The Negi Studio

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कोरोना वायरस, जिसका पूरा नाम severe acute respiratory syndrome coronavirus 2 या (SARS-CoV-2) है। हम सभी ने वैक्सीनेशन की...
04/01/2022

कोरोना वायरस, जिसका पूरा नाम severe acute respiratory syndrome coronavirus 2 या (SARS-CoV-2) है। हम सभी ने वैक्सीनेशन की दोनों डोज भी ले ली हैं। कोरोना तो जाने का नाम ही नहीं ले रहा। पहले हमने इसके variants Alpha का सामना किया फिर Beta, Gamma, Delta और Delta+ ने दुनियां को डराया, और अब सामने है Omicron variants. जिसने अपने फैलने की गति से सबको हैरान कर रखा है। सिलसिला यहीं खत्म नहीं होता दिख रहा क्योंकि इससे भी अधिक तेज variants IHU ने दस्तक दे दी है। लेकिन हमें डरने की जरूरत नहीं बल्कि और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। आपने कभी ना कभी महाभारत की कहानी तो सुनी होगी या पढ़ी होगी। जिसमें पांच पाण्डव मिलकर अपने से कई बड़े महान योद्धाओं का सामना कर विजय प्राप्त करते हैं। लेकिन हमें कुरुक्षेत्र में नहीं बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में corona virus को हराना है। आज पाण्डव नहीं हैं तो क्या हुआ हमारे पास पांच हत्यार हैं Mask, Vaccination, distence Maintain, hand sanitizer और Boost Immunity. हमारी दुनियां अच्छे उम्मीद के साथ हमेशा कायम रहेगी।

By Bakhtawar Singh Negi

Happy Holi to all friends....
29/03/2021

Happy Holi to all friends....

World's first     "  V"   के नाम:  रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन (Vladimir Putin) ने मंगलवार को ऐलान किया कि देश में...
11/08/2020

World's first " V" के नाम:

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन (Vladimir Putin) ने मंगलवार को ऐलान किया कि देश में तैयार की गई कोरोना वायरस (world’s first coronavirus vaccine) की वैक्सीन को हेल्थ मिनिस्ट्री की मंजूरी मिल गयी है। पुतिन ने बताया कि इस वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) का टीका उनकी बेटी को पहले ही लगाया जा चुका है। उन्होंने ये नहीं बताया कि उन्होंने खुद वैक्सीन ली है या नहीं।

पुतिन ने कहा, 'मेरी बेटी ने भी इस वैक्सीन का टीका लिया है, शुरू में उसे हल्का बुखार था लेकिन अब वह बिल्कुल ठीक है। उन्होंने बताया कि मेरी बेटी ठीक है और बढ़िया महसूस कर रही है। उसने भी इस पूरे परीक्षण में हिसा लिया था। इस ऐलान के बाद रूस पहला देश बन गया है जिसने वैक्सीन बना लेने का काम पूरा करने का दावा किया है।

रूस के अनुसार यह वैक्‍सीन सबसे पहले हेल्‍थ वर्कर्स को, उसके बाद बुजुर्ग नागरिकों को दी जाएगी। मॉस्‍को ने कई देशों को भी वैक्‍सीन सप्‍लाई करने की बात कही है। रूस का कहना है कि वह अपने कोरोना टीके का बड़े पैमाने पर उत्‍पादन सितंबर से शुरू कर सकता है।

RT.COM के मुताबिक इस वैक्सीन को मॉस्को के गामलेया इंस्टीट्यूट ने तैयार किया है। हालांकि वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल सिर्फ 2 महीने में निपटा देने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी कई शक जाहिर किये हैं। रूस के हेल्थ मिनिस्टर पहले ही अक्टूबर से मास वैक्सीनेशन शुरू करने का ऐलान कर चुके हैं। अभी तक किसी देश को वैक्‍सीन बनाने में सफलता नहीं मिली थी।

टीका बनाने वाले वैज्ञानिकों ने खुद भी लिया है टीका:

मॉस्‍को के गामलेया रिसर्च इंस्टिट्यूट ने एडेनोवायरस को बेस बनाकर यह वैक्‍सीन तैयार की है। रिसर्चर्स का दावा है कि वैक्‍सीन में जो पार्टिकल्‍स यूज हुए हैं। वे खुद को रेप्लिकेट (कॉपी) नहीं कर सकते। मिली जानकारी के मुताबिक रिसर्च और मैनुफैक्‍चरिंग में शामिल कई लोगों ने खुद को इस वैक्‍सीन की डोज दी है।

कुछ लोगों को वैक्‍सीन की डोज दिए जााने पर बुखार आ सकता है जिसके लिए पैरासिटामॉल के इस्‍तेमाल की सलाह दी गई है।

रूस की इस जल्दबाजी के विरोध में कई बड़ी फार्मा कंपनियां सामने आई हैं। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मिखाइल मुराशको को भेजी चिट्ठी में एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल ट्रायल्‍स ऑर्गनाइजेशन ने कहा है कि अभी तक 100 से भी कम लोगों को डोज दी गई है। ऐसे में बड़े पैमाने पर इसका इस्‍तेमाल खतरनाक हो सकता है।

Happy Shri Krishna Janmashtmi
11/08/2020

Happy Shri Krishna Janmashtmi

06/08/2020

लेबनान की राजधानी बेरुत में बड़ा धमाका, दर्जनों की मौत और हज़ारों ज़ख़्मी।

5 अगस्त 2020 को लेबनान की राजधानी बेरुत में एक बड़ा धमाका हुआ है।

लेबनान ने अभी कम से कम 70 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और क़रीब 4000 लोग ज़ख़्मी हुए हैं। लेबनान के प्रधानमंत्री हसन दिआब ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक दिवस की घोषणा की है।

अधिकारियों का कहना है कि एक गोदाम में भारी विस्फोटक सामग्री स्टोर थी और वहीं धमाका हुआ है। राष्ट्रपति माइकल इयोन ने ट्वीट कर कहा है कि यह बिल्कुल अस्वीकार्य है कि 2750 टन विस्फोटक नाइट्रेट असुरक्षित तरीक़े से स्टोर कर रखा गया था। धमाका कैसे हुआ इसकी जाँच अभी जारी है।

मौक़े पर मौजूद एक पत्रकार का कहना है कि शव बिखरे हुए हैं और भारी नुक़सान हुआ है. प्रधानमंत्री हसन दिआब ने इसे भयावह बताया है और कहा है कि जो भी दोषी होंगे उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।

जिस विस्फोटक नाइट्रेट के स्टोर की बात कही जा रही है वो 2014 से ही स्टोर था। एक चश्मदीद ने कहा कि आसपास की सभी इमारतें ध्वस्त हो गई हैं। चारों तरफ़ शीशे और मलबे बिखरे पड़े हैं. धमाके की आवाज़ पूर्वी भूमध्यसागर में 240 किलोमीटर दूर साइप्रस तक सुनाई पड़ी।

धमाका शहर के तटीय इलाक़े में हुआ है। पोस्ट किए गए वीडियो में धमाके के दृश्य काफ़ी भयावह हैं आग की लपटों के साथ धुएं के गुबार उठ रहे हैं।
कहा जा रहा है कि अस्पतालों में बड़ी संख्या में हताहतों को पहुँचाया गया है।

अभी तक धमाके की वजह पता नहीं चल पाई है. कुछ रिपोर्ट में इसे हादसे के तौर पर भी देखा जा रहा है। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में तटीय इलाक़े पर स्थित एक विस्फोटक केंद्र में आग लगने की बात कही गई है।

स्थानीय मीडिया में दिखाया जा रहा है कि लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। एक चश्मदीद ने कहा कि पहला धमाका बहरा कर देने वाला था।

इसी वक्त लेबनान का इसराइल के साथ भी सीमा पर तनाव चल रहा है। इसराइल ने पिछले हफ़्ते कहा था कि उसने अपने इलाक़े में हिजबुल्लाह की घुसपैठ की कोशिश को विफल कर दिया। हालांकि इसराइल के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि बेरुत धमाके से इसराइल का कोई संबंध नहीं है।

लेबनान 1975 -1990 के सिविल वॉर के बाद से सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है और लोग सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर हैं।

लेबनान स्थित भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, ''सेंट्रल बेरुत में इस शाम दो बड़े धमाके हुए हैं. सभी को संयम बनाए रखने की सलाह दी जाती है। अगर भारतीय समुदाय के किसी भी व्यक्ति को मदद की ज़रूरत है तो हमारी हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।''

एक चश्मदीद ने मीडिया से कहा कि मैंने आग की लपटें देखीं लेकिन मुझे ये नहीं पता था कि धमाका होने जा रहा है। मैं भीतर चला गया। अचानक मुझे सुनाई पड़ना बंद हो गया क्योंकि मैं घटनास्थल के बहुत क़रीब था। कुछ सेकंड तक मुझे कुछ भी सुनाई नहीं दिया। मुझे लगने लगा था कि कुछ गड़बड़ है। तभी अचानक गाड़ियों, दुकानों और इमारतों पर शीशे टूटकर गिरने लगे। पूरे बेरुत में अलग-अलग इलाक़ों से लोग एक दूसरे को फ़ोन कर रहे थे। हर किसी ने धमाके की आवाज़ सुनी। हम बिल्कुल अवाक थे क्योंकि पहले कोई धमाका होता था तो कोई एक इलाक़ा ही प्रभावित होता था लेकिन यह ऐसा धमाका था जिसे बेरूत के बाहर भी महसूस किया गया।

इस धमाके ने पहले से ही आर्थिक संकट से परेशान लेबनान को सदमे में डाल दिया है। लेबनान की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है और सड़कों पर सरकार के ख़िलाफ़ लोग विरोध कर रहे हैं।

धमाके के ठीक पहले सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच ऊर्जा मंत्रालय के बाहर हाथापाई हुई थी. लोग नेताओं की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। यहां तक कि भुखमरी की चेतावनी दी जा रही है और सांप्रदायिक टकाराव बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।

केन्द्र सरकार ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इसपर फैसला लिया गया।       कैबिनेट बैठ...
30/07/2020

केन्द्र सरकार ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इसपर फैसला लिया गया।

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि 34 साल बाद भारत की नई शिक्षा नीति आई है।

स्कूल-कॉलेज की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं. केंद्र की मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है।

इसके साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है।

नई शिक्षा नीति में 10+2 के फार्मेट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब इसे 10+2 से बांटकर 5+3+3+4 फार्मेट में ढाला गया है।

इसका मतलब है कि अब स्कूल के पहले पांच साल में प्री-प्राइमरी स्कूल के तीन साल और कक्षा 1 और कक्षा 2 सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे। फिर अगले तीन साल को कक्षा 3 से 5 की तैयारी के चरण में विभाजित किया जाएगा।

इसके बाद में तीन साल मध्य चरण (कक्षा 6 से 8) और माध्यमिक अवस्था के चार वर्ष (कक्षा 9 से 12)। इसके अलावा स्कूलों में कला, वाणिज्य, विज्ञान स्ट्रीम का कोई कठोर पालन नहीं होगा, छात्र अब जो भी पाठ्यक्रम चाहें, वो ले सकते हैं।

मल्टिपल एंट्री और एग्ज़िट सिस्टम में पहले साल के बाद सर्टिफिकेट, दूसरे साल के बाद डिप्लोमा और तीन-चार साल बाद डिग्री दी जाएगी। 4साल का डिग्री प्रोग्राम फिर M.A. और उसके बाद बिना M.Phil के सीधा PhD कर सकते हैं।

नए सुधारों में टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन एजुकेशन पर जोर दिया गया है। अभी हमारे यहां डीम्ड यूनविर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटीज और स्टैंडअलोन इंस्टिट्यूशंस के लिए अलग-अलग नियम हैं।

नई एजुकेशन पॉलिसी के तहते सभी के लिए नियम समान होगा। बोर्ड परीक्षाओं के लिए कई प्रस्ताव नई एजुकेशन पॉलिसी में है। बोर्ड परीक्षाओं के महत्व के कम किया जाएगा।

इसमें वास्तविक ज्ञान की परख की जाएगी। कक्षा 5 तक मातृभाषा को निर्देशों का माध्यम बनाया जाएगा। रिपोर्ट कार्ड में सब चीजों की जानकारी होगी।

अब सिर्फ 12वीं में बोर्ड एग्जाम:-

नई शिक्षा नीति को कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के साथ 34 साल बाद शिक्षा नीति में बदलाव किया गया है. नई शिक्षा नीति के तहत अब 5वीं तक के छात्रों को मातृ भाषा, स्थानीय भाषा और राष्ट्र भाषा में ही पढ़ाया जाएगा।

बाकी विषय चाहे वो अंग्रेजी ही क्यों न हो एक सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ाया जाएगा.अब सिर्फ 12वीं में बोर्ड का एग्जाम देना होगा।

पहले 10वीं बोर्ड का भी एग्जाम अनिवार्य होता था, अब नहीं होगा। 9वीं से 12वीं क्लास तक सेमेस्टर में परीक्षा होगी. स्कूली शिक्षा को 5+3+3+4 फॉर्मूले के तहत पढ़ाया जाएगा।

कॉलेज की डिग्री 3 और 4 साल दोनों की होगी
ग्रेजुएट कोर्स की बात करें तो 1 साल पर सर्टिफिकेट, 2 साल पर डिप्लोमा, 3 साल पर डिग्री मिलेगी।

अब कॉलेज की डिग्री 3 और 4 साल दोनों की होगी. 3 साल की डिग्री उन छात्रों के लिए जिन्हें हायर एजुकेशन नहीं करना है।

नई शिक्षा नीति में संगीत, दर्शन, कला, नृत्य, रंगमंच, उच्च संस्थानों की शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल होंगे।

स्नातक की डिग्री 3 या 4 साल की अवधि की होगी। एकेडमी बैंक ऑफ क्रेडिट बनेगी और छात्रों के परफॉर्मेंस का डिजिटल रिकॉर्ड इकट्ठा किया जाएगा।

2050 तक स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणाली के माध्यम से कम से कम 50 फीसदी शिक्षार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा में शामिल होना होगा। गुणवत्ता योग्यता अनुसंधान के लिए एक नया राष्ट्रीय शोध संस्थान बनेगा, इसका संबंध देश के सारे विश्वविद्यालय से होगा.

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