अजब गज़ब Facts

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अजब गजब फैक्ट्स के माध्यम से हम आपके ल? हम लाते हैं सबसे सही और रोमांचक facts आपके लिए अजब गजब facts पेज पर |

22/08/2024

Arun Gawli's story is a dramatic one, filled with twists and turns. He rose to prominence in Mumbai's underworld during the time of Dawood Ibrahim, becoming a major challenger to his dominance. Gawli reportedly had the support of a powerful political figure, Bal Thackeray, but this alliance fractured when Gawli himself killed a Shiv Sena leader. His personal life also fueled tensions, as he married a Muslim woman, further straining relations with Dawood's gang. Despite his eventual notoriety, Gawli's life began far from the world of crime. Born into poverty, he started out as a simple laborer in a textile mill. However, his life took an unexpected turn, transforming him from a mill worker into a powerful don. He even managed to enter politics and become a legislator.

21/08/2024

Columbs ने नहीं Vikings ने खोजा था America

20/08/2024

दोस्तों, इस रहस्यमयी चेहरे के पीछे छुपा हुआ इंसान कौन था, जिसने पवित्र शहर यरूशलम के लिए सुल्तान सलाहुद्दीन के साथ लड़ाई लड़ी थी? मैं बात कर रहा हूँ ईसाइयों के सबसे बड़े योद्धाओं में से एक बैल्डविन 4 की, जिसकी गिनती सबसे होशियार और ताकतवर योद्धाओं में होती है।

बैल्डविन ने अपनी ज़िंदगी का ज्यादातर हिस्सा अपने राज्य को मुस्लिम सेनाओं से बचाने में लगा दिया, जिसमें कई बार उसका सामना उस वक्त के मुसलमानों के सबसे बड़े योद्धा सलाहुद्दीन अयूबी से भी हुआ। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि ईसाइयों का ये सबसे कामयाब और ताकतवर योद्धा अपने चेहरे को हमेशा चांदी के कवर से ढककर रखता था।

उसकी सल्तनत में रहने वाले आम लोगों को छोड़िए, उसके दरबार के दरबारी और उसके सबसे करीबी लोगों ने भी कभी उसका चेहरा नहीं देखा था। और साल 1185 में जब सिर्फ 24 साल की उम्र में इस बादशाह की मौत हुई, तो यरूशलम से ईसाइयों का राज भी हमेशा के लिए खत्म हो गया।

पर आखिरकार क्या वजह थी कि ये बादशाह अपने चेहरे को हमेशा चांदी के कवर से ढककर रखता था? और क्यों उसके सबसे करीबी लोगों और दरबारियों ने भी कभी उसके चेहरे को नहीं देखा था? और कैसे उसकी मौत के बाद यरूशलम से ईसाइयों का राज पूरी तरह खत्म हो गया?

17/08/2024

US Mexico War के बाद इन हिस्सों पर हो गया अमेरिका का कण्ट्रोल

15/08/2024

Who isn’t familiar with the name Bajaj today? And the famous 90s TV advertisement for the scooter "Hamara Bajaj" still lingers in our memories.

The Bajaj Group deals in a wide range of products, including automobiles, home appliances, electrical & electronic goods, and financial services.

But today, we won't be talking about the Bajaj Company itself; instead, we will focus on the founder of Bajaj.

A man who was counted among the wealthy elites but lived a lower-middle-class lifestyle. Despite being a great industrialist, he believed in living a simple and humble life.

Friends! In today’s video, we will talk about Seth Jamnalal Bajaj, who was born in a poor household but had a destiny of wealth.

Seth Jamnalal Bajaj, the man who established the vast empire of the Bajaj Group, was not just an industrialist but also a true patriot, freedom fighter, philanthropist, and social reformer. He was considered Mahatma Gandhi’s fifth son.

So, let’s dive into the details in this video and learn how Jamnalal, born in a poor family, became Seth Jamnalal Bajaj.

13/08/2024

17,000 से भी छोटे-छोटे द्वीपों से मिलकर बना इंडोनेशिया, दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम जनसंख्या का घर है। जहां एक समय हिंदू और बौद्ध साम्राज्य हुआ करते थे, आज वहां की 87% जनसंख्या मुस्लिम है।

पर एक समय में हिंदू और बौद्ध साम्राज्यों वाला यह देश आखिरकार कैसे एक मुस्लिम देश बन गया।

तो क्या मध्य पूर्व, उत्तर अफ्रीका और दक्षिण एशिया के देशों की तरह यहां भी जबरदस्ती लोगों का धर्म परिवर्तन कर दिया गया था?

या फिर किसी और तरीके से इस्लाम यहां तक पहुंचा और यहां का सबसे बड़ा धर्म बन गया।

‘A History of Islam in Indonesia’ के लेखक और किंग्स कॉलेज लंदन में पढ़ाने वाले डॉ. केरस्टन बताते हैं कि इंडोनेशिया में इस्लाम शांतिपूर्ण ढंग से आया था।

पर ऐसा क्या हुआ कि हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों ने इस्लाम को अपना लिया। इंडोनेशिया में इस्लाम का उदय कैसे हुआ इसका पूरा इतिहास जानेंगे आज के वीडियो में…

तो दोस्तों अगर आपको इतिहास के वीडियो देखना पसंद है तो अजाब गजब फैक्ट्स चैनल को सब्सक्राइब कर लें…
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इंडोनेशिया में 1st सेंचुरी AD में ही हिंदू धर्म की शुरुआत हो गई थी और 6th सेंचुरी AD तक यहां बौद्ध धर्म का प्रभाव भी देखने लगा था। इस समय इंडोनेशिया के छोटे-छोटे द्वीपों पर बहुत से हिंदू और बौद्ध साम्राज्यों का उदय और पतन हुआ।

सबसे पहले हिंदू यहां भारत से व्यापार मार्गों के जरिए पहुंचे क्योंकि भारत से चीन जाने वाले व्यापारियों को इंडोनेशिया से होकर ही गुजरना पड़ता था।

तभी से यहां हिंदू धर्म का प्रभाव बढ़ने लगा और हिंदू धर्म के राजाओं का राज शुरू हुआ। इसके बाद कुछ बौद्ध राजाओं ने भी यहां राज किया।

लेकिन 12th सेंचुरी AD में यहां इस्लाम का उदय हुआ और इस्लाम यहां का मुख्य धर्म बन गया। 14वीं सदी में इस्लाम को सुमात्रा में फैलाने का सबसे ज्यादा श्रेय सूफियों को जाता है। इंडोनेशिया की सिटी पासाई उस समय इस्लाम के प्रसार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गई थी।

अगर सूफियों को इंडोनेशिया में इस्लाम के प्रसार का सबसे ज्यादा श्रेय दिया जाए, तो यह गलत नहीं होगा क्योंकि जब भारत में तुर्क आए थे, तो वहां एक नई भाषा का जन्म हुआ था, वह थी उर्दू।

लेकिन इंडोनेशिया में जब सूफियों ने इस्लाम फैलाना शुरू किया, तो उन्होंने वहां की लोकल मलय भाषा को ही ट्रांसफॉर्म किया। उन्होंने उसमें नए अक्षर जोड़े, जिससे कुरान को समझना आसान हो गया।

अरबी और फारसी शब्दों ने भाषा को समृद्ध किया, जिसके चलते इंडोनेशिया के लोग इस्लाम से अच्छे से जुड़ गए और सामान्य माध्यम होने के कारण इस्लाम तेजी से फैल गया।

10/08/2024

15 अगस्त 1975 की रात शेख मुजीबुर रहमान ढाका में अपने घर पर अपने परिवार के साथ आराम कर रहे थे। तभी बांग्लादेशी सेना के कुछ लोग उनके घर में घुस आए और अचानक उनके पूरे परिवार पर गोलियां बरसाना शुरू कर दीं। इस हमले में बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान, उनकी पत्नी, उनके तीन बेटे और कई रिश्तेदार मारे गए। इस दर्दनाक घटना ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया। बांग्लादेश ने देश को आज़ाद कराने वाले अपने महान नेता और उनके परिवार को खो दिया था।

लेकिन उनके परिवार की दो बेटियां, शेख हसीना और शेख रेहाना, उस समय घर में नहीं थीं; वे जर्मनी में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही थीं। बाद में यही शेख हसीना बांग्लादेश की सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाली महिला प्रधानमंत्री बनीं। लेकिन 5 अगस्त 2024 को, 15 साल तक देश की प्रधानमंत्री रहने के बाद अचानक हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा। क्योंकि बांग्लादेश में एक बार फिर से तख्तापलट हो गया। साल 1975 में भी ऐसा ही तख्तापलट बांग्लादेशी सेना की तरफ से किया गया था और बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति की उनके घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी।

09/08/2024

Supreme Court ने मनीष सिसोदिया को bail देते हुआ कहा

08/08/2024

क्या आप जानते हैं? Texas पहले अमेरिका का हिस्सा नहीं था | इसे बाद में अमेरिका ने हासिल किया और साथ में मेक्सिको के कुछ हिस्से को भी अपने कब्जे में ले लिया |

06/08/2024

Mali Empire कैसे बन गया था अफ्रीका का सबसे अमीर साम्राज्य

03/08/2024





01/08/2024

पंजाब में इतनी बड़ी संख्या में लोग क्यूँ बन रहें हैं ईसाई








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