26/05/2026
# #महाविद्यालय के लिए गौरव के क्षण # #
शीर्षक: संयुक्त राष्ट्र (UN) की प्रतिष्ठित UNSCEAR रिपोर्ट में पुरोला के भौतिक विज्ञानी डॉ. गणेश प्रसाद के तीन शोध पत्र शामिल, उत्तराखंड का नाम वैश्विक स्तर पर चमका
पुरोला/उत्तरकाशी:
बी.एल.जे. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पुरोला (उत्तरकाशी) के भौतिक विज्ञान विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गणेश प्रसाद ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पटल पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर उत्तराखंड और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की परमाणु विकिरण के प्रभावों पर गठित प्रतिष्ठित वैज्ञानिक समिति UNSCEAR (United Nations Scientific Committee on the Effects of Atomic Radiation) की नवीनतम वैश्विक रिपोर्ट में डॉ. गणेश प्रसाद के तीन महत्वपूर्ण शोध प्रकाशनों (Research Publications) को शामिल किया गया है।
वरिष्ठ वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मिली सफलता
डॉ. गणेश प्रसाद लंबे समय से विकिरण भौतिकी (Radiation Physics) और पर्यावरण रेडियोधर्मिता के क्षेत्र में अनुसंधान कर रहे हैं। उन्होंने एच.एन.बी. गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय (HNBGU) परिसर, बादशाही थौल के प्रतिष्ठित एवं सीनियर प्रोफेसर आर.सी. रमोला के कुशल निर्देशन व मार्गदर्शन में व्यापक शोध कार्य किया है। इसके साथ ही, डॉ. प्रसाद वर्तमान में जापान के प्रसिद्ध हिरोसाकी विश्वविद्यालय (Hirosaki University) और ERAN (Environmental Radioactivity Research Network) के वैज्ञानिकों व प्रोफेसरों के साथ संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं (Joint Projects) पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
वैश्विक रिपोर्ट में शोध को स्थान और ओडिशा में किया गया व्यापक फील्ड वर्क
UNSCEAR की यह रिपोर्ट दुनिया भर में सरकारों, नीति निर्माताओं और वैज्ञानिकों के लिए विकिरण सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सबसे विश्वसनीय संदर्भ मानी जाती है। इस वैश्विक रिपोर्ट में डॉ. गणेश प्रसाद द्वारा वर्ष 2012 से 2016 के मध्य किए गए महत्वपूर्ण अनुसंधान कार्यों को शामिल किया गया है।
इसके अंतर्गत ओडिशा (Odisha) में जापान की टीम व वैज्ञानिकों तथा प्रोफेसर आर.सी. रमोला के नेतृत्व में किए गए विशेष और विस्तृत फील्ड शोध कार्यों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। इस अनुसंधान के दौरान टीम द्वारा ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों में इनडोर रेडॉन, थोरॉन और उनके डॉटर प्रोडक्ट्स (Daughter Products) का विस्तृत अध्ययन किया गया। इसके साथ ही आउटडोर वातावरण के विश्लेषण के लिए एक्सहेलेशन रेट (Exhalation Rate) का आकलन, सॉइल सैंपल कलेक्शन (मिट्टी के नमूनों का एकत्रीकरण) और वॉटर मेजरमेंट (जल स्रोतों में रेडियोधर्मिता का मापन) जैसे बेहद जटिल और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक परीक्षण किए गए।
उनके यह शोध पत्र पहाड़ी, तटीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण सुरक्षा, भूजल में यूरेनियम व भारी धातुओं के संदूषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिमों को गहराई से समझने व उनके समाधान खोजने में बेहद मददगार साबित हो रहे हैं।
संस्थान और क्षेत्र में खुशी की लहर
महाविद्यालय के प्राध्यापक की इस वैश्विक उपलब्धि पर कॉलेज प्रशासन और क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने हर्ष व्यक्त किया है। महाविद्यालय के प्राचार्य और सहकर्मियों ने डॉ. प्रसाद को बधाई देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों वाले सीमांत क्षेत्र के कॉलेज में रहकर इस स्तर का अंतरराष्ट्रीय शोध और जापान व ERAN जैसे बड़े नेटवर्क के साथ जुड़ाव करना पूरे प्रदेश के शैक्षणिक जगत के लिए गौरव की बात है।
इस उपलब्धि पर डॉ. गणेश प्रसाद ने कहा, "UNSCEAR जैसी वैश्विक रिपोर्ट में हमारे शोध को शामिल किया जाना हमारे काम की प्रासंगिकता को दर्शाता है। प्रो. आर.सी. रमोला जी का मार्गदर्शन, ओडिशा में इनडोर व आउटडोर रेडिएशन, सॉइल व वॉटर मेजरमेंट पर किया गया हमारा व्यापक फील्ड वर्क और हिरोसाकी यूनिवर्सिटी व ERAN के साथ संयुक्त प्रोजेक्ट्स ने इस शोध को अंतरराष्ट्रीय मानकों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।"