Rajnikant fauji

Rajnikant fauji music �����

23/09/2023
04/07/2023

खो गई वो...
चिट्ठियाँ...
जिनमें लिखने के सलीके छुपे होते थे , कुशलता की कामना से शुरू होते थे और
बड़ों के चरणस्पर्श पर ख़त्म होते थे!
और बीच में लिखी होती थी जिंदगी... नन्हें के आने की खबर , मां की तबियत का दर्द और पैसे भेजने का अनुनय। फसलों के खराब होने की वजह!
कितना कुछ सिमट जाता था
एक नीले से कागज में....
जिसे नवयौवना भाग कर सीने से लगाती और अकेले में आंखों से आंसू बहाती!
मां की आस थी , पिता का संबल थी , बच्चों का भविष्य थी , और गांव का गौरव थी ये चिट्ठियाँ!
डाकिया चिट्ठी लाएगा,
कोई बांच कर सुनाएगा,
देख देख चिट्ठी को,
कई कई बार छू कर चिट्टी को, अनपढ़ भी एहसासों को पढ़ लेते थे!
अब तो स्क्रीन पर अंगूठा दौड़ता है और अक्सर ही दिल तोड़ता हैं ,
मोबाइल का स्पेस भर जाए तो सब कुछ दो मिनिट में डिलीट होता है!
सब कुछ सिमट गया छै इंच में , जैसे मकान सिमट गए फ्लैटों में , जज्बात सिमट गए मैसेजों में , चूल्हे सिमट गए गैसों में, और इंसान सिमट गए पैसों में . .

साभार

11/04/2023

बेटियां आईएएस,पीसीएस बन रही है नाम रोशन कर रही है और लड़के , बूथ अध्यक्ष, कोषा अध्यक्ष बन कर होल्डिंग लगवा रहे है, 🤣😎🙏🙏

01/04/2023

IPL सीजन शुरूहो चुका है अब कुछ लोग 49 रूपये मे कारोड़ पती बनेगे

टूटा है  #किसान फिर भी उम्मीद पाली है.. #फसल पक गयी पर अभी घर में आना बाकी हैबादलो इस समय इस तरह न  #बरसो तुम.. क्योकि क...
20/03/2023

टूटा है #किसान फिर भी उम्मीद पाली है..
#फसल पक गयी पर अभी घर में आना बाकी है
बादलो इस समय इस तरह न #बरसो तुम..
क्योकि किसी की जमीन #गिरवी है तो किसी की बेटी की शादी है।।😔😔

कितने रंग समेटे हैं इस बेमौसमी बारिश ने अमीर पकौड़े खाने की सोच रहा है और गरीब जहर खाने की सोच रहा है..
20/03/2023

कितने रंग समेटे हैं इस बेमौसमी बारिश ने अमीर पकौड़े खाने की सोच रहा है और गरीब जहर खाने की सोच रहा है..

औरतें बिकीं तो तवायफ़ हुईं, 🥰💕🌹मर्द बिके तो दूल्हे बन गए।🌹💕🥰 दहेज प्रथा
18/03/2023

औरतें बिकीं तो तवायफ़ हुईं, 🥰💕🌹

मर्द बिके तो दूल्हे बन गए।🌹💕🥰 दहेज प्रथा

आजकल के लड़के  #नौकरी लगने के तुरंत बाद शादी करके दुलहन को सीधे नौकरी पर ले जाते हैं तथा सारा पढ़ाई का कर्ज , खेती का काम...
04/03/2023

आजकल के लड़के #नौकरी लगने के तुरंत बाद शादी करके दुलहन को सीधे नौकरी पर ले जाते हैं तथा सारा पढ़ाई का कर्ज , खेती का काम सब झंझट माता पिता के पास छोड़ जाते हैं । वो सबसे पहले शहर में #प्लाट लेने की सोचते हैं तथा माता पिता की ओर कम ध्यान देते हैं जो बहुत दुखदाई है ।
#फेसबुक पर माता पिता को भगवान ज्यादा वो ही लोग लिखते हैं जिनके माता पिता दयनीय स्थिति मे होने के बाद भी उनसे आशा नही करते ।कभी वो लोग गाँव आते हैं तो अपनी जेब पैसा नही देने हेतु माता पिता से खेती , भैंस आदि की कमाई का हिसाब अपनी पत्नी के सामने लेते हैं तथा उन्हें बहुत सुनाते हैं ।पत्नी भी उनमें कमी निकालकर अपना धर्म पूरा करती है।
यह माजरा करीब 90% लोगों का है जो शहर मे लोगों को #जन्मदिन की पार्टी देकर अपनी झूठी शान का बखान करते हैं । वो अपने पत्नी बच्चों के अलावा किसी पर एक पैसा खर्च नही करते ।
क्या इस हालत मे #समाज_सुधार की ओर अग्रसर माना जा सकता है।गाँव के अधिकांश लोग इसी तरह दुःखी हैं क्योंकि उनको बच्चे की नौकरी के कारण #व्रद्ध_पैंसन भी नही मिलती।
मा बाप कितने सपने सजोकर उन्हें पेट काटकर पढाते हैं फिर नौकरी या तो लगती नही या लगने के बाद बेगाने होना दुःखद है।आजकल लड़को की नौकरी लगे या ना लगे घर का काम तो मरते दम बुढों को ही करना पडता है।बच्चों को पढ़ाने का मा बाप को यही पुरस्कार है जी।
जो लोग #शोसल_मीडिया पर बड़ी बडी बातें करते हैं तथा लोगों का आदर्श बने हुए हैं तथा बड़े पदों पर आशीन हैं उनमें से अनेक भी अपने रिशतेदारों , माता पिता के प्रति निष्ठुर भाव रखते हैं ।🙏🙏

16/01/2023

Nepal flight accident

https://youtu.be/m46kr8t3yFgआवता नाया साल राजा जी बेबी राज
18/12/2022

https://youtu.be/m46kr8t3yFg
आवता नाया साल राजा जी
बेबी राज

छुटी लेके आव तत्काल नाया साल में | Raj | Leke Aav Tatkal Naya Saal Me | Year Song►हमारे Bold Studio चैनल में आपका हार्दिक स्वागत है । अगर ...

माँ से ज्यादा इस विकट परिस्थितिय में भी भरोसा माँ का हि है,,जब भी ये तस्वीर सामने आती है मन तकलीफ से भर जाता है ।यह तस्व...
08/11/2022

माँ से ज्यादा इस विकट परिस्थितिय में भी भरोसा माँ का हि है,,
जब भी ये तस्वीर सामने आती है मन तकलीफ से भर जाता है ।यह तस्वीर प्रकृति के क्रूरतम सत्य में से एक है। पूरे हृदय में करुण रस का संचार करने की अद्भुत शक्ति है इसमें। दुःख ही इसका एकमात्र स्थाई भाव है। हृदयवादी कोई भी व्यक्ति इसे देखने के पश्चात ठिठक जाएगा।

जब पहली बार मैंने इस तस्वीर को देखा, तो बस ऐसे देखता ही रहा कुछ देर तक। बार-बार मेरी नजरें उस प्यारे छोटे बंदर के चेहरे पर जाकर टिक जा रही थीं। यह उत्सुकता बार-बार बनी रहे की इसके बाद का दृश्य क्या रहा होगा! प्रतिपल हृदय से यही प्रार्थना निकल रही थी, काश यह बच्चा बच जाए। ईश्वर कुछ चमत्कार करदें पता नही आगे क्या हुआ होगा, इस तस्वीर में, बच्चे के मुख पर दहशत और मासूमियत के मिश्रित भाव हैं, खून की एक बूंद बच्चे के पैर पर गिरी है। उसकी अपनी माँ पर पकड़ तीव्र है। इस विकट परिस्थिति में भी उसे अपनी माँ से ज्यादा भरोसेमंद कोई नहीं लग रहा।

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