23/09/2024
रेलवे साइको टेस्ट --- संस्थान( अमर ज्योति कोचिंग सेंटर प्राइवेट लिमिटेड पटना) के अभ्यर्थियों को छोड़कर पूरे भारत के रेलवे साइको के अभ्यर्थियों से मेरा एकमात्र प्रश्न है- यहां छोड़कर आप संपूर्ण भारतवर्ष में कहीं भी नामांकन के बाद पढ़ने के लिए चले जाइए या फिर किसी भी माध्यम से पढ़ाई कीजिए चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफलाइन हो ऐसा आपको क्या खास मिल गया जो आप पहले से नहीं जानते थे खुद से समय देकर पूछिए शायद आपका उत्तर यही होगा कि आप जहां थे लगभग उसी पोजीशन में अभी भी हैं । समय ,रुपया तथा अवसर की बर्बादी ही महसूस होगी खुद को जबरदस्त ठगा हुआ आप महसूस करते होंगे। आपने तो केवल निर्देश पढ़ लिया तैयारी कहां हुई। सिर्फ आपने कुछ अस्तरहीन किताब, लैपटॉप तथा कई तरह के फालतू किस्म के यूजर आईडी तथा पासवर्ड का व्यवस्था कर लिया तथा नया नया जगह घूम कर चले गए क्या यही साइको है खुद से पूछिए ,जी नहीं। आप खुद भी समझते हैं आपका समस्या ज्ञान से ज्यादा समय के अंदर नहीं बनना अर्थात आपको कला, बेहतर तरीके सीखने की आवश्यकता है। यदि आपके पास कला होगी तो इसके प्रत्येक portion को लगभग आधे आधे समय में ही पूर्णत: हल कर सकते हैं। आपका प्रॉब्लम ज्ञान नहीं है बल्कि आपका प्रॉब्लम है human error. । इसमें आपके शरीर तथा दिमाग को प्रत्येक portion के हिसाब से एडजस्ट किया जाता है अर्थात मशीनीकरण। सिर्फ ज्ञान हो और उसे use करना जानते ही नहीं है तो क्या हो सकता है खुद सोचिए। एक एक्सपर्ट अपने ज्ञान का habits से use करता है तभी वह एक्सपर्ट कहलाता है। वस्तुत या पढ़ाई कम इलाज अधिक है । अभ्यर्थी यह भी समझले की रिजनिंग एवं साइको टेस्ट में कोई संबंध नहीं है दोनों का कॉन्सेप्ट बिल्कुल अलग है ।दोनों में वही संबंध है जो इतिहास एवं गणित में है। आज लोग नामांकन के लिए अस्तरहीन किताब निकलना ,नोट्स फोटोकॉपी के रूप में ,छूट ,इनाम ,झूठ,दबाव, गारंटी, आज के डेट में खतरनाक बन चुका ऑनलाइन का चक्कर, एवं दलाल नियुक्त करते हैं आप स्वयं महसूस करें क्या इससे सफलता मिल सकती है ,यहां तक की साइको के समय लोग अपना वास्तविक नाम भी कुछ दिनों के लिए बदल लेते हैं अभ्यर्थियों को भ्रमित करने के लिए यह सच है ।हद तो तब हो गई जब लोग यहां से पलायन करके अन्य जगह राज्यों में संस्थान खोलकर अभ्यर्थियों को रोकने का कोशिश करते हैं, अभ्यर्थियों को तत्काल लगता है कि आने-जाने की परेशानी से बच गए यह सोच शायद घातक हो सकती है लोग कैरियर के लिए वर्षों देश छोड़ देते हैं तो 5 दिन क्यों नहीं। मैं आपके आशा एवं दर्द को बहुत करीबी से बखूबी समझता हूं बहुत दर्द होता है जब लोग कई जगह ठोकर खाकर अंत में यहां पहुंचते हैं। आज यदि मैं देश में थोड़ा भी पहचान बनाया है तो इसके पीछे अभिभावकों ,अभ्यर्थियों, देश के आनेको कोचिंग संस्थानों ,शिक्षकों ,अपने माता-पिता एवं संस्थान के पूरे टीम के सहयोग से ।अतः इन सभी को हार्दिक धन्यवाद एवं आभार प्रकट करता हूं ।मैं तथा मेरी संस्थान हमेशा दूसरों से नहीं बल्कि खुद से तुलना करती है ।फिर भी अंत में मैं आप सभी से अवश्य कहना चाहूंगा कि मैं सिर्फ आपके लिए सहायक मात्रा हूं बाकी सब ईश्वर के हाथ में है धन्यवाद-
K.K.JHA(director)
(Only real teacher of nation)
(28 year experience)
***आना तो पड़ता ही है चाहे पहले आए या कहीं फंसने के बाद इसकी गारंटी है यह घमंड नहीं बल्कि आत्मविश्वास है।
****** सावधान- पूरे भारतवर्ष में मेरी अन्य कोई शाखा नहीं है।
****** संस्थान के इर्द-गिर्द घूमने वाले दलालों से सावधान।
****** रिस्क ना ले आ ही जाए क्योंकि समय से भी बड़ा अवसर होता है।
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