23/03/2021
66 वीं बीपीएससी मेंस के लिए विशेष रणनीति...।
1. पिछले 10 वर्षों के मेंस के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करते हुए उन कॉमन प्रश्नों को चिन्हित करें जिनसे हर एक-दो साल में प्रश्न पूछे जाते हैं और उनका अपना व्यक्तिगत 8 - 10 पेज का नोट्स बना ले क्योंकि कई बार कमीशन प्रश्नों की प्रकृति चेंज करता है लेकिन टॉपिक वही रहता है
2. नियमित रूप से आंसर राइटिंग करें और हो सके तो टॉपिक वाइज या सेगमेंट वाइज टेस्ट सीरीज ज्वाइन करके अपनी कमियों को पहचानते हुए समय रहते सुधार करें
3. बिहार की कला इतिहास राजनीति सरकारी योजनाएं बजट एवं समस्याओं के साथ-साथ समाधान आदि पर विशेष ध्यान दें
4. आंसर राइटिंग में सदैव कोशिश करें की जीएस के सेगमेंट में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के अभिभाषण के तत्व , राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार , सरकारी योजनाओं के नाम, संविधान के आर्टिकल और सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय तथा समसामयिक घटनाओं का वर्णन जिस प्रश्न में आवश्यकता महसूस हो वहां पर बीच-बीच में करते रहें
5. जब तक आपके पास कोई ठोस वजह ना हो किसी भी प्रश्न के जवाब में सरकारी योजनाओं, आरक्षण , महिला सशक्तिकरण, महात्मा गांधी संविधान , भारतीय संस्कृति आदि के खिलाफ ना बोलें और यदि ठोस तर्क हो तो भी गौतम बुध के मध्यम मार्ग का अनुगमन करें
6. अपने आंसर को सदैव सारगर्भित , सरल एवं विश्लेषणात्मक बनाने की कोशिश करें जिसकी पहली दो-तीन लाइनें पढ़ने के बाद पाठक के मन में सारी लाइने पढ़ने का विचार और रुचि स्वतः जागृत हो सके
7. प्रश्न पढ़ने के बाद उसको टुकड़ों में बांट कर अच्छे से समझें और 2 मिनट के चिंतन मनन के बाद ही मन और मस्तिष्क में रूपरेखा बनाने के साथ ही जो प्रश्न पहले आते हो उन्हें पहले हल करें
8. जिन प्रश्नों का जवाब बिल्कुल नहीं आता है जो जिनके बारे में बिल्कुल नहीं सुना है उनमें दिमाग लगाकर एग्जामिनर का दिमाग खराब ना करें नहीं तो वह आपका भविष्य खराब कर देगा
9. आज ही से कोशिश करेंगे रोजाना मेंस के एग्जामिनेशन तक दिन में पांच महत्वपूर्ण टॉपिक के 4-4 पेज के नोट्स बना कर उनको अच्छे से रिवाइज करके तैयार करें ताकि एग्जाम तक आपके पास जीएस में 300 - 400 टॉपिक हो जाएं जिसमें से कम से कम 60 परसेंट प्रश्न एग्जाम में आपको मिल जाएंगे
10. अपना आत्मविश्वास लगन और धैर्य मेहनत के साथ साथ बनाए रखें ऑथेंटिक बुक्स का बार-बार रिवीजन करें स्वयं और ईश्वर पर भरोसा रखें अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के साथ साथ दिल की भी साफ सफाई करते रहें क्योंकि कर्म आपके बस में हैं फल सदैव ईश्वर की अनुकंपा पर निर्भर करता है अतः यहां तक पहुंचाने के लिए ईश्वर को धन्यवाद दें और आगे के लिए उस से प्रार्थना करें ।
Best of luck 👍
☺️B.L.Trivedi