18/02/2026
[18/02, 2:39 pm] Gopal Sharma Z: आज सुबह (18 फरवरी 2026), वैश्विक पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त जर्मन वैज्ञानिक डॉ. हास्को नेस्केमैन ने भारत सरकार के ज़ूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. गोपाल शर्मा के साथ किडी कॉन्वेंट हाई स्कूल, बैरिया का ऐतिहासिक दौरा किया। यह यात्रा न केवल वैज्ञानिक आदान-प्रदान का प्रतीक बनी, बल्कि छात्रों के बीच सांस्कृतिक जागरूकता का भी उत्सव साबित हुई।
स्कूल पहुँचते ही डॉ. नेस्केमैन ने छात्रों के साथ जीवंत संवाद आरंभ किया। स्कूल की छात्रा समृद्धि और सानिया ने अनेकों सबाल डॉ हसको से पूछे और डॉ हसको ने सभी सवालों का जवाब बड़ी ही सरलता से दिया। डॉ हसको के भाषा का हिंद रूयंत्रण डॉ गोपाल शर्मा कर रहे थे। उन्होंने अपनी भारत यात्रा के रोचक अनुभव साझा किए, जिसमें 'फेस्टिवल ऑफ इंडिया' की रंगीन परंपराएँ, विविध भारतीय व्यंजनों की स्वादिष्टता तथा सांस्कृतिक समन्वय पर प्रकाश डाला। छात्रों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे—जर्मन त्योहारों से लेकर भारतीय उत्सवों तक, पर्यावरण संरक्षण से लेकर वन्यजीवों की विविधता तक। डॉ. नेस्केमैन ने जर्मनी के पर्यावरणीय प्रयासों, जैसे नदी-जलप्रवाह संरक्षण और पक्षी प्रवास अध्ययन पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को प्रेरित किया कि कैसे वैश्विक चुनौतियों का समाधान सांस्कृतिक समझ से संभव है।
इस अवसर पर डॉ. नेस्केमैन ने स्कूल के सचिव श्री सुनील कुमार तथा प्राचार्य श्री सतीश कुमार से गहन भेंट की। उन्होंने स्कूल की शैक्षिक उत्कृष्टता और छात्रों की जिज्ञासा की भूरी-भूरी प्रशंसा की। विशेष रूप से, छात्रों के जर्मन संस्कृति—जैसे ऑक्टोबरफेस्ट, क्लासिकल संगीत और पर्यावरण नीतियों—के साथ-साथ भारतीय संस्कृति—दिवाली, होली तथा गंगा डॉल्फिन संरक्षण—के प्रति गहन रुचि को सराहा। उन्होंने कहा, "ये युवा वैज्ञानिक भविष्य के राजदूत हैं, जो संस्कृतियों को जोड़ेंगे।"
यह यात्रा स्कूल के लिए मील का पत्थर साबित हुई। छात्रों में वैश्विक दृष्टिकोण जागृत हुआ, जबकि शिक्षकों ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाएँ तलाशीं। किडी कॉन्वेंट हाई स्कूल सांस्कृतिक पुल का प्रतीक बन गया, जहाँ विज्ञान और संस्कृति का संगम हुआ।
[18/02, 2:43 pm] Gopal Sharma Z: This morning (February 18, 2026), renowned German environmental animal scientist Dr. Hasko Nesemann
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