17/09/2022
महाभारत में कहा गया है कि विश्वकर्मा की उत्पत्ति ब्रह्मा की दक्षिण छाती से हुई है। पुराणों और महाभारत में विश्वकर्मा को देवताओं का महान मूर्तिकार माना गया है। यह मान्यता है कि प्राचीन काल में सभी का निर्माण विश्वकर्मा ने ही किया था। ‘स्वर्ग लोक’, सोने का शहर – ‘लंका’ और कृष्ण की नगरी – ‘द्वारका’, सभी का निर्माण विश्वकर्मा के ही हाथों हुआ था। भगवान विश्वकर्मा जी को देवताओ के शिल्प देवता (Engineer) माना गया है, 17 सितम्बर को भगवान विश्वकर्मा का जन्मदिन मनाया जाता है, इस दिन को विश्वकर्मा पूजा के नाम से जाना जाता है। इस दिन लोग बड़ी श्रद्धा के साथ अपने उपकरणों और भवन इत्यादि का पूजन करते हैं। इस दिन लोग अपने प्रियजनों को विश्वकर्मा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ