21/10/2019
किस्सागोई ........
ये भी एक सच्ची कहानी है ।
कई बार तो मुझे लगता है कि मैं अपने पेज का नाम ही सत्यकथा रख लूँ .......
बहरहाल ........ मिसरा जी गोरखपुर के पास एक गांव के रहने वाले थे ........ 12वीं पास कर के किसी पिराईभेट इंस्टीचूत में कोई कम्पूटर कोर्स करने चले गए ....... उसी इंस्टीचूत में एक और लड़की आती थी पढ़ने । अपने मिसरा जी को उससे आई लभ जू हो गया ।
लगे उसके पीछे दीवाना मस्ताना हो के घूमने ।
घर पे अपने पूज्य पिता जी को बताये कि BBA कर रहा हूँ ........ ये उस ज़माने की बात है जब ये BBA , MBA , MCA , और BTex इत्यादि डिग्रियों की बड़ी मान प्रतिष्ठा थी ....... सो मिसरा जी गोरखपुर में रह के BBA करते रहे । फिर वो कन्या अपनी पढ़ाई पूरी कर मेरठ चली गयी ......... मिसरा जी की BBA भी तुरंत कंप्लीट हो गयी ........ और उन्ने घोसना कर दी कि उनका एडमीसन हिंदुस्तान के सबसे प्रतिष्ठित कालिज में हो गया है MCA में । इसलिए अब उनको MCA करने मेरठ जाना है .......
अपने पूज्य पिता जी से कई लाख रु ले कर मिसरा जी मेरठ में जा प्रतिष्ठापित हुए और वहां बाकायदे एक independent फ्लैट भाड़े पे ले के उसी लड़की के साथ " MCA" करने लगे ........
दो तीन साल आई लभ जू चलता रहा ........ उधर लड़की की जॉब दिल्ली गुड़गांव में किसी कंपनी में लग गयी सो वो दिल्ली शिफ्ट हो गयी । उसके जाते ही इनकी MCA भी complete हो गयी ....... अब इन्ने अपने बाप को बताया कि अब ये कम्पूटर का कोई सुपर इस्पेशलाईझेसन करेंगे कोई MBBS MD टाइप ...... मने MD in कम्पूटरोलोजी टाइप ....... अब इनके बाप एकदम दीवाना मस्ताना ....... बेटा उनका सुपर इस्पेसलिस्ट हो जाएगा कम्पूटर का ....... पंडी जी सुबह घर से निकल जाते और शाम को लौटते ...... जहां बैठ जाते अपने बेटे का गुणगान करते ....... कितना होनहार बेटा है , कितना मेधावी , कितना परिश्रमी ....... इधर पंडी जी अपने होनहार बेटे का गुणगान शुरू करते उधर उन बेचारे लौंडों की शामत आ जाती जीने दुआरे पंचाइत सजी होती ...... ऊ अपने लौंडों को गरियाता ....... ससुरे निकम्मे नालायक , कुछ नही किये , उधर देखो , इनका लड़का सुपर इस्पेसलिस्ट हो गिया कम्पूटर का .........
खैर इसी तरह 5 - 7 साल मेरठ दिल्ली गुड़गांव में बीत गया ........ फिर एक दिन मिसरा जी ने अपने घर डिकलीयर कर दिया कि उनको एक भोत बड़ी शिपिंग कंपनी में भोत बड़े पैकेज पे भोत बड़ी नौकरी मिली है ........ गांव में खुशी की लहर दौड़ गयी ...... लड़का पूरे गांव गिरांव का नाम रोसन कर दिया ....... सुंदर पिचाई और इंदिरा नूई के टक्कर में जा खड़ा हुआ .......
पंडी जी गांव भर को मिठाई खियाए ........ फिर एक दिन मिसरा जी बात बात में धीरे से बोले , नोकरी तो बहुत बढियाँ है पर एक्के रिस्क है , कभी कभी साले सोमालियाई डाकू Pirates जहाज पे कब्जा कर लेते हैं और कप्तान को मार देते हैं ........ अब पंडी जी की हवा टाइट ........
नही नही ...... ऐसी नोकरी नही करना है ........ हमको कौन कमी है ....... तुम घरहीं रहो ....... भइंस चरा लो पर सोमालिया नही जाना है ........ उन्ने भीटो पावर लगा दी .......इस नौकरी में नही जाना तो नही जाना ...... अब मिसरा जी उदास ....... डिपरेसन में चले गए ....... गांव भर घूम के कहते , बाबू जी के समझइता न ..... जाने ही नही दे रहे ...... offer निकल जायेगा हाथ से .......
इस तरह मिसरा जी शिपिंग कंपनी के CEO बनते बनते रह गए ....... फिर 6 महीने बाद उनको अगला offer Bombay High मने समुद्र में drilling करने वाली एक Oil कंपनी से मिला ....... 2 करोड़ से ऊपर का पैकेज था , और खर्चा एक्को पइसा नही काहें कि रहना तो समुद्र के बीच जहाज में न था ........ पंडी जी फेर बड़े खुसस्स ....... फेर पूरे गांव को मिठाई खियाए .......
फिर एक दिन मिसरा जी बोले , बाकी सब तो ठीक है , पर कभी कभी ऐसी drilling sites पे विस्फोट हो जाता है , आग लग जाती है , सब कुछ भस्म हो जाता है , हड्डी तक नही मिलती ....... पंडी जी फिर टाइट ....... नही , ऐसी जगह नही जाना है ........ तू घरहीं में रह के गाय चराओ पर ऐसी जगह नही जाना ........
इस प्रकार एक और मौका हाथ से निकल गया ........ फिर 6 महीने बाद तीसरा job offer आया .....… मिसरा जी इंटरभ्यु निकाल लिए ....... एक बहुते बड़ी कंपनी में इस बार 5 -- 6 करोड़ की जॉब मिली ........ एक बार फिर मिठाई बंटी ........पर इस बार एक नया झोल हो गया ........ कंपनी का मालिक बोला कि हम आपको हेतना बड़ा पोस्ट दे रहा हूँ , आ आप कहीं बिचवे में छोड़ दिये तो हमारी तो कंपनी ही बैठ जाएगी ....... और आप तो इतने talented हैं कि आपको तो रोज़ नई जॉब आफर होगी , इसलिए join करने से पहले आप 7 लाख सिक्योरिटी मनी जमा कराइये ........
अब पंडी जी का माथा ठनका , उनको लगा हमारा लौंडा हमको chew3या तो नही बना रहा ???????
ऊ बोले पहिले तुम हमको अपनी डिग्री दिखाओ ....... मिसरा जी भाग के गोरखपुर गए और आनन फानन में किसी Cyber Cafe में प्रिंटआउट निकाल के 3 ठो फ़र्ज़ी डिग्री बना के बाकायदे उसको laminate करके अपने बाप को दिखाए ........ बाप ने पूरे दो महीने तहकीकात कराई तो पता लगा कि लौंडा तो इंटरमीडिएट के बाद कुछ करबे नही किया ........ पंडी जी को Chew3या बनाता रहा और ई बनते रहे ........
इधर मिसरा जी कुछ दिन दीवाना मस्ताना मजनू हो के के कुछ दिन गांव में घूमे , भीसम प्रतिज्ञा किये की आजीवन बिरामचारी रहेंगे । समाजसेवा करेंगे । उनके एक रिश्तेदार RSS में थे , उन्होंने उसे स्थानीय एक स्थानीय संघी के साथ लगा दिया ।
यहां भी वो साल भर में सीधे नागपुर से जुड़ गए , अब सर संघ चालक उनसे सीधे बात करते हैं , मोदी आ अमित शाह से उनकी डायरेक्ट बातचीत है ....... गांव में कहीं भी 4 लोग के बीच बैठते हैं तो दो मिनट बाद कभी कल्याण सींग का फून आ जाता है तो कभी आनंदी बेन पटेल का ...........
लौंडा fb पे भी है , वाल देख लेंगे तो हड़क जाएंगे ।
मोरल ऑफ दी इश्टोरी इझ कि अगर आपके घर का भी कोई लौंडा इस तरह कहीं बाहर रह के सुंदर पिचाई आ इंदिरा नूई बन रहा है तो बीच बीच मे खोज खबर लेते रहें , उसके college institute जा के उसके गुरुजन से मिलते रहें ।