Jawahar Navodaya Vidyalaya Raebareli

Jawahar Navodaya Vidyalaya Raebareli A child of today is the citizen of tomorrow and the base of nation’s development. Jawahar Navoday

The Navodaya Vidyalaya System is a unique experiment unparalleled in the annals of school education in India and elsewhere. Its significance lies in the selection of talented rural children as the target group and the attempt to provide them with quality education comparable to the best in a residential school system. Such children are found in all sections of society, and in all areas including the most backward. But, so far, good quality education has been available only to well-to-do sections of society, and the poor have been left out. It was felt that children with special talent or aptitude should be provided opportunities to proceed at a faster pace, by making good quality education available to them, irrespective of their capacity to pay for it.These talented children otherwise would have been deprived of quality modern education traditionally available only in the urban areas. Such education would enable students from rural areas to compete with their urban counterparts on an equal footing. The National Policy on Education-1986 envisaged the setting up of residential schools, to be called Jawahar Navodaya Vidyalayas that would bring out the best of rural talent.

सुप्रभात आदरणीय, सुबह की शुरुआत इस तरह से करने से स्वास्थ्य लाभ होगा. इसमें शामिल है एक करेला, एक टमाटर, दो भीगे छोहारा,...
29/08/2024

सुप्रभात आदरणीय, सुबह की शुरुआत इस तरह से करने से स्वास्थ्य लाभ होगा. इसमें शामिल है एक करेला, एक टमाटर, दो भीगे छोहारा, 6 भीगे किसमिस, 5 भीगे बादाम, 4 भीगे अखरोट, हरी मिर्च, नीबू, थोड़ा भीगा मुग़, सोयाबीन, चना और मुगफली सेधा नमक के साथ.
साथ ममै दो गिलास पानी उबाले जिसमे मिलाये अदरख, जीरा, अजवाइन, सौफ, लौंग. इसे धीरे धीरे शिप करे.
स्वास्थ्य लाभ होगा.

जय माँ जगदम्बिके, सभी की रक्षा करो, सुख, शांति प्रदान करो.
15/10/2023

जय माँ जगदम्बिके, सभी की रक्षा करो, सुख, शांति प्रदान करो.

With family members on 04/10/2022 at south city Lucknow home.
05/10/2022

With family members on 04/10/2022 at south city Lucknow home.

19/03/2020
जवाहर नवोदय विद्यालय, रायबरेली के वर्ष 2019 के  कक्षा 12 के प्रथम आदित्य , द्वितीय अनुराग  एवं तृतीय  रैंकर सिद्धार्थ।
09/05/2019

जवाहर नवोदय विद्यालय, रायबरेली के वर्ष 2019 के कक्षा 12 के प्रथम आदित्य , द्वितीय अनुराग एवं तृतीय रैंकर सिद्धार्थ।

Welcome to JNV Raebareli.Please visit our Rose Vatika!
15/01/2019

Welcome to JNV Raebareli.
Please visit our Rose Vatika!

Happy Independence Day !
15/08/2018

Happy Independence Day !

Class 6th Admission 2018 result is available at..
27/07/2018

Class 6th Admission 2018 result is available at..

JNVST Result 2018 Navodaya Vidyalaya Selection Test Result 2018 Class 6th exam Navodaya Vidyalaya Selection Test Result 2017-2018

आज पृथ्वी दिवस है, आप इस दिवस पर अपना छोटा सा योगदान दे सकते है जिससे समस्त ब्रह्माण्ड मे जीवन के लिये उपयुक्त एकमात्र ग...
22/04/2018

आज पृथ्वी दिवस है, आप इस दिवस पर अपना छोटा सा योगदान दे सकते है जिससे समस्त ब्रह्माण्ड मे जीवन के लिये उपयुक्त एकमात्र ग्रह को हम बचा सके और अपनी अगली पीढी़ को एक बेहतर वसुंधरा दे सकें।

क्या करें :-

1. बाजार जाते समय साथ में कपड़े का थैला, जूट का थैला या बॉस्केट ले जाएं।

2. हम प्रत्येक सप्ताह कितने पॉलीथिन थैलों का इस्तेमाल करते हैं, इसका हिसाब रखें और इस संख्या को कम से कम आधा करने का लक्ष्य बनाएं।

3. यदि पॉलीथिन थैले के इस्तेमाल के अलावा कोई और विकल्प न बचे तो एक सामान को एक पॉलीथिन थैले में रखने के स्थान पर कई सामान एक ही थैले में रखने की कोशिश करे।

4. घर पर पॉलीथिन थैलों का काफी उपयोग किया जाता है। जैसे लंच पैक करना, कपड़े रखना या कोई अन्य घरेलू सामान रखना, इनमें से कुछ को कम करने का प्रयास करे।

5. पॉलीथिन के थैलों से जितना बच सकते है, बचें। पॉलीथिन के थैलों को एक बार इस्तेमाल कर फेंकने के स्थान पर उनका पुन: प्रयोग करने का प्रयास करे।

6. स्थानीय अखबारों में चिट्ठिया लिखकर, स्कूल में पोस्टर के द्वारा या प्रजेंटेशन से इस मसले पर जागरुकता फैलाने का काम करे।

7. आज के दिन पोलीथिन के उपयोग से बचें। बाजार जाते समय कप़ड़े का बेग साथ लें जाएँ। ऐसा कर आप पर्यावरण संरक्षण यज्ञ में छोटी ही सही, पर महत्वपूर्ण आहूति दे सकते हैं।

8. बच्चों को प्रोत्साहित करें कि वे अपने पुराने खिलौने तथा गेम्स ऐसे छोटे बच्चों को दे दें जो कि इसका उपयोग कर सकते हैं। एक तरह से यह रिसाइक्लिंग प्रक्रिया ही होगी क्योंकि एक तो आपके घर की सामग्री नष्ट होने से बच जाएगी, दूसरे जिसे वह मिलेगी उसे बाहर से पर्यावरण के लिए नुकसानदायक सामग्री खरीदनी नहीं पड़ेगी। इससे बच्चों में त्याग की भावना भी बलवती होगी। केवल बच्चों ही नहीं बड़े लोग भी अपने कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान तथा पुस्तकें भेंट कर सकते हैं।

9.कार्बन आधारित ऊर्जा का संरक्षण करे, कम से कम बिजली, पेट्रोल, डिजल, खाना पकाने वाली गैस का प्रयोग करें।

10. प्राकृतिक संसाधनो का सदुपयोग करें, उनकी बर्बादी से बचें।

चिंतन मनन का दिन :- विश्व पृथ्वी दिवस महज़ एक दिन मनाने का नहीं है। यह दिन है इस बात के चिंतन मनन का कि हम कैसे अपनी वसुंधरा को बचा सकते हैं ? ऐसे कई तरीके हैं जिसे हम अकेले और सामूहिक रूप से अपनाकर धरती को बचाने में योगदान दे सकते हैं। वैसे तो हमें हर दिन को पृथ्वी दिवस मानकर उसके संरक्षण के लिए कुछ न कुछ करते रहना चाहिए, लेकिन अपनी व्यस्तता में व्यस्त इंसान यदि विश्व पृथ्वी दिवस के दिन ही थो़ड़ा बहुत योगदान दे तो धरती के ऋण को उतारा जा सकता है। हम सभी जो कि इस स्वच्छ श्यामला धरा के रहवासी हैं उनका यह दायित्व है कि दुनिया में कदम रखने से लेकर आखिरी साँस तक हम पर प्यार लुटाने वाली इस धरा को बचाए रखने के लिए जो भी सकें करें क्योंकि यह वही धरती है जो हमारे बाद भी हमारी निशानियों को अपने सीने से लगाकर रखेगी। लेकिन यह तभी संभव होगा जब वह हरी-भरी तथा प्रदूषण से मुक्त रहे और उसे यह उपहार आप ही दे सकते हैं। तो हर दिन को पृथ्वी दिवस मानें और आज से ही नहीं अभी से ही करें इसे बचाने के प्रयास करे।

साभार :- विज्ञान विश्व

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