18/08/2026
अभिभावक एवं अभ्यर्थी कृपया कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान दें:-----------------By: K.K.Jha
आजकल कुछ तथाकथित शिक्षक, विशेषकर ऑनलाइन पढ़ाने वाले, सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर दोषारोपण करके ही अपना काम चला रहे हैं तथा भोले-भाले विद्यार्थियों को अपनी ढाल बनाकर उन्हें भटका रहे हैं। इन लोगों को अभ्यर्थियों के दर्द, उनकी आशाओं और उनके भविष्य से कोई विशेष सरोकार नहीं है।
आश्चर्य की बात यह है कि यदि ये शिक्षक वास्तव में विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में इतने समर्पित हैं, तो इनके पास दोषारोपण, विश्लेषण और प्रचार-प्रसार के लिए इतना समय कहाँ से आता है? वास्तव में इतनी मेहनत तो विद्यार्थियों के बेहतर मार्गदर्शन पर होनी चाहिए।
शिक्षक सही मायने में वही है जो ऑफलाइन मोड में पढ़ाता हो। जब इन लोगों को विद्यार्थियों ने ऑफलाइन में स्वीकार नहीं किया, तब इन्होंने ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को भटकाकर आय अर्जित करने का रास्ता चुना। अब जब ऑनलाइन में भी अनेक तथाकथित शिक्षक आ गए हैं, तो मूल विषय से हटकर आय अर्जित करने का एक नया तरीका अपनाया गया है। वह आसान तरीका यह है कि अपने विषय को पढ़ाने में मेहनत करने के बजाय तकनीक का उपयोग करके दोषारोपण वाले आकर्षक वीडियो बनाओ, उनका प्रचार-प्रसार करो और सोशल मीडिया से आय अर्जित करो। विद्यार्थियों से कोई मतलब नहीं, लेकिन बड़े तथाकथित शिक्षक अवश्य बन जाओ।
आज की इस चकाचौंध भरी दुनिया में दर्शक बन चुके अभिभावक तथा विद्यार्थी भी ऐसे लोगों को सहज ही स्वीकार कर लेते हैं, किंतु अंत में पछतावे के अलावा उनके हाथ कुछ नहीं लगता।
स्पष्ट रूप से याद रखिए—शिक्षक वही है जो कम-से-कम पंद्रह वर्षों तक ऑफलाइन मोड में पढ़ा चुका हो। यदि उसने विभिन्न पदों पर रहकर विद्यार्थियों का सफल मार्गदर्शन भी किया हो, तो यह और भी बेहतर है।
ऑनलाइन पढ़ाई कोरोना काल की एक मजबूरी थी, जिसे आज लोग अनिवार्यता बना चुके हैं। यह सबसे बड़ी भूल है। केवल ऑनलाइन माध्यम से मनोरंजन तो हो सकता है, लेकिन परिणाम की गारंटी नहीं होती। अंततः बहुमूल्य समय, धन और अवसर की बर्बादी ही हाथ लगती है।
इसलिए सभी अभिभावक एवं विद्यार्थी सोच-समझकर निर्णय लें। सही मार्गदर्शक का चयन अपने आप में सबसे बड़ी सफलता है। सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन, सटीक रणनीति और निरंतर प्रयास से प्राप्त होती है। इस बात को सदैव ध्यान रखें।