09/10/2024
भारतीय ग्राहक से ज्यादा बेवकूफ इस दुनिया में कोई और नहीं है, और इस ग्राहक की श्रेणी में मै और आप सभी लोग आते हैं
आज नवरात्रि का पहला दिन था, तो मां भगवती को फल चढ़ने के लिए एक फल की दुकान पे आया सभी फल के दान एवरेज थे
लेकिन तभी मेरी नजर इस फल पर गई देखने में अच्छा हाथ में उठाया तो देखा चाइनीज भाषा में कुछ लिखा था,
एक मोटी लेयर वैक्यूम सील प्लास्टिक जिसके अंदर सिलिका जेल एक तरह का जहरीला पदार्थ जिससे नामी दूर रहती है उसी में पैक था
मैने दुकानदार से पूछा भाई ये क्या है, उसने तुरंत बोला।विदेशी सेब है 150 रूपये का एक पीस
मैने बोला नही भाई रहने दो इतना महंगा क्या करेंगे खा के लेकिन उसके बाद जितने ग्राहक आए सब ने एक एक पीस उठा लिया, और खुशी खुशी उसे लेके जाने लगे
अब सोचिए सिलिका जेल जेपी 2 बाय 2 की पेटी में में अगर सेब को रख के लाते तो भी उतना ही काम करता
एक सेब को पैक करने में जितनी प्लास्टिक लगी है उतने में कम से कम 3 से 4 सब पैक होते
लेकिन इस दिशा में लोग नही सोचते हैं हम मूर्ख अपने देश के 100 रूपये किलो वाले देसी सेब जल्दी नही खाते लेकिन चमकती पन्नी में पैक 150 रुपए का एक सेब झट से खरीदते हैं
असल में ये सेब बेचना चीनी का उद्देश्य नही है इनका उद्देश्य है अपने यहां का प्लास्टिक कचरा भारत जैसे देशों में डंप करना,इस काम को सीधा तो किया नही जा सकता
तो इतने बड़े पैमाने पर रिसाइकल करो की लागत लगभग ना के बराबर हो जाए
और इन प्लास्टिक कचरों को जबरदस्त पैक कर के दायरे देश में भेज दो समान के साथ कचरा भी गया अब ये उनका सिरदर्द है की कैसे इसका निस्तारण करना है
नही तो आप खुद सोचिए एक एक सेब में एक एक सिलिकाजेल रखने का क्या औचित्य है
जल्दी ही ये स्थिति आएगी की समान से ज्यादा कचरा दिखेगा
इस इसके लिए दुकानदार दोषी नही है जो वो ये समान लाके बेच रहा है
ना सरकार दोषी जो ऐसे समान को ले रही है को की वर्ल्ड ट्रेड की वजह से मना नहीं कर सकती है
लेकिन आप और हम कहीं भी ऐसे महंगे ओवर पैक्स फल देखे तो समझ जाना चीनी की चाल है
अगर ग्राहक लेना बंद कर दें तो दुकानदार कभी ना मंगाए,
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