14/08/2026
हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से है जिसने आज भी निषाद समाज के हक-अधिकार को दबाकर रखा है।
यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उस सोच और व्यवस्था के खिलाफ है जो वर्षों से हमारे समाज को उसके अधिकार, सम्मान और न्याय से वंचित करती आई है।
हम अपने हक और अधिकार के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते रहेंगे और जब तक निषाद समाज को उसका उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक हमारी आवाज बुलंद रहेगी।