भुला सकने वाला हिस्सा बन चुके इस तैयारी को नई उचाईयों पर ले जाने का मौका है JEE-MAINS 2020
ALL THE BEST 😊
By:- K. K. YADAV (B. TECH, IT, IIIT ALLAHABAD)
Hitendra Kumar Sonkar (B. TECH, CE, IIT BHUBANESWAR)
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