01/04/2026
वैज्ञानिकों ने हाल ही में पृथ्वी की सतह के नीचे 'व्हाइट हाइड्रोजन' (White Hydrogen) या प्राकृतिक हाइड्रोजन के विशाल भंडारों की पहचान की है।
इस खोज से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
विशाल मात्रा: अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के एक अध्ययन के अनुसार, धरती की पपड़ी (Crust) में लगभग 5.6 ट्रिलियन मीट्रिक टन प्राकृतिक हाइड्रोजन मौजूद हो सकता है। यह मात्रा ज्ञात तेल भंडारों से करीब 26 गुना अधिक है।
ऊर्जा का समाधान: वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यदि इस भंडार का केवल 2% हिस्सा भी सफलतापूर्वक निकाला जा सके, तो यह अगले 200 वर्षों तक दुनिया की हाइड्रोजन मांग को पूरा कर सकता है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, यह कुल भंडार मानवता की ऊर्जा जरूरतों को 1,000 साल या उससे अधिक समय तक पूरा करने में सक्षम है।
प्रमुख खोज स्थल:
फ्रांस: फ्रांस के लोरेन (Lorraine) क्षेत्र में वैज्ञानिकों को सफेद हाइड्रोजन का दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा भंडार मिला है, जिसमें करीब 46 मिलियन टन हाइड्रोजन होने का अनुमान है।
अल्बानिया: यहाँ की एक क्रोमियम खदान में 'लगभग शुद्ध' हाइड्रोजन का एक झरना मिला है जो सालाना 200 टन गैस छोड़ता है।
अन्य देश: माली (Mali), अमेरिका, कनाडा, रूस और ऑस्ट्रेलिया में भी इसके बड़े भंडार होने की संभावना जताई गई है।
इसे 'व्हाइट हाइड्रोजन' क्यों कहते हैं?: इसे 'सफेद' या 'गोल्ड' हाइड्रोजन इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह प्रकृति में अपने आप बनता है। इसे बनाने के लिए बिजली या जीवाश्म ईंधन की जरूरत नहीं होती (जैसे ग्रीन या ग्रे हाइड्रोजन में होती है), इसलिए यह एक स्वच्छ और सस्ता ऊर्जा स्रोत है। Govind sir Govind Jha Patna Govind jha