VCSG UUHF Bharsar

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VCSG UUHF Bharsar of Uttarakhand, India)

Veer Chandra Singh Garhwali Uttarakhand University of Horticulture and Forestry (VCSG UUHF), Bharsar, Pauri Garhwal-246123, Uttarakhand, India (A State Agricultural University, Govt.

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार विश्व हृदय दिवस के अवसर पर स्वस्थ हृदय और स...
29/09/2026

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार विश्व हृदय दिवस के अवसर पर स्वस्थ हृदय और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के प्रति जागरूकता का संदेश देता है।
स्वस्थ हृदय के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन तथा तंबाकू एवं अन्य हानिकारक आदतों से दूरी महत्वपूर्ण है। स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।
विश्वविद्यालय के लिए स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जागरूकता विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं समुदाय के समग्र कल्याण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करना, सक्रिय जीवनशैली अपनाना तथा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना स्वस्थ समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
आइए, इस विश्व हृदय दिवस पर अपने हृदय के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें।
Indian Council of Agricultural Research Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India Ministry of Health and Family Welfare, Government of India Bhagwati Bhatt Sarswati P Sati Ganesh Joshi Subodh Uniyal Shivraj Singh Chouhan Pushkar Singh Dhami Lt Gen Gurmit Singh Lok Bhawan - Raj Bhawan, Uttarakhand PMO India

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार में माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद ...
28/09/2026

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार में माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद भट्ट के दिशा-निर्देशन में राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों एवं समुदाय में पोषण, स्वास्थ्य एवं संतुलित आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न जागरूकता एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), रानीचौरी द्वारा वानिकी महाविद्यालय, रानीचौरी में राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में वानिकी महाविद्यालय, रानीचौरी एवं पर्वतीय कृषि महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने संतुलित एवं पौष्टिक आहार, पोषण सुरक्षा, स्वस्थ जीवनशैली, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों एवं स्वास्थ्य से जुड़े संदेशों को रचनात्मक रंगोली के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को पोषण संबंधी महत्वपूर्ण संदेशों को रचनात्मक एवं प्रभावी तरीके से अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान किया।
इस अवसर पर अधिष्ठाता, वानिकी महाविद्यालय, रानीचौरी डॉ. तारा सिंह मेहरा एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त निदेशक डॉ. ए. अरुणाचलम ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की तथा पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को जन-जन तक पहुँचाने में युवाओं की भूमिका पर बल दिया।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. कीर्ति कुमारी एवं डॉ. अंजना चौहान द्वारा किया गया। इस अवसर पर निर्णायक मण्डल सदस्य डॉ. आलोक येवले, डॉ. शिखा, डॉ. श्वेता कुकरेती, डॉ. पंकज ठाकुर सहित अन्य संकाय सदस्य, स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आयोजित यह पहल विद्यार्थियों में पोषण जागरूकता, रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति समझ विकसित करने के साथ-साथ समुदाय में पोषण संबंधी संदेशों को प्रभावी ढंग से पहुँचाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार महान स्वतंत्रता सेनानी एवं अमर शहीद सरदार भ...
28/09/2026

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार महान स्वतंत्रता सेनानी एवं अमर शहीद सरदार भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करता है।
उनका जीवन साहस, देशभक्ति, त्याग, विचारों की दृढ़ता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने अपने जीवन को देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित किया और युवाओं में राष्ट्र के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना को प्रबल किया।
उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि ज्ञान, विचार, साहस और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से युवा समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय शहीद भगत सिंह के अमर बलिदान एवं राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को स्मरण करते हुए युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश देता है।
Indian Council of Agricultural Research Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India Agriculture Department, Government Of Uttarakhand Bhagwati Bhatt Sarswati P Sati Ganesh Joshi Subodh Uniyal Shivraj Singh Chouhan Pushkar Singh Dhami Lt Gen Gurmit Singh Lok Bhawan - Raj Bhawan, Uttarakhand PMO India

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार, माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद भट्...
27/09/2026

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार, माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद भट्ट के दिशा-निर्देशन एवं मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में एग्री-इकोटूरिज्म के विकास एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य एग्री-इकोटूरिज्म आधारित कृषि व्यवसाय को प्राकृतिक एवं कृषि संसाधनों के सतत उपयोग, किसानों की आय में वृद्धि, ग्रामीण आजीविका के सुदृढ़ीकरण तथा स्थानीय उद्यमिता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित करना है।
इसी दिशा में विश्वविद्यालय के वानिकी महाविद्यालय, रानीचौरी में अधिष्ठाता डॉ. तारा सिंह मेहरा के मार्गदर्शन में बी.एस.सी. (ऑनर्स) वानिकी के विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) आधारित अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह कौशल-आधारित कार्यक्रम “Learning by Doing” की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें विद्यार्थी कक्षा में प्राप्त ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में प्रयोग करते हुए व्यावहारिक कौशल, उद्यमिता एवं प्रबंधन दक्षताओं का विकास कर रहे हैं।
वन संसाधन प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जे. सी. कुनियाल के नेतृत्व में डॉ. पंकज ठाकुर, सहायक प्राध्यापक द्वारा इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को उद्यमिता, उत्पाद विकास, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, विपणन, ग्राहक संवाद एवं बिक्री के साथ-साथ बिज़नेस प्लान तैयार करने तथा प्रभावी विपणन रणनीति विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं उनके सतत उपयोग के महत्त्व से भी अवगत कराया जा रहा है, ताकि स्थानीय जैव-संसाधनों का उपयोग पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हुए जिम्मेदार एवं दीर्घकालिक आजीविका के अवसरों में किया जा सके।

इस पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा उत्तराखण्ड के स्थानीय प्राकृतिक एवं जैव-संसाधनों पर आधारित विभिन्न नवाचारी उत्पाद विकसित किए गए हैं, जिनमें रोडोशिप (बुरांश स्क्वैश, और हर्बल पेय), नेटोशिप (बिच्छूघास आधारित हर्बल पेय), जखिया (जंगली सरसों), तथा गुलामृत (गुलाब आधारित पेय) प्रमुख हैं। इसके साथ ही विद्यार्थी चीड़ की गिरी हुई पत्तियों (Pine Needles) से विभिन्न हस्तशिल्प एवं उपयोगी उत्पाद तैयार करने का कौशल भी सीख रहे हैं।

विद्यार्थी इन उत्पादों का पर्यटकों के बीच सीधे प्रचार एवं विपणन कर रहे हैं तथा जिम्मेदार पर्यटन के लिए जागरूक कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में ग्राहक संवाद, उत्पाद प्रस्तुतीकरण एवं बिक्री कौशल का वास्तविक अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। विद्यार्थी जिम्मेदार पर्यटन, स्थानीय खान-पान, पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय संस्कृति एवं उत्तराखण्ड की समृद्ध प्राकृतिक विरासत के महत्व को भी समझ रहे हैं। स्थानीय संसाधनों को बाजारोन्मुख उत्पादों एवं सेवाओं में परिवर्तित करने की यह प्रक्रिया भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उद्यम, रोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित करने की संभावनाएँ प्रस्तुत करती है।

विद्यार्थियों ने अपने उद्यमिता संबंधी पहल की प्रस्तुति माननीय कुलपति प्रो. भगवती प्रसाद भट्ट के समक्ष भी प्रस्तुत की। माननीय कुलपति ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, नवाचार एवं सतत कृषि–उद्यानिकी–वानिकी आधारित इकोटूरिज्म उद्यमों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की तथा उत्तराखण्ड के प्राकृतिक एवं स्थानीय संसाधनों पर आधारित बाजारोन्मुख उत्पाद एवं उद्यम विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

Learning by Doing के माध्यम से विद्यार्थी तकनीकी, प्रबंधकीय, विपणन एवं उद्यमिता संबंधी दक्षताओं के साथ-साथ वास्तविक व्यावसायिक परिस्थितियों में कार्य करने का आत्मविश्वास भी विकसित कर रहे हैं। विश्वविद्यालय की यह पहल सतत एग्री-इकोटूरिज्म, स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन, किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण आजीविका के सुदृढ़ीकरण की दिशा में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।
Indian Council of Agricultural Research Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India Agriculture Department, Government Of Uttarakhand Bhagwati Bhatt Sarswati P Sati Ganesh Joshi Subodh Uniyal Shivraj Singh Chouhan Pushkar Singh Dhami Lt Gen Gurmit Singh Lok Bhawan - Raj Bhawan, Uttarakhand PMO India

किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की सार्थकता केवल डिग्री देने में नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, सामाजिक उत्तरदायित्व और प्र...
27/09/2026

किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की सार्थकता केवल डिग्री देने में नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, सामाजिक उत्तरदायित्व और प्रकृति के साथ उसके सह-अस्तित्व में निहित होती है।
​वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार ने माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद भट्ट के दिशा-निर्देशन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक व प्रबंधकीय उत्कृष्टता को सिद्ध करते हुए प्रतिष्ठित ISO सर्टिफिकेशन्स प्राप्त किए हैं।
1. ISO 9001:2015 (Quality Management System): कृषि, औद्यानिकी और वानिकी के क्षेत्र में उच्चस्तरीय व गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रणाली का वैश्विक मानक।
2. ISO 14001:2015 (Environmental Management System): संवेदनशील हिमालयी परिवेश में पर्यावरणीय गुणवत्ता, संरक्षण और सतत परिसर प्रबंधन के प्रति संस्थागत निष्ठा।
​3. ISO 21001:2018 (Educational Organizations Management System): शिक्षण, नवाचार, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों में निरंतर सुधार तथा शिक्षार्थी-केंद्रित प्रणाली का अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन।
​हिमालय की गोद में स्थित हमारा विश्वविद्यालय आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान को स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़कर पर्वतीय क्षेत्रों के संधारणीय विकास को नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है।
​यह उपलब्धि हमारे संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की अनवरत साधना और संस्थागत अनुशासन का परिणाम है।

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर एग्री-इकोटूरिज...
27/09/2026

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर एग्री-इकोटूरिज्म के माध्यम से कृषि व्यवसाय, स्थानीय आजीविका, उद्यमिता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं सतत विकास को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित करता है।
हिमालयी राज्य उत्तराखण्ड में स्थित विश्वविद्यालय Agri-ecotourism के विकास एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रहा है। एग्री-इकोटूरिज्म कृषि क्षेत्र में एक उभरता हुआ मूल्यवर्धित कृषि व्यवसाय (Value-Added Agricultural Business)
है, जो कृषि, उद्यानिकी, वानिकी, स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान एवं पर्यटन को एक साथ जोड़कर किसानों, ग्रामीण समुदायों एवं युवाओं के लिए आय, रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर सृजित कर सकता है।
विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों में कौशल विकास एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेष रूप से Experiential Learning Programme (ELP) के माध्यम से विद्यार्थी Learning by Doing के आधार पर उत्पाद विकास, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, विपणन, ग्राहक संवाद एवं Business Plan तैयार करने जैसे व्यावहारिक कौशल सीख रहे हैं। साथ ही, उन्हें प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं सतत उपयोग की जानकारी भी प्रदान की जा रही है। विद्यार्थी जिम्मेदार पर्यटन, स्थानीय खान-पान, पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय संस्कृति एवं उत्तराखण्ड की समृद्ध प्राकृतिक विरासत के महत्व को भी समझ रहे हैं।
एग्री-इकोटूरिज्म के इस समन्वित दृष्टिकोण के माध्यम से स्थानीय कृषि उत्पादों, वन संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय खान-पान एवं सांस्कृतिक विरासत को मूल्यवर्धित उत्पादों, पर्यटन अनुभवों एवं स्थानीय उद्यमों में परिवर्तित करने की संभावनाएँ विकसित हो रही हैं।
विश्वविद्यालय का प्रयास है कि एग्री-इकोटूरिज्म को एक सतत मूल्यवर्धित कृषि व्यवसाय के रूप में विकसित किया जाए, जिससे युवा एवं किसान स्थानीय संसाधनों पर आधारित नए उद्यम स्थापित कर सकें और उत्तराखण्ड की समृद्ध प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।
Indian Council of Agricultural Research Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India Agriculture Department, Government Of Uttarakhand Bhagwati Bhatt Sarswati P Sati Ganesh Joshi Subodh Uniyal Shivraj Singh Chouhan Pushkar Singh Dhami Lt Gen Gurmit Singh Lok Bhawan - Raj Bhawan, Uttarakhand PMO India
#विश्वपर्यटनदिवस #अनुभवात्मकअधिगम #कौशलविकास #उद्यमिता #सततपर्यटन #ग्रामीणआजीविका #किसानोंकीआय

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), पौड़ी गढ़वाल ...
26/09/2026

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), पौड़ी गढ़वाल द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत ग्राम सकन्याणा, धुलेट एवं कुई में जागरूकता एवं कौशल उन्मुख गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, पोषण का महत्व तथा स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में उपयोगी जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों को दैनिक आहार में विभिन्न खाद्य समूहों को उचित मात्रा में शामिल करने, स्थानीय एवं उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग तथा परिवार के सभी सदस्यों, विशेषकर बच्चों और महिलाओं के लिए संतुलित पोषण सुनिश्चित करने के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर आंगनवाड़ी लाभार्थियों, कृषक महिलाओं एवं प्रगतिशील किसानों के लिए पौष्टिक फिंगर मिलेट (रागी) लड्डू तैयार करने का विधि प्रदर्शन भी आयोजित किया गया। प्रदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों को रागी जैसे पोषक अनाज के उपयोग, उसकी पौष्टिकता तथा सरल एवं स्वादिष्ट खाद्य उत्पाद तैयार करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
गतिविधियों का उद्देश्य केवल पोषण संबंधी जानकारी प्रदान करना ही नहीं, बल्कि प्रतिभागियों में पौष्टिक खाद्य पदार्थों के स्थानीय स्तर पर उपयोग, खाद्य विविधता, मूल्य संवर्धन तथा स्वस्थ भोजन तैयार करने के व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा देना भी था।
राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से विश्वविद्यालय का KVK पौष्टिक आहार, स्थानीय खाद्य संसाधनों के उपयोग और स्वस्थ परिवार एवं स्वस्थ समुदाय के निर्माण के लिए ग्रामीण समुदायों के बीच निरंतर जागरूकता एवं क्षमता निर्माण को बढ़ावा दे रहा है।
Indian Council of Agricultural Research Agriculture Department, Government Of Uttarakhand Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India Bhagwati Bhatt Sarswati P Sati Ganesh Joshi Subodh Uniyal Shivraj Singh Chouhan Pushkar Singh Dhami Lt Gen Gurmit Singh Lok Bhawan - Raj Bhawan, Uttarakhand PMO India

राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के अवसर पर स्वच्छता अभियानवीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्...
25/09/2026

राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के अवसर पर स्वच्छता अभियान
वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार के औद्यानिकी महाविद्यालय, भरसार की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के अवसर पर स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया।
यह अभियान औद्यानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. ए. के. जोशी एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. वी. पी. नौटियाल के मार्गदर्शन तथा कार्यक्रम अधिकारी श्री अरविंद पंवार के पर्यवेक्षण में आयोजित किया गया। अभियान में NSS स्वयंसेवियों ने उत्साह एवं सक्रिय भागीदारी के साथ परिसर की स्वच्छता में योगदान दिया।
अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर को पॉलीथिन मुक्त बनाने के उद्देश्य से परिसर में साफ-सफाई की गई तथा इधर-उधर पड़े पॉलीथिन एवं अन्य कचरे को एकत्रित कर स्वच्छता सुनिश्चित की गई।
इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदार नागरिकता एवं सामुदायिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
Indian Council of Agricultural Research Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India Ministry of Youth Affairs and Sports, Government of India Bhagwati Bhatt Sarswati P Sati Ganesh Joshi Subodh Uniyal Pushkar Singh Dhami Shivraj Singh Chouhan Lt Gen Gurmit Singh Lok Bhawan - Raj Bhawan, Uttarakhand PMO India
#राष्ट्रीयसेवायोजना #स्वच्छताअभियान

Veer Chandra Singh Garhwali Uttarakhand University of Horticulture and Forestry, Bharsar celebrated NSS Day with enthusi...
25/09/2026

Veer Chandra Singh Garhwali Uttarakhand University of Horticulture and Forestry, Bharsar celebrated NSS Day with enthusiasm and active participation of students from the College of Forestry, Ranichauri and College of Hill Agriculture, Chirbatiya at Ranichauri campus.
On the occasion, Extempore Speaking and Essay Writing Competitions were organised in both Hindi and English, providing students an opportunity to express their views on youth empowerment, social responsibility, nation-building and community service.
Faculty members delivered insightful lectures on “Youth for a Better Tomorrow” and “Nasha Mukta Yuva for Viksit Bharat", highlighting the role of youth in building a responsible, healthy and progressive society and contributing to national development.
The winners of the competitions were felicitated and prizes were distributed by the Dean Dr. T. S. Mehra and Joint Director Dr. A. Arunachalam. The Chief Guest, Shri Ashish Pant, District Youth Officer, also felicitated the winners and encouraged students to actively participate in social service and nation-building activities.
Students were also apprised of various NSS schemes, activities and opportunities available through the MY Bharat Portal, encouraging them to participate in volunteering, skill development and community-oriented initiatives.
The programme reinforced the core spirit of NSS and its motto:
“Not Me But You”
Youth in the service of society and the nation!
Indian Council of Agricultural Research Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India Ministry of Youth Affairs and Sports, Government of India Bhagwati Bhatt Sarswati P Sati Ganesh Joshi Subodh Uniyal Pushkar Singh Dhami Shivraj Singh Chouhan Lt Gen Gurmit Singh Lok Bhawan - Raj Bhawan, Uttarakhand PMO India

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार अंत्योदय दिवस के अवसर पर समाज के अंतिम व्यक...
25/09/2026

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार अंत्योदय दिवस के अवसर पर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने के संकल्प को स्मरण करता है।
अंत्योदय का मूल भाव समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान तथा समावेशी विकास से जुड़ा है। यह हमें ऐसे विकास की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा देता है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, अवसर और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो।
पर्वतीय क्षेत्रों के संदर्भ में अंत्योदय की भावना किसानों, ग्रामीण समुदायों, महिलाओं, युवाओं एवं सीमांत परिवारों के सशक्तिकरण से विशेष रूप से जुड़ी है। कृषि, औद्यानिकी, वानिकी, कौशल विकास, शिक्षा, अनुसंधान एवं स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और सतत विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है।
विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान, प्रसार, नवाचार एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से समावेशी एवं सतत पर्वतीय विकास की दिशा में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
Indian Council of Agricultural Research Agriculture Department, Government Of Uttarakhand Ministry of Agriculture & Farmer’s Welfare, Government of India Bhagwati Bhatt Sarswati P Sati Ganesh Joshi Subodh Uniyal Shivraj Singh Chouhan Pushkar Singh Dhami Lt Gen Gurmit Singh Lok Bhawan - Raj Bhawan, Uttarakhand PMO India
#अंत्योदयदिवस

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