28/05/2026
MB CLASSESS महजपुरा
आप एक कदम आगे बढ़ाए हम हर कदम पर साथ देंगे💐💐
♥️MB CLASSESS ♥️
♥️ सफलता के साथ भी सफलता के बाद भी ♥️
🙏अनाथ बच्चों को फ्री में पढ़ाते है🙏
28/05/2026
MB CLASSESS महजपुरा
28/05/2026
MB CLASSESS महजपुरा।। प्रयास हमारा सफलता आपका
#चक्रवृद्धि_ब्याज
27/05/2026
जुड़िए MB CLASSESS से और बिहार बोर्ड में बेहतर रिजल्ट की तैयारी कीजिए ।
27/05/2026
क्या बात सकते भागफल कितना होगा । ゚
अब तो फॉलो कर दीजिए ।
27/05/2026
इस बच्चे का नाम हैँ वेदांत।
क्लास 12 का छात्र।
इसने न सरकार गिराने की बात की।
न देश तोड़ने की।
न किसी धर्म पर हमला किया।
इसने सिर्फ इतना कहा —
“सीबीएसई ने जो आंसर शीट भेजी है, वो मेरी नहीं हैँ।”
उसने X पर अपना अकाउंट क्रिएट किया
ओर इस मामले का पूरा थ्रीड पोस्ट कर दिया।
फिर क्या था तमाम "अंध लिंगी जमात "
उस पर टूट पड़ी ।
उसे जॉर्ज सोरोस का एजेंट बता कर “पाकिस्तानी” बना दिया।
जिस तरह युवावो विद्यार्थियों के मुद्दों
पर ये "अंधी लिंगी जमात " प्रतिक्रिया
देती है उससे लगता है कि एक बहुत बड़ा डर
इन्हें अंदर ही अंदर खाए जा रहा हैँ ।
सोचिए, हम किस दौर में जी रहे हैं।
एक बच्चा फिजिक्स में कम नंबर आने पर री-इवैल्यूएशन मांगता हैँ।
कॉपी आती हैँ ।
वह कहता हैँ—
हैंडराइटिंग मेरी नहीं।
जवाब मेरे नहीं।
पेपर तक अलग लग रहा हैँ।
यानी मामला बेहद गंभीर था।
अगर छात्र झूठ बोल रहा हैँ,
तो सीबीएसई के पास पूरा रिकॉर्ड हैँ।
एक मिनट में सच सामने आ सकता हैँ।
लेकिन अगर छात्र सच बोल रहा हैँ…
तो यह सिर्फ एक बच्चे का मामला नहीं,
पूरे एजुकेशन सिस्टम के चेहरे पर तमाचा हैँ।
मगर देश में हुआ क्या?
जांच की मांग नहीं हुई।
सवाल नहीं पूछे गए।
सिस्टम से जवाब नहीं मांगा गया।
बल्कि शुरू हो गई वही पुरानी फैक्ट्री —
“देशद्रोही खोजो अभियान।”
कुछ ट्रोल अकाउंट्स निकल पड़े।
कुछ स्टूडियो वाले राष्ट्रवादी एंकर एक्टिव हो गए।
और देखते ही देखते एक स्कूली छात्र को “पाकिस्तानी” घोषित कर दिया गया।
वाह।
अब इस देश में
गलत आंसर शीट मिलने से बड़ा अपराध हैँ—
उस पर सवाल पूछ लेना।
यह नया भारत है शायद।
जहाँ पेपर लीक पर चुप रहो ।
सिस्टम की गलती पर चुप रहो।
भ्रष्टाचार पर चुप रहो।
बस ताली बजाते रहो।
और अगर आवाज उठाओ,
तो आईटी सेल तुम्हारी नागरिकता तय कर देगा।
सबसे शर्मनाक बात क्या है पता हैँ?
एक बच्चा, जो शायद अपने भविष्य को लेकर डरा हुआ होगा …
जो उम्मीद कर रहा होगा कि कोई उसकी बात सुने…
उसे हजारों ट्रोल जमात गालियाँ दे रहे थे।
क्यों?
क्योंकि उसने सिस्टम को भगवान मानने से इनकार कर दिया।
आज इस देश में संस्थाओं से जवाब मांगना “एंटी-नेशनल” हो गया हैँ।
और अंधभक्ति “देशभक्ति” कहलाने लगी हैँ।
सवाल यह नहीं है कि वेदांत सही है या गलत।
सवाल यह हैँकि
क्या एक छात्र को अपनी कॉपी पर सवाल पूछने का अधिकार भी नहीं हैँ?
अगर सीबीएसई सही हैँ—
प्रूफ दे।
मामला खत्म।
लेकिन अगर छात्र सही निकला,
तो फिर उन लोगों का क्या होगा जिन्होंने बिना जांच उसे “पाकिस्तानी” कहा?
कुछ नहीं होगा।
क्योंकि इस देश में अब चरित्र हत्या भी “राष्ट्रवाद” के पैकेट में बिकती हैँ।
और यही सबसे बड़ा खतरा हैँ।
जिस देश में छात्र सवाल पूछने से डरने लगे,
वहाँ शिक्षा नहीं, सिर्फ प्रचार बचता हैँ । 😐
क्या आप ऐसे भाग को बनाए है 🤔🤔
26/05/2026
99% लोग इस भाग को बनाने में फेल 😭😭 क्या आप बना सकते है ।
#भाग