11/01/2023
कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार द्वारा मुजफ्फरपुर में आयोजित राज्य स्तरीय युवा उत्सव 2023 में नृत्यालय नृत्य अकादमी, पूर्णिया बिहार की प्रस्तुति शास्त्रीय नृत्य " मणिपुरी " ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया । 😊🙏
The Essence of Art. Dance is the hidden language of soul. Nrityalaya is a school of Folk Dance and
11/01/2023
कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार द्वारा मुजफ्फरपुर में आयोजित राज्य स्तरीय युवा उत्सव 2023 में नृत्यालय नृत्य अकादमी, पूर्णिया बिहार की प्रस्तुति शास्त्रीय नृत्य " मणिपुरी " ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया । 😊🙏
09/03/2022
यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया अम्रपाली महिला यूनिट के द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसमें नृत्यालय नृत्य अकादमी के कलाकारों ने लोक नृत्य झूमर और झिझिया का प्रदर्शन किया और सम्मानित हुए |
07/03/2022
भारत सरकार (नेहरू युवा केंद्र) युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम कला भवन पूर्णिया मे आयोजित किया गया, जिसमें नृत्यलाया नृत्य एकेडमी द्वारा बिहार लोक नृत्य झिझिया और रविंद्र क्रिएटिव नृत्य की प्रस्तुति की गई ।
15/01/2022
Nrityalaya Nritya Academy , Purnea ने ५ वर्ष पूरे किये , इसे एक छोटी उत्सव के रूप मे मनाया गया कलाकारों द्वारा। नृत्यलाया के कलाकार लोक कला के जगत मे आगे भी काम करते रहेंगे। आप सभी अपना आशीर्वाद बनाये रखें 🙏💐
29/12/2021
District Level Youth festival 2021 folk dance and Manipuri classical dance winner team Nrityalaya Nritya Academy , Purnea organised by district administration (Youth and Cultural Ministry Government of Bihar) congratulations team for your emmence hard work .Please do give your blessings❤ 🙏💐
Jhhijhiya Bihar lok nritya ....😊
कविता मे भाव - भंगिमा नृत्य के माध्यम से 😊
13/11/2021
Had a wonderful programme in International Dharma Dhamma Conference 2021 organised by Nalanda University, Bihar(Inograted by our honourable vice-president of India Mr. Venkiah Naidu sir) in Rajgir🙏 ☺Special thanks to Jeetendra Kumar Chaurasia sir and Sudipa Bose ma'am for giving me a great opportunity to perform in Bihar Gaurav Gaan.
29/10/2021
कजरी नृत्य
इस नृत्य का विषय बरसात के मौसम को पुरस्कृत करना है। न केवल जलवायु में परिवर्तन बल्कि मानसिक रूप से ताजगी और सुकून भी इस नृत्य रूप में वर्णित है। यह प्रदर्शन बारिश के मौसम की शुरुआत में किया जाता है।
बिहार की पारंपरिक झिझिया बनाने की प्रशिक्षण ( मिथिलांचल का एक प्रमुख लोक नृत्य )