10/12/2024
प्रिय अभिभावकगण
यदि आप अपने बच्चों को डॉक्टर-इंजीनियर या फिर आईआईटियन बनाना चाह रहे हैं तो आपके लिए एक सुझाव है। सुझाव के साथ सलाह भी है और वह यह है कि यदि अपने बच्चे को डॉक्टर - इंजीनियर बनाना है तो 6th class से ही उसकी तैयारी शुरू कर दीजिए।
आप सुनते, पढ़ते या देखते होंगे कि साउथ इंडिया के अमुक राज्य का अमुक गांव का एक अमुक लड़का डॉक्टरी में टॉपर है, इंजीनियरिंग में टॉपर है, आईआईटी में टॉपर है…, तो क्या वह ऐसे ही टॉपर हो गया ? उसके पीछे कड़ी मेहनत है।
साउथ इंडिया में करीब-करीब सभी बच्चे 6th से ही अपने लक्ष्य को साधने की तैयारी शुरू कर देते हैं। इसीलिए वे टॉप पर होते हैं। दरअसल उसी तरीके, सलीके और फॉर्मूले पर हम अपने बच्चों को संस्कारित और आगे बढ़ने की प्रेरणा देने के साथ ही शिक्षित करते हैं। हम 6th - 7th class से ही बच्चों को फाउंडेशन के साथ मेडिकल - आईआईटी के लिए तैयार करना शुरू कर देते हैं और खासकर गरीब और मध्यम परिवार के बच्चों के लिए मेरे यहां विशेष प्रकार की सुविधा उपलब्ध होती है।
इससे बच्चों के स्कूली शिक्षा के परीक्षा परिणाम में तो सुधार होता ही है, लेकिन भविष्य संवारने के दृष्टिकोण से भी यह काफी महत्वपूर्ण है। खासकर, हमारे संस्थान में पढ़ने वाले छात्र गणित विषयों में अपना नाम रोशन कर रहे हैं. इसी तरह नेशनल स्टैंडर्ड एग्जामिनेशन (ओलंपियाड ) एनटीएसई आदि के लिए मानसिक मजबूती दी जाती है। यह भीड़ में संभव नहीं है. यह काम हमलोग अपने कम भीड़ वाले क्लास में करते हैं।
6th class और 7th class के बहुत सारे पाठ को विस्तार से बड़े पैमाने पर बड़ी कक्षा में बताएं ही जाएंगे, ऐसे में हम वर्तमान कक्षा का पाठ पढ़ाने के बाद आगे की कक्षा का पाठ्यक्रम भी दिखाना और पढ़ाना शुरू कर देते हैं ताकि वे आगे के क्लास से निर्भीक और फ्रेंडली हो सके। यहां तक की आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पूछे जानेवाले प्रश्न को भी अक्सर बच्चों को 9th और 10th मे ही हम दिखाना शुरू कर देते हैं ताकि बच्चे पहले से ही अपने आगे के सिलेबस के फ्रेंडली हो जाते हैं.
इस ट्रेनिंग प्रक्रिया से बच्चों में विज्ञान और गणित के प्रति रुचि भी बढ़ती है और आगे की पढाई में दिलचस्पी लेने लगता है। हालांकि, इस दौरान हम बच्चों के बचपन का भी पूरा ख्याल रखते है। ऐसी बातों को ध्यान में रखकर हम अभी एक और ब्रांच बेऊर अखाड़ा के नजदीक ब्रह्मपुर मुख्य मार्ग पर शकुन्तला ज्ञान निकेतन स्कूल के नाम से खोला गया है जहां पर ज्यादा से ज्यादा अभिभावक लाभान्वित हो सकते हैं।
पटना में हमारा दो ब्रांच पहले से ही चल रहा है [1] अनमोल इंटरनेशनल स्कूल, बिड़ला कॉलोनी, फुलवारी शरीफ 2012 से तथा [2] अनिल कुमार शकुन्तला देवी स्कूल (AKSD School), श्रीकृष्ण विहार कॉलोनी, बेऊर 2018 से।
आप हमारे किसी भी ब्रांच में अपने बच्चे का नमांकन करा सकते हैं और किसी भी ब्रांच में पढ़ा सकते हैं।