24/09/2025
✨📿 माँ चंद्रघंटा – नवरात्रि तृतीया 📿✨
🌸 नवरात्रि के तीसरे दिन माँ दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की जाती है।
माँ के मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की घण्टी होने के कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।
⚔️ माँ का यह रूप शांति और वीरता का प्रतीक है। सिंह पर सवार, दस भुजाओं वाली माँ अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और असुरों का संहार करती हैं।
🙏 माना जाता है कि माँ चंद्रघंटा की उपासना से
भय दूर होता है
साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है
जीवन में सुख-समृद्धि आती है
🌼 आज माँ से प्रार्थना करें:
"हे माँ चंद्रघंटा, हमें अपने चरणों में स्थान दें, और हमारे जीवन से सभी दुख और भय दूर करें।"
🔔 जय माँ चंद्रघंटा 🔔
23/09/2025
🙏 नवरात्रि दिवस 2 🙏✨
आज पूजे जाते हैं मां ब्रह्मचारिणी 🌸
मां ब्रह्मचारिणी तप, संयम और साधना की प्रतीक हैं। इनके हाथों में माला और कमंडल है।
इनकी आराधना से साधक को असीम शांति, धैर्य और तपबल की प्राप्ति होती है।
🌺 मां ब्रह्मचारिणी सबको ज्ञान, प्रेम और वैराग्य का आशीर्वाद दें। 🌺
जय माता दी! 🙏
#जयमातादी
22/09/2025
🌸 नवरात्रि दिवस 1 – माँ शैलपुत्री पूजा 🌸
नवरात्रि की प्रथम शक्ति माँ शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। माता का वाहन वृषभ (बैल) है और इनके दाहिने हाथ में त्रिशूल तथा बाएं हाथ में कमल सुशोभित है।
नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की उपासना से साधक को शक्ति, धैर्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह दिन नई ऊर्जा और शुभारंभ का प्रतीक माना जाता है।
🙏 माता शैलपुत्री की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। 🌺
14/09/2025
जीवित्पुत्रिका व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं
16/08/2025
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ
06/08/2025
भगवान भोले की कृपा बसरे आप पर, जीवन में भर जाये नई उमंग।