After school academy

After school academy

Share

R.E.A.D ( Rural Education Awareness Drive) बच्चों की डिजिटल पाठशाला

30/08/2020

Waseem akram alig ke shukriye ke saath :
अलीगढ़ में 1978 में दंगे हुए तब वहाँ एक कमेटी AMU Relief & Rehabilatation Committee बनी । कमेटी के ज़िम्मेदार जनाब नसीम कुरेशी साहब ( प्रोफ़ेसर , उर्दू डिपार्टमेंट ) की सरपरस्ती में तय हुआ कि उन इलाक़ों में स्कूल खोले जाए जहाँ पर अवाम ग़रीब है । चार कम्यूनिटी स्कूल खोले गए , आज वो चारों स्कूल किस हालत में है और उनको चलाने वाले ज़िम्मेदार क्या कर रहे हैं , यह उर्दू अख़बार “ आग “ में कल एडिटॉरीयल में डॉक्टर नग़मा शाह , प्रिन्सिपल अल मआज़ गर्ल्ज़ स्कूल , शाह जमाल ने तफ़सील से लिखा है ।

1. शाह जमाल ( शहीद गढ़ी ) में क़ायम शुदा शहीद अब्दुल जलील इसलामिया स्कूल अपनी क़िस्मत पर आँसू बहा रहा है । बिल्डिंग जर्जर हो गयी है , Toilets और बिजली तक की व्यवस्था स्कूल में नहीं है । 150 के क़रीब छात्र और 6 टीचर है , आमदनी इतनी है कि टीचर की तनख़्वाह भी नहीं निकल पाती है । पढ़ाई का अंदाज़ा आप हालात से लगा सकते है ।

2. मानक चौक में दूसरा स्कूल है , काफ़ी बड़ी बिल्डिंग है जो ख़स्ताहाल है । ग़रीब मुस्लिम बस्ती है , स्कूल बंद हो चुका है , स्कूल के कमरे कारोबारियों को किराए पर दिए जा चुके हैं जिन्होंने उन्हें गोदाम बना रखा है । कोई इफ़्तिख़ार साहब उनसे किराया वसूलते हैं ।

3. सराय सुल्तानी में तीसरा स्कूल था जो अब बंद हो चुका है । 10 साल पहले तक यह स्कूल अच्छा चल रहा था और इलाक़े के ग़रीब बच्चे फ़ैजयाब हो रहे थे । स्कूल क्यों बंद हो गया इसका जवाब किसी के पास वहाँ नहीं है ।

4. जीवनगढ़ की गली नम्बर 5 में चौथा स्कूल है जिसकी बिल्डिंग काफ़ी बड़ी है । 50-60 बच्चें स्कूल में पढ़ रहे हैं , 3 टीचर हैं जिनकी तनख़्वाह 450 रुपय महीना है । बिल्डिंग ख़स्ताहाल है , टीचर की तनख़्वाह से अंदाज़ा लगा सकते हैं कि तालीम का मैयार क्या होगा ।

इन सभी स्कूलों की देखरेख की ज़िम्मेदारी प्रोफ़ेसर नफ़ीस अहमद साहब के कंधो पर है । उनके पास वक़्त की कमी है या उनका इंट्रेस्ट नहीं है , यह तो वो ख़ुद जाने लेकिन बुज़ुर्गों ने यह स्कूल क़ायम करते वक़्त जो ख़्वाब देखा था वो इन स्कूलों को देखते हुए लगता है कि टूट गया है ।

अलीगढ़ में बड़ी तादाद में पैसे वाले मुसलमान रहते हैं , उन्हें क़ौम की फ़िक्र भी है , AMU से निकले हुए लोग सामाजी और सियासी सरगर्मियो में भी ख़ूब ऐक्टिव है लेकिन बड़े अफ़सोस की बात है कि सर सैयद के मिशन को सर सैयद के पेरोकार ही नहीं समझ पाए । जब अलीगढ़ में ही मौजूद स्कूलों की हालत हम सुधार नहीं सकते तो नए स्कूल बनाना तो ख़्वाब ओ ख़्यालों की ही बात है । मस्जिद की तामीर में करोड़ों रुपय ख़र्च करने वाली क़ौम तालीमी इदारो पर ख़र्च क्यों नहीं करती है ??

राजनीति के पास हमारे सारे मसायल का हल नहीं है और हमारे सारे मसायल भी सिर्फ़ सियासी जमातों के दिए हुए नहीं है । कुछ मसलें ऐसे भी है जो हम ख़ुद आसानी से हल कर सकते हैं लेकिन हम में ना काम करने की ललक है और ना ही क़ौम की तड़प है । अपनी नाकामियों को दूसरे के सर पर फोड़ना हमारी आदत बन गयी है और 70 साल से हम यही कर रहे हैं ।

Photos from After school academy's post 09/02/2020

"कल गुज़र गया ,आने वाले कल का पता नही,मेरे पास केवल आज है ''
(मदर टेरेसा)
पूर्णिया के अति पिछड़े गाँवों में शुरू की गई 4 क्लास के ग़रीब बच्चों के लिए फ्री कोचिंग क्लासेस का नाम है After School Academy ---
यहां छटी क्लास में अच्छे स्कूल में दाखिले के लिए टेस्ट की तैयारी करवाई जाती है।साथ साथ एक्टिविटी ड्रिल भी ।
मंज़िल तक पहुंचना कठिन हो सकता है ,
ना मुमकिन नही अगर हम और आप मिल कर इस तालीमी बेदारी मुहिम को आगे बढाते रहें।

27/01/2020

Jai Hind

Photos from After school academy's post 21/11/2019

तालीमी बेदारी मुहिम के तहत कल बिसाहरी / जाबर मदरसा चौक पे एक मीटिंग रक्खी गई थी।इस मुहिम को लेकर बस्ती वालों में काफी उत्साह देखने को मिला ,लोगों ने अपने विचार रक्खे और मैं ने भी इस बेदारी मुहिम के लिए आफ़्टर स्कूल अकेडमी खोलने का मक़सद समझाया और तआवुन की गुज़ारिश की ।
वहीं चौक पे मौजूद जनाब मुंशी सरफ़राज़ ने अपनी कीमती ज़मीन सेंटर खोलने के लिए देने की घोषणा की । पैक्स अध्यक्ष मंज़ूर साहब ने हर तरह से समाज से मदद दिलाने का वादा किया।
खुर्शीद साहब की पहल पर इस मीटिंग का आयोजन किया गया था।
इस अवसर पर मुफ़्ती शब्बीर साहब,मुखिया जनाब एहतेशाम साहब,पूर्व मुखिया जनाब रईस साहब,मास्टर तारिक़ साहब,जनाब इश्तियाक नदवी साहब,महफूज़ साहब,मास्टर तबरेज़ ,जनाब आलमगीर,जनाब मुख्तार ,शोएब साहब,आसिफ साबिर साहब ने इस प्रोजेक्ट की ज़रूरत को समझते हुए बिसाहरी चौक पे इसका सेंटर खुलने पे खुशी का इज़हार किया और स्वागत किया ।
मीटिंग में युवा लड़के लड़कियां और उनके अभिभावक भी बड़ी संख्या में मौजूद थे ।
कबैया से तशरीफ़ लाये जनाब तहज़ीब आलम ने अपने सेंटर की मिसाल पेश की और अपना अनुभव साझा किया।
जनाब खुर्शीद की अगवाई में तहज़ीब आलम साहब की देखरेख में बिसाहरी चौक का सेंटर अगले एक महीने में तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

19/11/2019

चलो गाँव की ओर

Photos from After school academy's post 19/11/2019

4th क्लास के 80 बच्चों ने टेस्ट दिया था 25 बच्चे सलेक्ट हुए हैं ।
top 5
1.असजद अज़ीज़
2.अवैस यज़दानी
3.धनंजय
4.राजीव कुमार
5.बीबी तूबा कौसर

यूं तो पास के सरकारी स्कूल में ढेर बच्चों का नामांकन है जहां टीचर पढाने के बजाए सरकारी काम काज में,भोजन बनवाने ,खिलवाने,पोशाक बांटने,छात्रवृत्ति गिनने में व्यस्त रहते हैं ,क्या करें आदेश जो है,आदेश तो ये भी है कि कोई बच्चा स्कूल जाने से न रह जाये ,हर साल उसको पास कर के आगे भी बढ़ा दिया जाए चाहे उसे कुछ आये न आये ।
टीचर के नाम पर लोगों को रोजगार गारंटी का वादा जो है और हम नारों में उलझाए गए लोग अपनी चोंच से अपनी ही दुम पकड़ने में व्यस्त हैं। यही सब वर्षों से चल रहा है तो नतीजा ढाक के तीन पात! दूर दूर के इक्का दुक्का गांव से कोई डाक्टर इंजीनियर वकील लेक्चरर फौजी सिपाही या सरकारी अफसर मिलता है ।हां अब बोहत से प्राईवेट स्कूल और कोचिंग संस्थान खुल गए हैं सब चल ही रहे हैं।तब्दीली आ रही है।लेकिन ये
After school academy ज़रा अलग है। पहला टारगेट तो ये है कि बच्चों को 6th क्लास में किसी अच्छे स्कूल में दाख़िल करवाना ,वहां से शुरू होता है अगला टारगेट ।
हमारा काम बच्चों की उंगली थाम कर उसे 2 साल बाद फिर वक़्त के समंदर में ग़र्क़ होने के लिए नही छोड़ना है।
उसे उसकी मंज़िल तक ले कर जाना है इंशा अल्लाह।
किया आप साथ दें गे?

20/10/2019
Want your school to be the top-listed School/college in Purnea?

Click here to claim your Sponsored Listing.

Location

Telephone

Address


Purnea
854330