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ADDING VALUES TO PEOPLE

Organisation with a different theme "खुशी जैसी खौराक नहीं। Helping people in Spiritual, Emotional, Mental, Physical and Financial segments to move higher in all the segments of life.

29/10/2024

*जानिये किस धन की है धनतेरस?*

*क्यों बिना विवेक कुछ भी ख़रीद लेने का दिन नहीं है धनतेरस!*

*और यह धन से सम्बंधित है भी या नहीं है*
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*स्वदेशी एवं स्वास्थ्य के सन्दर्भ में धनतेरस का महत्व*

कुंठित उपभोक्तावाद से प्रेरित बाजारीकरण के कारण धनतेरस को लेकर कुछ भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास एक प्रश्नावली के द्वारा :

प्रश्न:

धनतेरस में "धन" शब्द का क्या अर्थ है?

उत्तर:

यह बहुत कम लोग जानते है की वास्तव में धनतेरस में "धन" शब्द स्वास्थ्य के देवता धनवंतरी से लिया गया है
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन ही धन्वन्तरि का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि को धनतेरस के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न:

अगर धन नहीं तो फिर धनतेरस का क्या महत्त्व है?

उत्तर:

देवी माता लक्ष्मी हालांकि की धन की देवी हैं परन्तु उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए आपको स्वस्थ्य और लम्बी आयु भी चाहिए यही कारण है दीपावली दो दिन पहले से ही यानी धनतेरस से ही दीपामालाएं सजने लगती हें।

प्रश्न:

आज के दिन कुछ नया खरीदने की परंपरा क्यों है?

उत्तर:

समुद्र मंथन के समय धन्वन्तरि जी कलश में अमृत लेकर प्रकट हुए थे इसी कारण इस दिन बर्तन खरीदने की प्रथा है

आज के दिन वास्तविक परम्परा केवल नया बर्तन खरीदने की है या चाँदी भी खरीद सकते है

बाजारीकरण और धन के प्रति हमारे लगाव ने हमें अँधा बना दिया है और हम भीड़ के पीछे चलकर कुछ भी खरीदने को चल पड़ते है जैसे टीवी, गाडी, कपडे, फर्नीचर आदि जो मूर्खता है और पूर्णतया कुंठित उपभोक्तावाद से प्रेरित है

प्रश्न: इस दिन चाँदी खरीदने की प्रथा क्यों है?

इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि चांदी चन्द्रमा का प्रतीक है जो शीतलता प्रदान करता है और मन में संतोष रूपी धन का वास होता है।
संतोष को सबसे बड़ा धन कहा गया है। जिसके पास संतोष है वह स्वस्थ है सुखी है और वही सबसे धनवान है।
भगवान धन्वन्तरी जो चिकित्सा के देवता भी हैं उनसे स्वास्थ्य और सेहत की कामना के लिए संतोष रूपी धन से बड़ा कोई धन नहीं है।
लोग इस दिन ही दीपावली की रात लक्ष्मी गणेश की पूजा हेतु मूर्ति भी खरीदते हें।

निवेदन:

लोग अन्धानुकरण कर आज कुछ न कुछ खरीदने को और कंपनिया कुछ न कुछ बेचने को आतुर है

इस जानकारी को अपने बच्चो तक और अपने परिजनों तक ज़रूर पहुचाये और स्वास्थ्य रुपी धन के इस दिन को केवल पैसे की दृष्टि से न देखें नहीं तो हमारी परम्पराये या तो ख़त्म हो जाएँगी या उनका स्वरुप बिगड़ जायेगा

इस दिन कुछ ऐसा ख़रीदे की आपके देश के प्रत्येक व्यक्ति के घर दीपावली बने ना कि विदेशी कॉमपनीयो को।

आज के दिन भगवान धन्वंतरि का 108 नाम का यज्ञ अवश्य करें व परिवार के सभी सदस्य इस यज्ञ में आहुति देकर स्वास्थय का लाभ ले.
नोट- यज्ञ में देसी गऊँमाँ के कंडे और बिलोना घृत ही डाले अनयथा ना करें.

आप के स्वास्थय का शुभ चिंतक

रवि प्रकाश पाण्डेय, पटना/दिल्ली

23/07/2024

12/07/2024

30/06/2024

#राष्ट्रीय अभियान के लिए #बाल #स्वास्थय में हर #गाँव से एक #कार्यकर्ता की आवश्यकता है।

अभियान अपनी उपलब्धियाँ गिनीज बुक में दर्ज करा चुका है।

Whatsapp "सुवर्णप्राशन, अपना नाम, शहर/गाँव का नाम, पिन कोड" to 8340133663

Whatsapp "Swaranprashan, Your Name, Village/City, pincode" to 083401 33663

13/05/2023

भारत के देसी अंदाज की दुनिया दीवानी बन रही है. भले ही आधुनिकता की दौड़ में भारतीय परिवार अब #चारपाई जैसे पारंपरिक बेड से मुंह मोड़ रहा हो, लेकिन इसकी धाक सात समंदर पार अमेरिका जैसे टॉप क्‍लास देश में बढ़ती जा रही है. दरअसल, अमेरिकी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर 1 चारपाई की कीमत 1 लाख रुपये से भी ज्‍यादा पहुंच गई है. लोगों में इसे लेकर क्रेज इस कदर है कि धड़ाधड़ ऑर्डर हो रहे और स्‍टॉक खाली हो रहा है.

पहले कहां लोग #रीढ़_की_हड्डी से जुड़ी समस्या, #पीठ दर्द, #कमर #दर्द, #सर्वाइकल आदि से जूझते थे।

चारपाई उन सभी समस्याओं का स्वत: ध्यान रखती थी।

to

12/05/2023

A "mouse" was put at the top of a jar filled with grains.

He was so happy to find so much food around him that he no longer felt the need to run around searching for food and now he could happily live his life.

After a few days of enjoying the grains, he reached the bottom of the jar. Suddenly, he realized that he was trapped and he couldn't get out.

He now has to fully depend on someone to put grains in the jar for him to survive. He also may not get the grain of his choice and he cannot choose either. He now has no choice but to eat what he's given.

A few lessons to learn from this:
1. term pleasures can lead to -term traps.

2. If things come easy and you get comfortable, you are getting trapped into dependency.

3. When you are not using your , you will lose more than your skills. You lose your and .

4. Freedom does not come easy but can be lost quickly.

5. NOTHING comes easily in life and if it comes easily, maybe it is not worth it.

Don't curse your struggles. They are your blessings in disguise.

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