06/07/2022
सत्यमेव परं मित्रं
स्वीकृते सति मानवे l
सत्यमेव परं शत्रुः
धिक्कृते सति मानवे।।
भावार्थ - यदि हम सत्य को स्वीकार करते हैं तो वह हमारा सबसे श्रेष्ठ मित्र बन जाता है, परंतु यदि हम सत्य का स्वीकार न करके धिक्कारते हैं, तो जीवन में आगे चलकर वही सत्य हमारे लिए परम शत्रु बन जाता है ।