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03/11/2025

महज 24 साल की उम्र में 63 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद भारत राष्ट्र के लिए अपना बलिदान करने वाला एक ऐसा नौजवान जिसने अंग्रेजों के जुल्म के आगे झुकने से बेहतर मौत को गले लगा लिया।

👉 हम सभी जानते हैं की भगत सिंह जी ने अपने साथियों के साथ असेम्ब्ली में बम फेंका था लेकिन हम ये नहीं जानते की उस बम को बनाया किसने था। तो उस बम को बनाया था जतीन्द्रनाथ दास ने।

✊ भारत की आज़ादी की जंग में बहुत से जवानों ने अपने लहु से इतिहास लिखा, लेकिन कुछ नाम ऐसे हैं जो दर्द बनकर सीने में बस जाते हैं।
जतिन दास उन्हीं में से एक थे।

एक ऐसा नौजवान इन्क़लाबी, जिसने ज़ुल्म के आगे झुकने से बेहतर मौत को गले लगा लिया। 1904 में कलकत्ता में पैदा हुए जतिन दास बचपन से ही बाग़ी मिज़ाज रखते थे और असहयोग आन्दोलन से लेकर क्रांतिकारी संगठनों तक, हर मैदान में एक ही सपना देखते थे।

‘आज़ाद देश ’ भगत सिंह और चन्द्र शेखर तिवारी आज़ाद जैसे साथियों के साथ उनका सफ़र इंक़लाब की आग में तपता गया और जब लाहौर षड्यंत्र केस में उन्हें गिरफ़्तार किया गया, तो अंग्रेज़ों ने सोचा कि सलाखें उनके हौंसले तोड़ देंगी। लेकिन अंग्रेज़ भूल गए थे जेल दीवारों से बनती है, हौसलों से नहीं।

जेल में राजनीतिक क़ैदियों के साथ जानवरों जैसा सलूक हो रहा था। जतिन दास ने ठान लिया कि इस ज़ुल्म के ख़िलाफ़ शरीर से नहीं, ज़मीर से लड़ेगे और वहीं से शुरू हुई वो भूख-हड़ताल जिसने पूरे हिंदुस्तान की रगों में आग भर दी।
दिन गुजरते गए, शरीर टूटता गया, सांसें धीमी पड़ती गईं, लेकिन इरादे वैसे ही बुलंद रहे।
वो कैसा जज़्बा था न खाने की टेबल बदली, न ज़ुल्म के क़ायदे, बस एक इंक़लाबी जिस्म पिघलता रहा, और अंग्रेज़ हुकूमत की नींद उड़ती रही।
63 दिनों तक भूख और दर्द से लड़ते हुए 13 सितंबर 1929 को जतिन दास ने आख़िरी सांस ली, लेकिन जाते-जाते पूरे हिंदुस्तान को जगा दिया।

उनका पार्थिव शरीर जब कलकत्ता पहुँचा,
तो सुभाष चंद्र बोस जी ने खुद स्टेशन पर रिसीव किया,
और सड़कों पर समंदर उमड़ पड़ा।
लाखों आँखें रो रहीं थीं,
लेकिन कोई सिर झुका हुआ नहीं था
क्योंकि एक बलिदान क्रांतिकारी का क़दम
आगे बढ़ चुका था और अब पीछे लौटना नामुमकिन था।

भगत सिंह ने सही कहा था
“ऐसे बलिदानी क्रांतिकारी मरते नहीं,
हमारी रगों में हमेशा ज़िंदा रहते हैं।”
जतिन दास आज भी ज़िंदा हैं, हर उस दिल में जो
स्वतंत्रता,न्याय और इंक़लाब पर विश्वास रखता है।

🙏🙏🙏

03/11/2025

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Hearty congratulations and best wishes to the Indian Women’s Cricket Team for their historic World Cup Victory! 🏆👏

Our daughters have once again proven their courage, dedication, and brilliance by creating history on the world stage.
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“Mhari Chhoriyan Kisi Se Kam Nahi!” 🌸🔥

03/11/2025

🕉️ नमः शिवाय 💐🌺🙏🙏🙏

10/10/2025

बापू टॉवर,गर्दनीबाग पटना
Sudhir Sinha

24/05/2025

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26/01/2025

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19/12/2024

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16/11/2024

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