आपने नही देखा होगा आज तक एसा विडियो || 11000 तार पर लगी आग का लाइव विडियो
Purnea Smart City
साफ सफाई का रखे ध्यान,"Purnea Smart City"का यही अभ? साफ सफाई का रखें ध्यान, Purnea Smart City का यही अभियान, साथ आऐं कदम बढ़ाऐं
विडियो जरुर देखे,, भारतीय राजनीति में ऐसा ही कुछ हो रहा है |
22/04/2019
आखिरी समय में भी ऐसे ही जाएंगे ? कप्तान पुल शवदाह स्थल पर है यह सफाई का नजारा l पूर्णिया सिटी को कह रहा है राम नाम सत्य है l
09/04/2018
हमसफ़र एक्सप्रेस की उद्घाटन कार्यक्रम पर आप सभी सादर आमंत्रित है ।
06/11/2016
पक्की तालाब के पास भगवान सूर्यदेव की प्रतिमा
06/11/2016
पक्की तालाब के छठ घाट का मनोरम दृश्य
छठ पर्व की आप सभी पूर्णिया और देश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं, आये सारदा सिन्हा के छठ गीत के साथ शुरु करते है आस्था का ये महा पर्व ......
04/11/2016
04/11/2016
ये है हमारा पूर्णिया जंक्शन जहा रखा जाता है साफ़ सफाई का खाश ध्यान । आप सभी से निवेदन है कि आपने शहर को साफ़ और स्वछ रखे ।
02/11/2016
स्वच्छता एक ऐसा कार्य नहीं है जो हमें दबाव में करना चाहिये। ये एक अच्छी आदत और स्वस्थ तरीका है हमारे अच्छे स्वस्थ जीवन के लिये। अच्छे स्वास्थ्य के लिये सभी प्रकार की स्वच्छता बहुत जरुरी है चाहे वो व्यक्तिगत हो, अपने आसपास की, पर्यावरण की, पालतु जानवरों की या काम करने की जगह (स्कूल, कॉलेज आदि) हो। हम सभी को निहायत जागरुक होना चाहिये कि कैसे अपने रोजमर्रा के जीवन में स्वच्छता को बनाये रखना है। अपनी आदत में साफ-सफाई को शामिल करना बहुत आसान है। हमें स्वच्छता से कभी समझौता नहीं करना चाहिये, ये जीवन में पानी और खाने की तरह ही आवश्यक है। इसमें बचपन से ही कुशल होना चाहिये जिसकी शुरुआत केवल हर अभिभावक के द्वारा हो सकती है पहली और सबसे बड़ी जिम्मेदारी है के रुप में।
01/11/2016
आज भाईदूज की आप सभी पूर्णिया वासियों को ढेर सारी शुभकामनाएं ... जाने क्यों मानते है ये पर्व ...
भाई दूज (भातृद्वितीया) कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाए जाने वाला हिन्दू धर्म का पर्व है जिसे यम द्वितीया भी कहते हैं। भाईदूज में हर बहन रोली एवं अक्षत से अपने भाई का तिलक कर उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीष देती हैं। भाई अपनी बहन को कुछ उपहार या दक्षिणा देता है। भाईदूज दिवाली के दो दिन बाद आने वाला ऐसा पर्व है, जो भाई के प्रति बहन के स्नेह को अभिव्यक्त करता है एवं बहनें अपने भाई की खुशहाली के लिए कामना करती हैं। इस त्योहार के पीछे एक किंवदंती यह है कि यम देवता ने अपनी बहन यमी (यमुना) को इसी दिन दर्शन दिया था, जो बहुत समय से उससे मिलने के लिए व्याकुल थी। अपने घर में भाई यम के आगमन पर यमुना ने प्रफुल्लित मन से उसकी आवभगत की। यम ने प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया कि इस दिन यदि भाई-बहन दोनों एक साथ यमुना नदी में स्नान करेंगे तो उनकी मुक्ति हो जाएगी। इसी कारण इस दिन यमुना नदी में भाई-बहन के एक साथ स्नान करने का बड़ा महत्व है। इसके अलावा यमी ने अपने भाई से यह भी वचन लिया कि जिस प्रकार आज के दिन उसका भाई यम उसके घर आया है, हर भाई अपनी बहन के घर जाए। तभी से भाईदूज मनाने की प्रथा चली आ रही है। जिनकी बहनें दूर रहती हैं, वे भाई अपनी बहनों से मिलने भाईदूज पर अवश्य जाते हैं और उनसे टीका कराकर उपहार आदि देते हैं। बहनें पीढियों पर चावल के घोल से चौक बनाती हैं। इस चौक पर भाई को बैठा कर बहनें उनके हाथों की पूजा करती हैं।
01/11/2016
ी_पूर्णियावासियों_को_महा_पर्व_छठ_की_ढेर_सारी शुभकामनाएं....
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