KahaniGhar

KahaniGhar इस कहानी घर पेज पर किसी भी विषय पर लेख को पढ़ पाएंगे।

कुछ निर्जीव चीजों में एक भाषा भी  है जो सजीव होती है। वो कभी नहीं मरती, बल्कि वो धीरे धीरे एक नए रूप को धारण करती रहती ह...
14/09/2024

कुछ निर्जीव चीजों में एक भाषा भी है जो सजीव होती है। वो कभी नहीं मरती, बल्कि वो धीरे धीरे एक नए रूप को धारण करती रहती है और एक दिन आधिकारिक रूप से एक नई भाषा बन जाती है। और यही इसकी सजीवता है।

राष्ट्रीय हिन्दी दिवस कि अनघा बधाई, शुभकामनाएं ❤

#हिन्दी #हिन्दी_दिवस

19/07/2023
14/07/2023

छाती चौड़ा कर लिए?
हाए री रामवा..! अब क्या ही कहे.
क्या जी? अब कोई रील्स नहीं बना रहे हो, स्टेटस नहीं लगा रहे हो? कि एक दूसरे देश की ,दूसरे धर्म की लड़की को हमारे टटू ने भगाकर लाया है या वो खुद तुम्हारे टटू को भगा के लाई है। इसने पूरे देश को शर्मशार किया! इसने एक लड़की तो छोड़ो एक औरत को भगाकर लाया है! एक देश से गद्दारी किया है! हमारा दुनिया के सामने सर नीचा किया है! लेकिन नहीं तुम सब तो ऐसे जश्न मना रहे हो जैसे तुम्हारा टटू ने वीरता का काम किया है, परमवीर चक्र मिलना चाहिए।
मीडिया तो ऐसे इटरव्यू ले रहा जैसे वो ओलंपिक से जीतकर आई है, अरे चैनलों पर जितना इसको दिखा रहे हो उतना तो किसी देश की बेटी का ओलंपिक जितने पर भी इंटरव्यू नहीं दिखाए हो?

इस घटना पर सीना ठोक के चलने वालों, एक एसडीएम ने एक पति को छोड़ा तो बवाल मचा दिए, तो ये तुम्हें नीच दिखी और एक सीमा सीमा तोड़ दी, अपने गुलाम राजा को छोड़ दी, घर परिवार, समाज को, देश को ही छोड़ दी, तो तुम्हें अब वो औरत दुर्गा दिख गई? तुम्हें अपने घर के पड़ोसी पर तो रहम नहीं आती,तो इस चार बच्चे वाली पर रहम कैसे आ गई? क्या इसलिए कि वो मुस्लिम देश, तुम्हारे दुश्मन के घर से भाग के आई है? अरे मूर्खों दुश्मन के घर का कोई भी दुश्मन ही हुआ न?
अच्छा तो तुम इसे बदला लेना समझ रहे हो क्या? अगर ऐसा है, तो चुलूभर पानी में डूब मरना अच्छा होगा! नहीं तो गद्दर वाले तारा सिंह जैसे देश में घुसकर लाओ किसी को वो भी रितिरिवाज से तब। वरना एक तुम्हारे टटू बाबू के वासना के शिकारी को देश में रखकर बड़का तीर मारना समझते हो? जिस देश से ये गद्दारी की है तो क्या वो माफ़ कर देंगे? क्यों करेंगे जब तुम अपने देश से किए गद्दार को नहीं छोड़ते?
मतलब तुम किसी अब्दुल के पास नहीं जाओगे, तो फिर इस अब्दुलीन को क्यों शरण दे दिए। मैं नहीं कहता की किसी औरत को शरण देना गलत है। यही तो हमारे धर्म का बड़ापन किसी को शरण देना। हा,लेकिन अपने ही देश के बेटियों के लिए ये भूल कैसे जाते हो? जब वो किसी से प्रेम कर बैठे, दूसरे जात में शादी करले तो जीते जी काट देते हो ,जला देते हो? तब तुम्हें अपनी बेटी नजर नहीं आती। तुम्हारे ही देश में कोई लड़का खुलेआम किसी बेटी की इज्जत लूट लेता है, तुम्हारी सिस्टम एक पीड़िता को गए रात को पेट्रोल डालकर जला डालती है,तब तुम सबको साप सूंघ जाता है?कॉमेंट पढ़ें

04/09/2022

सच को तमीज़ आती, तो सच्चे लोग बदनाम नहीं होते। देखो झूठ को, तमीज़ से पेश आता है, तो सच कहलाता है। हम बदनाम हैं कि हमें तमीज़ नहीं आती। --Natakwala

बदनाम=सच, तमीज=झूठ



21/08/2022

Address

Patna

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when KahaniGhar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The School

Send a message to KahaniGhar:

Shortcuts

Share

Category