Jagjivan Ram Institute of Parliamentary Studies and Political Research

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Photos from Jagjivan Ram Institute of Parliamentary Studies and Political Research's post 24/09/2025

बिहार सरकार द्वारा समावेशी विकास के जो कार्य हुए और किए जा रहे हैं, उसके फलाफल पर आधारित पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री, बिहार, श्री नीतीश कुमार जी की सुविधा से शीघ्र ही किया जाएगा।

Photos from Jagjivan Ram Institute of Parliamentary Studies and Political Research's post 03/08/2025

निदेशक द्वारा लोकसभा फेलोशिप के अंतर्गत किए गए शोध कार्य की पुस्तक “आर्थिक विकास और संसदीय लोकतांत्रिक प्रणाली: एक अध्ययन” का लोकार्पण बिहार विधान सभा के अध्यक्ष श्री नंदकिशोर यादव के हाथों जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना में कल 02 अगस्त, शनिवार को संपन्न हुआ।
लोकार्पण के पूर्व एमिटी यूनिवर्सिटी की प्रो. कामना तिवारी, पटना विश्वविद्यालय के प्रो. मनोज प्रभाकर और चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, पटना के रजिस्ट्रार सह डीन, सोशल साइंसेज प्रो. एस. पी. सिंह के द्वारा शोध कार्य की इस पुस्तक की व्याख्या प्रस्तुत की गई। इस कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न भागों से अकादमिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोग पधारे थे। साथ ही मानवाधिकार संगठन और दिव्यांग भाई–बहनों के लिए काम करने वाले अनेक कार्यकर्ता भी इस पुस्तक लोकार्पण सह परिचर्चा में शामिल हुए।
इस शोध पुस्तक की परिचर्चा के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र के विभिन्न पक्षों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही संसदीय लोकतंत्र की सार्थकता समावेशी विकास में सन्निहित है, इस विषय पर सबकी राय एक समान थी। इस शोध पुस्तक में संविधान में वर्णित नीति निर्देशक सिद्धांत के प्रति सरकारों की उदासीनता पर सभी ने ध्यान आकृष्ट किया। एकमत राय यही थी कि संविधान में यह सिद्धांत बाध्यकारी भले न हो किन्तु एक समतावादी और समृद्ध समाज बनाने के लिए नीति निर्देशक सिद्धांत की उपेक्षा घातक है। अबतक से जितने प्रयास हुए उसका सुफल समान रूप से प्रत्येक नागरिक को इसलिए नहीं मिल पाया क्योंकि स्वतंत्रतापूर्व जो मूल्य निर्धारित किए गए और संविधान में जो लक्ष्य वर्णित हुए उसके प्रति पक्ष या प्रतिपक्ष किसी भी राजनीतिक दल में प्रतिबद्धता का अभाव रहा है।
जब सत्ता पाना और उसमें बने रहना यही एकमात्र लक्ष्य रह जाएगा, तब संसदीय लोकतंत्र का सकारात्मक पक्ष कभी भी सामने नहीं आ सकता। विषमता की चौड़ी होती खाई संसदीय लोकतंत्र के लिए घातक है। इस गोष्ठी का समापन इसी कामना के साथ हुआ कि लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए समाजवादी सिद्धांत पर राजसत्ता का निर्माण ही एकमात्र विकल्प है।

Nitish Kumar
Bihar Education Department
Vijay Kumar Choudhary

30/07/2025

आप सभी सादर आमंत्रित हैं।

Bihar Education Department
Nand Kishore Yadav
Vijay Kumar Choudhary
Prabhat Prakashan

Photos from Jagjivan Ram Institute of Parliamentary Studies and Political Research's post 27/07/2025

लोकसभा फेलोशिप की मेरी यह किताब, प्रभात प्रकाशन, दिल्ली द्वारा प्रकाशित हो गई है।

इसका लोकार्पण 02 अगस्त, शनिवार को जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना में अपराह्न 03 बजे किया जाएगा।

‘यह किताब स्वतंत्र भारत की आर्थिक नीतियों और स्थानीय आकांक्षाओं के मध्य द्वंद के कारणों पर आधारित शोध प्रबंध है।’

आप सभी मित्रों से आने का अनुरोध है।
🙏🙏

10/07/2025

बाबू जगजीवन राम को भारत रत्न मिले इसके लिए आप सभी से अनुरोध है कि इस संबंध में माननीय राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जी को पत्र लिख कर अनुरोध करें और उसकी प्रति जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान को भेजने की कृपा करें।

President of India
Narendra Modi
Nitish Kumar
Bihar Education Department

Photos from Jagjivan Ram Institute of Parliamentary Studies and Political Research's post 07/07/2025

Nitish Kumar
Bihar Education Department

Photos from Jagjivan Ram Institute of Parliamentary Studies and Political Research's post 06/07/2025

दिनांक 06.07.2025
बाबू जगजीवन राम जी को ‘भारत रत्न’ दिया जाए: नरेन्द्र पाठक

पटना, 06 जुलाई। आज जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना में बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि मनायी गयी। इस अवसर पर बाबू जगजीवन राम जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया।
संस्थान के निदेशक डॉ. नरेन्द्र पाठक ने बाबूजी की स्मृतियों को याद करते हुए उनकी कृतियों को बताते हुए राज्यपाल से बाबूजी को भारत रत्न दिये जाने की अनुशंसा करने का आग्रह किया। श्री पाठक ने राज्यपाल को शॉल और पुस्तक देकर सम्मानित किया। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों द्वारा राज्यपाल को पौधा देकर सम्मानित किया गया तथा सामूहिक फोटोग्राफी की गयी।
इस मौके पर अपने संबोधन में राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने कहा- भारत के महान सपूतों में बाबूजी की गिनती होती है। वंचितों, शोषितों और देश के दिल में उन्होंने जगह बनाई। हम सभी भारतीय समान रूप से इस देश के नागरिक है। अगर अपनी विरासत से विमुख नहीं होते तो आज समाज का अलग स्वरूप होता। उन्होंने केरल के समाजसेवी श्री नारायण गुरु की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने जिस प्रकार समाज को नई ऊर्जा दी उसी प्रकार बाबू जगजीवन राम ने भी अपना सर्वस्व जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। भारतीय संस्कृति मानवता के अंदर दिव्य शक्ति को देखती है। अगर भारतीय ज्ञान समझ गये तो किसी प्रकार के मोह के शिकार नहीं होंगे और आप उसे विस्तार के रूप में देखेंगे।
चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार-सह-डीन प्रो. एस.पी. सिंह ने कहा बाबू जगजीवन राम के बारे में जितनी बातें होनी चाहिए, उससे आज भी नई पीढ़ी वंचित है। बिहार विभूतियों की भूमि रही है। ये वही बाबूजी है जिन्हें पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय आकर पढ़ने का आमंत्रण दिया था। आज समाज बदल गया है। सोचिए, उस जमाने में बाबूजी को कितनी समस्याओं का सामना करना पड़ा होगा। 1928 में कोलकाता में एक सम्मेलन बाबूजी ने कराया था। उसमें नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने उन्हें सुनकर उनसे प्रभावित हुए थे। बाबूजी सामाजिक न्याय के पुरोधा थे।
राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा डॉ. (प्रो.) गुरु प्रकाश ने कहा कि बाबूजी का सबसे लम्बा संसदीय कार्यकाल था। आपातकाल के दौरान तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री विधाचरण शुक्ल ने, लोग बाबूजी के कार्यक्रम में ना जाए इसलिए उस जमाने की मशहूर फिल्म बॉबी को रिलीज कर दी गयी लेकिन इसका असर बाबूजी के कार्यक्रम पर नहीं पड़ा। दूसरे दिन अखबारों की पहली खबर बनी- ‘बाबू बिट्स बॉबी’। बाबू जगजीवन राम के बारे में 1971 की लड़ाई में दिए गए अभूतपूर्व योगदान के लिए उस समय के सेनाध्यक्ष जैकब ने अपनी पुस्तक में लिखा है- अब तक के सबसे बेहतर रक्षा मंत्री थे बाबूजी।
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के प्रो. शशि कांत प्रसाद ने कहा कि उस जमाने में छूआछूत की भावना थी, बावजूद इसके बाबूजी ने हार नहीं मानी और राजनीति में एक नये मुकाम को पाया। उनका मानना था कि वैसे समाज का निर्माण होना चाहिए जिससे आर्थिक, धार्मिक, सामाजिक जीवन सुदृढ़ हो जाए।
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रत्नेश पटेल ने कहा कि बाबूजी के विचारों पर चलकर हमारी पार्टी ने महादलितों, गरीबों, वंचितों को मुख्यधारा में लाया, जिससे पूरी दुनिया वाकिफ है।

(नरेन्द्र पाठक)
निदेशक

Nitish Kumar
Bihar Education Department

04/07/2025

बाबू जगजीवन राम स्मृति समारोह में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
दिनांक: 06 जुलाई, रविवार
समय: अपराह्न 03 बजे
Bihar Education Department

04/07/2025

Bihar Education Department

01/07/2025

०६ जुलाई को बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर संस्थान में स्मृति सभा का आयोजन किया गया है। उक्त अवसर पर अकादमिक, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक आदि प्रत्येक वर्ग समुदाय के लोगों को आमंत्रित किया गया है।
बाबूजी ब्रिटिश भारत और स्वतंत्र भारत के अत्यंत गंभीर राजनेता थे, जिन्होंने अपनी मेधा और दक्षता का लोहा मनवाया।
इस अवसर पर सभी को आना चाहिए जिनके लिए आना सुविधाजनक हो।

Bihar Education Department

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