22/08/2022
सभी छात्र को को सूचित किया जाता हैं 23 अगस्त(10AM) पाटलिपुत्र विश्वविधालय आना आवश्यक हैं VC से मिलने के लिए पीछले 1 साल से मगध यूनिवर्सिटी के VC के रूप में प्रभार संभाले हुए हैं ( Patliputra University) के VC RK Singh।
और UG के सत्र 17–20 का 9000 हजार से ज्यादा छात्रों का रिजल्ट पेंडिग हैं और सत्र 18–21 और
19–22 का एग्जाम लिए हुए 9 महीने से ज्यादा हो गया है अभी तक रिजल्ट प्रकाशित नही हुई हैं और सत्र 20–23 का अभी तक पार्ट 1 का रजिस्ट्रेशन नही हुई हैं। ऐसी स्थिति हो गईं हैं
आखिर पद पर क्या कर रहे हैं इसलिए सबको आपनी मांग रखना हैं
सभी छात्र आप ये जान ले जब तक आप सब सीरियस नही होंगे तो कोई साथ देने नही आयेगा और आपका डिग्री क्यों जरूरी है ये आपको अच्छे से पता हैं इसलिए अपना फ्यूचर बचाने के लिए एक साथ मिलकर लड़िए ऐसे बैठे रहने से कुछ नही होगा आगे आना होगा तब समाधान मिलेगा🙏
24/07/2022
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर!
विश्वविद्यालय में आठ महीने से स्थाई कुलपति नहीं है।
आठ महीने से ठेके के प्रभारी कुलपति से विश्वविद्यालय चल रहा है, लेकिन छात्रों को ये ठेके के प्रभारी कुलपति का भी दर्शन दुर्लभ है।
विश्वविद्यालय में अपने मांगों को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
छात्र-छात्राएं अपने मूलप्रमाणपत्र को लेकर विश्वविद्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
दीक्षांत समारोह के नाम पर जो छात्राओं से वसूली किया था उस पैसे का कोई हिसाब नहीं!
छात्र राजद आठ दिनों से स्थाई कुलपति के सवालों को लेकर तालाबंदी किया हुआ है लेकिन राज्यभवन में बैठे धृतराष्ट्र कुलपति के जुवां से कोई शब्द नहीं निकल रहा है।
तालाबंदी के आज आठवें दिन विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू इस्तीफा दे दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन खानापूर्ति के लिए ऑनलाईन क्लॉस लेने का आदेश देकर अपने-अपने घर के चारदिवारी में कैद हैं।
आखिर विश्वविद्यालय के इस हालात के लिए जिम्मेवार कौन?
आखिर इस सवाल पर बिहार के मुख्यमंत्री व राज्यपाल चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?
सवाल सिर्फ विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपति भर का नहीं है। सवाल है कि सरकारी शिक्षण संस्थाओं को बचाने का।
कहीं ना कहीं हम सब की लापरवाही व चुप्पी देश के सरकारी शिक्षण संस्थानों को सत्ता में बैठे कॉरपोरेट के दलाल नष्ट करने में लगा हुआ है।
अगर यही स्थिति रही तो आनेवाले समय में ये संस्थान भी कोई कॉरपोरेट घरानों के हाथों में ठेके पर चला जायेगा।
विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से अपील है कि बंद दरवाजों से बाहर निकलें और विश्वविद्यालय को बचाने के लिए कैंपस व सड़कों पर संघर्ष करें।
18/07/2022
बिहार का शिक्षा बजट 39 हजार करोड़, फिर भी राष्ट्रीय रैंकिंग (NIRF) में एक भी उच्च शिक्षण संस्थान नही।
केंद्र सरकार द्वारा जारी उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग में इस वर्ष बिहार का एक भी संस्थान रैंकिंग प्राप्त नही कर पाया।
◆ बिहार सरकार द्वारा स्थापित चाणक्य लॉ यूनिवर्सिटी(CNLU), चंद्रगुप्त मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट(CIMP), आर्यभट्ट यूनिवर्सिटी(AKU), पटना यूनिवर्सिटी, मगध यूनिवर्सिटी जैसे बड़े नाम भी या तो कोई रैंकिंग प्राप्त नही कर पाए या फिर डर से रैंकिंग में भाग ही नही लिया।
◆ NIT व IIT पटना की चिंता नही है, इस वर्ष उनकी रैंकिंग गिरी है लेकिन उनका आगे पीछे चलता रहता है और रैंकिंग का विशेष असर उनपर नही पड़ता,ऊपर से वो केंद्रीय संस्थान हैं।
◆ बिहार में 17 स्टेट यूनिवर्सिटी है। पटना और मगध यूनिवर्सिटी का बजट 500/600 करोड़ है। उसके बाद भी इन दोनों यूनिवर्सिटी ने रैंकिंग में भाग ही नही लिया। बाकी यूनिवर्सिटी की हालत आप समझ सकते हैं।
◆ मात्र तीन कैटेगरी में बिहार स्थित संस्थान जगह बनाने में कामयाब हुए हैं। इसमें इंजीनियरिंग (IIT, NIT,पटना), फार्मेसी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, हाजीपुर) और आर्किटेक्चर (NIT, पटना) शामिल है। ये सभी केंद्रीय संस्थान हैं।
◆ शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में सरकार की तरफ से सबसे ज्यादा 39191.87 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है।
◆ नेशनल रैकिंग तो दूर उसके लिए आवेदन करने तक करने की स्थिति में राज्य के विवि व कॉलेज नहीं हैं. समस्या यह है कि NIRF में जाने के लिए नैक मान्यता प्राप्त होना बहुत जरूरी है. राज्य में सिर्फ दो ही विवि को नैक में मान्यता प्राप्त है. वहीं एक भी विवि ऐसा नहीं है, जिसे नैक में ‘ए’ या ‘ए प्लस’ ग्रेड प्राप्त हो. सिर्फ पटना विवि को नैक में ‘बी प्लस’ ग्रेड प्राप्त है, लेकिन विवि ने आवेदन नहीं किया. CNLU की नैक मान्यता समाप्त थी और चूंकि अभी नैक में ‘बी’ ग्रेड प्राप्त हुआ है. वह भी इस सत्र के लिए आवेदन नहीं कर सका था.
बिहार शिक्षा व्यवस्था और NIRF पार्ट 1.
#बिहार_शिक्षा_व्यवस्था
17/07/2022
हम लड़ेंगे साथी
हम जीतेंगे साथी
💪🏽💪🏽💪🏽