Aspire-We transform minds

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"If you believe you can, you probably can. If you believe you won't, you most assuredly won't. Belief is the ignition sw...
14/05/2022

"If you believe you can, you probably can. If you believe you won't, you most assuredly won't. Belief is the ignition switch that gets you off the launching pad." -- Denis Waitley

समय सबका आता हैं , बस संयम बनाये रखें :-साल 2004 । दिनेश कार्तिक नामक युवा विकेटकीपर ने भारतीय क्रिकेट टीम ने अपना डेब्य...
11/05/2022

समय सबका आता हैं , बस संयम बनाये रखें :-

साल 2004 । दिनेश कार्तिक नामक युवा विकेटकीपर ने भारतीय क्रिकेट टीम ने अपना डेब्यू किया । उनका क्रिकेट जीवन परवान चढ़ रहा था और सन 2007 में अपनी बचपन की दोस्त निकिता वंजारा से शादी कर ली।

दिनेश और निकिता अपनी शादीशुदा जिंदगी में बड़े खुश थे । दिनेश रणजी ट्रॉफी में तमिलनाडु टीम की कप्तानी भी कर रहे थे । उनके खास दोस्त थे तमिलनाडु की टीम के ओपनर ,जो बाद में भारतीय टीम का हिस्सा भी बने , मुरली विजय ।

तो एक दिन निकिता की मुलाकात दिनेश कार्तिक के इसी साथी खिलाड़ी मुरली विजय से हुई । मुरली विजय को निकिता भा गयी। भोले भाले दिनेश कार्तिक इस बात को महसूस नहीं कर पाए। निकिता और मुरली के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी और कुछ ही समय में दोनों का अफेयर शुरू हो गया । दोनों खुलकर मिलने लगे। दिनेश कार्तिक के अलावा पूरी तमिलनाडु की टीम जानती थी की मुरली विजय अपने कप्तान दिनेश की पत्नी निकिता के साथ इश्क लड़ा रहे हैं ।

फिर आया वर्ष 2012 । निकिता प्रेगनेंट हो गई । लेकिन तभी उसने धमाका करते हुए का यह बच्चा मुरली विजय का है । दिनेश कार्तिक टूट गए । उन्होंने निकिता से तलाक ले लिया । तलाक के अगले ही दिन निकिता ने मुरली विजय से शादी कर ली । और महज 3 महीने बाद उन्हें बच्चा हो गया।

दिनेश कार्तिक डिप्रेशन में चले गए। वह मानसिक तौर पर बीमार रहने लगे । वह अपनी पत्नी और दोस्त मुरली के इस धोखे को असानी से भूला नहीं पा रहे थे। वे शराबी हो गए। सुबह से लेकर शाम तक शराब पीने लगे। वे देवदास बन गए। उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया । रणजी ट्रॉफी में भी वे असफल हो रहे थे ।

तमिलनाडु की टीम की कप्तानी उनसे छीन ली गयी। और मुरली विजय को नया कप्तान बना दिया गया।असफलता का दौर यहीं नहीं थमा , उन्हें आईपीएल में भी टीम में नहीं खिलाया गया। उन्होंने जिम जाना भी छोड़ दिया । अंत में दिनेश इतना हताश हो गए कि आत्महत्या कर लेने तक की बात करने लगे।

तभी एक दिन जिम में उनके ट्रेनर उनके घर पहुंचे । उन्होंने दिनेश कार्तिक को बुरी अवस्था में पाया । उन्होंने कार्तिक को पकड़ा और सीधा जिम लेकर आ गए।कार्तिक ने मना किया लेकिन उनके ट्रेनर ने उनकी एक न सुनी ।

उसी जिम में भारतीय स्क्वैश की महिला चैंपियन दीपिका पल्लीकल भी आती थी । जब उन्होंने दिनेश कार्तिक की स्थिति देखी तो ट्रेनर के साथ उन्होंने भी दिनेश कार्तिक की काउंसलिंग शुरू कर दी ।

ट्रेनर और दीपिका के मेहनत रंग लाने लगी। अब दिनेश कार्तिक सुधार की राह पर थे । उधर दूसरी ओर मुरली विजय का खेल निरंतर डाउन होता जा रहा था । इधर मुरली विजय को भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया। बाद में उनकी खराब फॉर्म को देखते हुए आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स ने भी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।

दूसरी ओर दीपिका पल्लीकल के सहयोग से दिनेश कार्तिक नेट पर जोरदार अभ्यास करने लगे थे। इसका असर दिखने लगा और दिनेश कार्तिक घरेलू क्रिकेट में बड़े स्कोर बनाने लगे । शीघ्र ही उन्हें आईपीएल में भी चुन लिया गया और कोलकाता नाइट राइडर्स का कप्तान भी बना दिया गया । दीपिका पल्लीकल के वह बहुत नजदीक आ चुके थे । उन्होंने दीपिका से शादी कर ली ।

क्रिकेट की उम्र अनुसार दिनेश अब बूढ़ा चुके थे ।भारतीय क्रिकेट टीम में अब ऋषभ पंत का आगमन हो चुका था कार्तिक समझ गए कि अब उनका कैरियर समाप्त प्राय है । उन्होंने क्रिकेट से रिटायर होने का फैसला किया । इधर उनकी पत्नी दीपिका पल्लीकल प्रेग्नेंट हुई और उसने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया । दीपिका का स्क्वाश खेलना भी रुक गया ।

दीपिका और दिनेश कार्तिक की इच्छा थी कि उनका चेन्नई के संभ्रांत इलाके पोएस गार्डन एक बंगला हो । 2021 में चेन्नई के इसी इलाके में एक महलनुमा घर को खरीदने का ऑफर उनके पास आया । दिनेश ने उसे खरीदने का फैसला कर लिया । सब आश्चर्य कर रहे थे कि जब दीपिका और दिनेश दोनों ही करीब करीब खेल की दुनिया से बाहर हो चुके हैं , तब इतना महंगा सौदा वे कैसे पूरा करेंगे ?

तभी दिनेश को सूचना मिली की चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से महेंद्र सिंह धोनी उन्हें विकेटकीपर के रूप में वापस टीम में देखना चाह रहे हैं । 2022 का आईपीएल का ऑक्शन शुरू हुआ । लेकिन इस बार चेन्नई की जगह रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु ने उन्हें खरीद लिया । दिनेश की पत्नी दीपिका ने भी खेलना शुरू किया और अपनी जुड़वा बच्चों के जन्म के महज 6 महीने बाद उन्होंने स्क्वैश की वर्ल्ड चैंपियनशिप में , ग्लास्गो शहर में , मिक्स्ड डबल के साथ महिला युगल का खिताब जीत लिया । उनकी पार्टनर थी जोशना पुनप्पा।

पत्नी की सफलता और नई टीम के साथ जोड़कर दिनेश कार्तिक में भी ऊर्जा का संचार हुआ और उन्होंने 2022 के आईपीएल में कमाल दिखाना शुरू कर दिया । एक के बाद एक मैच जिताऊ पारियां खेली और उन्हें इस आईपीएल का सबसे बड़ा फिनिशर माने जाने लगा । अभी परसों ही हुए मैच में उन्होंने 8 गेंदों पर तीन छक्कों की सहायता से 30 रन ठोक डाले । मैच समाप्ति पर जब दिनेश ड्रेसिंग रूम पहुंचे तो विराट कोहली ने उन्हें झुककर सम्मान दिया । आज दिनेश कार्तिक भारतीय टी20 की टीम में आने के सबसे बड़े दावेदार बन गए हैं। 37 साल की उम्र में दिनेश कार्तिक इस वर्ष के आईपीएल के सबसे धमाकेदार खिलाड़ी हैं ।

उनकी यह सफलता की कहानी सभी को जाननी चाहिए। नीचे गिरकर उठना किसे कहते है यह कार्तिक का जीवन बताता है। सदैव संयम बनाये रखिये । परिस्थितियों से लड़ते रहिए । आप अपनी मंजिल तक अवश्य पहुंचेंगे!!
👌🏼👌🏼❣️❣️

परिवर्तन से आप सफलता की ऊंचाई तक पहुँच सकते हैं। एक ही चीज पर अड़े रहने और नई चीजों को ना सिकने से आगे बढना असंभव है।
11/05/2022

परिवर्तन से आप सफलता की ऊंचाई तक पहुँच सकते हैं। एक ही चीज पर अड़े रहने और नई चीजों को ना सिकने से आगे बढना असंभव है।

मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो, रास्ते हमेशा पैरो के नीचे होते है.
05/05/2022

मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो, रास्ते हमेशा पैरो के नीचे होते है.

अक्षय राहो धनसंपदा,अक्षय राहो शांती..अक्षय राहो मनामनातील,प्रेमळ निर्मळ नातीअक्षय  तृतीयेच्या हार्दिक शुभेच्छा
03/05/2022

अक्षय राहो धनसंपदा,
अक्षय राहो शांती..
अक्षय राहो मनामनातील,
प्रेमळ निर्मळ नाती
अक्षय तृतीयेच्या हार्दिक शुभेच्छा

May your Eid be filled with peace, love, and joy. Wishing you a wonderful Eid full of happiness and joy تقبل الله منا وم...
03/05/2022

May your Eid be filled with peace, love, and joy. Wishing you a wonderful Eid full of happiness and joy تقبل الله منا ومنكم

"असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो, क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो। जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम, संघर्ष...
28/04/2022

"असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम।
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। "

माझ्या वाचनात आलेला एक उत्कृष्ट लेख, ,,,,,RICH असणं म्हणजे काय ?जीवन प्रवासातील यश मोजत असताना त्यात RICH होणं महत्वाचं ...
05/04/2022

माझ्या वाचनात आलेला एक उत्कृष्ट लेख, ,,,,,
RICH असणं म्हणजे काय ?

जीवन प्रवासातील यश मोजत असताना त्यात RICH होणं महत्वाचं आहेच. पण मग RICH कुणाला म्हणायचं?
अमाप पैसा गाठीशी असेल तर त्याला RICH म्हणायचं?
केवळ अमाप पैसा हे जर यशाचं रहस्य असतं तर सर्व पैसेवाले आनंदानंच जगले असते, पण प्रत्यक्षात मात्र तसं दिसत नाही कारण आनंदाची अनुभूती पैशाने खरेदी केलेल्या मोठमोठ्या गोष्टीतच असते असं नाही तर खूपदा ती भावनिक आपुलकीतून आणि निरपेक्ष प्रेमातून साकारलेल्या छोट्या छोट्या गोष्टीत असते.

सत्ताधारी व्यक्तींना RICH म्हणायचं?

सत्ता जर यशाचं रहस्य असतं तर सत्ताधारी व्यक्तीला सुरक्षेची खात्री मिळाली असती. नेते संरक्षकांशिवाय निर्भयपणे उघड उघड वावरू शकले असते. पण प्रत्यक्षात ते सगळे सतत भीतीने ग्रस्त असतात आणि असुरक्षिततेच्या तणावाखाली जगतात. याउलट जे सामान्यातले सामान्य असतात, जे साधी राहणी अवलंबतात ते निर्धास्तपणे जगतात. त्यांना रात्री मस्त शांत झोप लागते.

सुंदर आणि सुप्रसिद्ध असलेल्याला
ला RICH म्हणायचं?

सौंदर्य आणि प्रसिद्धी या दोन गोष्टी जर यशस्वी जीवनाचा पाया असत्या तर सर्व सेलिब्रिटीजचे वैवाहिक सहजीवन समाजात आदर्श मानले गेले असते. पण प्रत्यक्षात बहुतेक सेलिब्रिटीजच्या वैवाहिक जीवनाची वाताहात झालेली पहायला मिळते. याउलट सामान्यातली सामान्य जोडपी आपल्या छोट्याशा घरातही वैवाहिक सहजीवनाचा आनंद मनमुराद लुटत समाधानानं जगताना दिसतात.

या क्षणभंगुर आयुष्यात जरा अंतर्मुख होऊन RICH शब्दाचा खरा अर्थ जाणून घेणं गरजेचं आहे.
RICH शब्दामधला
'R' हा Relationship चा,
'I' हा Income चा,
'C' हा Character चा आणि 'H' हा Health चा.
‘नातेसंबंध’, ‘पैसा’, ‘चारित्र्य’ आणि ‘आरोग्य’ हे चारही स्तंभ मजबूत आणि संतुलित असणं म्हणजे RICH असणं. यातला एक स्तंभ जरी डळमळीत असेल किंवा मजबूत असूनही संतुलित नसेल तरी बाकी सारं असूनही आयुष्य विकलांग आहे.
चला...
एकमेकाना wish करू या आणि सगळेच जण RICH होऊ या...!

वृक्षों पर सजती नये पत्तों की बहार हरियाली से महकता प्रकृति का व्यवहारऐसा सजता हैं गुड़ी का त्यौहारमौसम ही कर देता नववर्ष...
01/04/2022

वृक्षों पर सजती नये पत्तों की बहार
हरियाली से महकता प्रकृति का व्यवहार
ऐसा सजता हैं गुड़ी का त्यौहार
मौसम ही कर देता नववर्ष का सत्कार !!

गुड़ी पाडवा की बधाई !!

“Life is inherently risky. There is only one big risk you should avoid at all costs, and that is the risk of doing nothi...
31/03/2022

“Life is inherently risky. There is only one big risk you should avoid at all costs, and that is the risk of doing nothing.”

– Denis Waitley.

8. “Adventure seeker,

{ लहानपणी अर्धी राहिलेली गोष्ट }👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻चिमणीचे सगळे काम आटोपलेती जरा निवांत झाली आणि तेव्हा तिच्या लक्षात आलं क...
13/02/2022

{ लहानपणी अर्धी राहिलेली गोष्ट }
👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻

चिमणीचे सगळे काम आटोपले
ती जरा निवांत झाली आणि तेव्हा तिच्या लक्षात आलं की,

अरेच्च्या! आपण अजून कावळ्यासाठी दारच उघडलेलं नाही.

तिला विलक्षण अपराधी वाटलं.

तिनं बंद दारामागचा कानोसा घेतला. दाराबाहेर शांतता होती.

ती शांतता चिमणीला असह्य झाली. तिनं तत्परतेनं दार उघडलं. दाराबाहेर कावळा नव्हता. तिने आजू बाजूला फिरून पाहिलं, कावळा कुठेही नव्हता.

'गेला असेल कुठेतरी... येईल परत'

…. तिने स्वत:च्या मनाची समजूत काढली.

मात्र, रात्र मावळली... दिवस उगवला, संध्याकाळ झाली आणि परत रात्र आली तरी कावळ्याचा काही पत्ताच नव्हता.

चिमणीचं मन आज कशातच रमेना … बाळाला न्हाऊ घालण्यातही नाही आणि बाळाला गंध-पावडर करण्यातही नाही …

कारण एव्हाना तिला सवय झाली होती …. कावळ्याने बंद दारावर केलेल्या टकटकीची ……

तो आवाज असा काही कानात साठला होता की दिवसातून अनेक वेळा तिने दारावर टकटक झालीय असं समजून दार उघडलं होतं आणि बाहेर कोणी नाही हे पाहून निराशेने बंद केलं होतं...

अनेक दिवस उलटले ...

चिमणीच्या मनातून काही कावळा जाईना.

मग तिने कावळ्याचा शोध घ्यायचाच असं ठरवून घरट्याबाहेर पाऊल ठेवलं. मजल दरमजल करत फिरताना थकून एका झाडाच्या फांदीवर विश्रांती घेण्यासाठी ती थांबली.

एवढ्यात त्याच झाडाच्या दुसऱ्या फांदीवरून चिरपरिचित आवाज तिच्या कानावर पडला...

तो 'कावळ्याचा' आवाज होता. तो आवाज ऐकून चिमणीला कोण आनंद झाला. सारा थकवा, सारा शीण कुठल्या कुठे पळाला.

तिने मोठ्या उत्साहाने त्या फांदीच्या दिशेने झेप घेतली. पहाते तर काय!

कावळा आपल्या घरट्यात आपल्या पिल्लांसोबत आनंदाने मौज मस्ती करत होता.

कावळ्याचं लक्ष चिमणीकडे गेलं. चिमणीला पाहून त्याला फार आनंद झाला. तो आनंदाने म्हणाला,

'या या चिमणाबाई. तुमचं स्वागत आहे आमच्या घरट्यात. तुम्हाला भेटून खूप आनंद झाला. बोला, काय करू तुमच्यासाठी?'

कावळ्याचं ते अगत्य पाहून चिमणी खूप ओशाळली. म्हणाली,
- 'तुला राग नाही आला माझा?'

- का यावा?

- मी माझ्यात विश्वात गुंग होते म्हणून?

- छे छे! प्रत्येकाचं आपलं असं स्वतंत्र विश्व असतं.. जसं तुझं होतं. तुला त्यात माझी गरज कधीच नव्हती माझी ती गरज होती म्हणून मी तुझ्या दाराशी आलो. पण नंतर मला माझी चूक कळली. माझी गरज भागवण्यासाठी तू तुझ्या विश्वातून बाहेर येउन मला साथ देणं किंवा तुझ्या विश्वात मला प्रवेश देणं या दोनीही गोष्टी 'अतिक्रमणा सारख्याच' घडल्या असत्या नाही का? आणि कुणाच्याही वस्तूवर, अधिकारावर, भावविश्वावर 'अतिक्रमण' करण चूकच नाही का? म्हणून मग मी स्वत:च वजा व्हायचं ठरवलं आणि निघालो एकटाच …. तुझ्या विश्वापासून दूर.

- मला एकट करून? अरे, मला सवय झालीय आता तुझी.

- चिमणाबाई, या जगात एकट कोणीच नसतं. जेव्हा आपण एकट आहोत असं वाटतं ना तेव्हा तो एकांतच असतो आपला सोबती जो दाखवत असतो आपल्याला वाट आयुष्यातल्या पुढच्या प्रवासाची . मलाही दाखवली त्याने आणि बघ ……. आज मी किती आनंदी आहे … माझ्या 'घरट्यात'… माझ्यावर जीवापाड प्रेम करणाऱ्या 'माझ्या माणसांमध्ये'

चिमणी नि:शब्द होऊन तिथून निघाली तेव्हा कावळा तिला एवढंच म्हणाला -

- चिमणाबाई, माझ्या घरट्यात तू केव्हाही येऊ शकतेस हो. तुझी टकटक ऐकून मी लगेच दार उघडेल … क्षणाचाही विलंब न करता.

चिमणीचे डोळे पाणावले... भरल्या कंठाने निरोप घेऊन तिने परतीची झेप घेतली आपल्या घरट्याकडे...

पण आज तिच्या पंखात पूर्वीइतक बळ राहिलं नव्हतं....

आपल्या सगळ्यांचीच अवस्था ना थोड्याफार प्रमाणात त्या चिमणाबाई सारखी झालीय.

- म्हणजे ?

- म्हणजे कुणीतरी आपलं माणूस आर्तपणे आपल्याला साद घालतंय हे आपल्या ध्यानिच नसतं. ह्या आपल्या माणसांमध्ये भाऊ, बहिण, मित्र, मैत्रीण आई, वडील बऱ्याचदा पोटची मुलंही असू शकतात... त्यांची आर्त साद आपल्याला ऐकूच येत नाही

…. म्हणजे ते पोटतिडकीने साद घालतात आणि आपण म्हणतो

*…'थांब मला जर करिअर करुदे.... थांब जरा मला आता घर घ्यायचय... थांब जरा मला आता कार घ्यायचीय … थांब मला काम आहे ... थांब मला विश्रांती घ्यायची आहे ... थांब जरा मला आता ….' आणि मग ही जंत्री वाढतच जाते.*

त्यांची सहन शक्ती संपते … ते त्यांचं वेगळं विश्व तयार करतात... त्या विश्वात आपल्याला स्थान नसतं... आपल्या ते लक्षात नसतं आणि जेव्हा येतं तेव्हा ….

आपण फार एकटे झालेले असतो...!!

- आणि असं होऊ नये असं वाटत असेल तर?
मला कोणाचीच गरज नाही हा अहंपणा बाळगु नका

- वेळीच 'टकटक ' ऐकायला शिका...

 #तुलना  🤔❓श्वेताने एका तासात १० KM अंतर कापले. आकाशने तेच अंतर दीड तासात पूर्ण केले. दोघां पैकी तंदुरुस्त कोण ? किंवा क...
31/01/2022

#तुलना 🤔❓
श्वेताने एका तासात १० KM अंतर कापले. आकाशने तेच अंतर दीड तासात पूर्ण केले.
दोघां पैकी तंदुरुस्त कोण ?
किंवा
कोणाचा फिटनेस चांगला ?

अर्थात सर्वांचे उत्तर श्वेता असेल.

श्वेताने हे अंतर तयार केलेल्या ट्रॅकवर पूर्ण केले तर आकाशाने दगड-मातीच्या वाटेने चालत असे म्हटले तर ???

मग सर्वांचे उत्तर आकाश असेल.

पण जेव्हा आम्हाला कळले की श्वेता ५० वर्षांची आहे तर आकाश २५ वर्षांचा आहे ??

मग सर्वांचे उत्तर पुन्हा श्वेता असेल.

पण आम्हाला हे देखील कळले की आकाशचे वजन तब्बल १४० किलो आहे तर श्वेताचे वजन ६५ किलो आहे.

पुन्हा सर्वांचे उत्तर आकाश असेल

जसे आपण आकाश आणि श्वेता बद्दल अधिकाधीक माहिती मिळवतो, तसे तसे कोण चांगले आहे याबद्दल आपली मते भिन्न होतात आणि निर्णय बदलतात.

जीवनाचे वास्तवही असेच आहे.
आपण प्रत्येकाबद्दल खूप वरवर आणि घाईने आपले मत तयार करतो,
ज्यामुळे आपण स्वतःला आणि इतरांना *न्याय* देऊ शकत नाही.

प्रत्येकाला वेगवेगळ्या संधी मिळतात.
प्रत्येकाचे आयुष्य वेगळे आहे.
प्रत्येकाची साधन-संपत्ती भिन्न आहे.
प्रत्येकाच्या समस्या वेगवेगळ्या आहेत.
प्रत्येकाचे उपाय वेगवेगळे आहेत.
प्रत्येकाची विचारसरणी वेगळी आहे.

म्हणूनच
प्रत्येकाने आपल्या आरोग्याची, संपत्तीची, परिस्थितीची अथवा जीवनाची श्रेष्ठता कोणाशी _तुलना_ करण्यात नाही
तर
स्वतःची परीक्षा घेण्यामध्ये आहे.
आपण सर्वोत्तम आहोत,
आपण जसे आहोत तसेच रहावे*
आणि
आपल्या परिस्थितीनुसार सर्वोत्तम होण्याचा प्रयत्न करत रहावे.

निरोगी रहा,
समाधानी रहा,
हसत रहा,

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