23/08/2025
आज पूज्य पिताजी की पुण्यतिथि है, पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन करता हूँ। जीवन में पिता का क्या महत्व है? यह उनके नहीं रहने पर पता चलता है। पिता उस पेड़ की तरह होता है जो कि धूप, आंधी या बरसात हर तरह की मुसीबतों को सहता है परंतु दूसरों को छाव देता है। उसी तरह पिता भी हर दुःख तकलीफ को सह कर अपने बच्चों एवं परिवार को पता नहीं चलने देता है। पिता बिना जीवन सुना सुना लगता है। पिताजी की छाव रहने पर बच्चे कभी भी अपने को असुरक्षित नहीं समझते हैं!
आज ही के दिन पूज्य पिताजी का स्वर्गवास हुआ था। आज का दिन मेरे लिए सबसे बुरा है। आज मैं अपने जीवन में जो भी हूँ वो पूज्य पिताजी के पुण्य, शिक्षा, संस्कार का ही प्रतिफल है। मैं उनके बिना अपने सार्थक जीवन की कल्पना ही नहीं कर सकता ! पूज्य पिताजी के श्री चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। साथ ही कामना करता हूँ कि उनका आशीर्वाद और स्नेह मुझे हमेशा मिलता रहे। जिससे मैं उनके सपनों को पूरा करता रहूँ। 🙏🙏🙏🙏🙏