11/04/2026
विद्यालय वह स्थल है जहाँ बच्चों की प्रतिभाओं को पंख मिलते हैं।
“पढ़ते जाओ, बढ़ते जाओ”
नन्ही फ़नकार मानवी द्वारा हिंदी के महान कवि रामधारी सिंह दिनकर जी द्वारा रचित प्रसिद्ध काव्य“रश्मिरथी- तृतीय सर्ग“ प्रस्तुत किया गया ।
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